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प्रतिबंध के बावजूद पहुंच रहे है संदिग्ध, सरहदी क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने की दरकार

प्रतिबंध के बावजूद पहुंच रहे है संदिग्ध, सरहदी क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने की दरकार

जैसलमेर: सीमावर्ती जैसलमेर जिले के पोकरण फिल्ड फायरिंग रेंज में गत दिनों एक संदिग्ध व्यक्ति के पकड़े जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए. जांच में वह व्यक्ति हालांकि मानसिक विक्षिप्त निकला, लेकिन पूरी तरह से प्रतिबंधित क्षेत्र में आए दिन संदिग्ध व्यक्तियों के प्रवेश कर जाने से सुरक्षा व्यवस्था में सेंध अवश्य लग रही है. हालांकि पुलिस, सेना व सुरक्षा एजेंसियों की ओर से चौकसी करते हुए प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करते ही संदिग्धों को दस्तयाब कर लिया जाता है, लेकिन ये लोग सीमावर्ती जिले में किस प्रकार आते हैं और किस तरह इतने सुरक्षा बंदोबस्तों वाले प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश कर जाते हैं, यह एक पहेली बन गया है.  

सीमावर्ती जिले में पूर्व में भी संदिग्ध गतिविधियां हो चुकी: 
गौरतलब है कि जिलेभर में सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद करने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इन दावों की पोल ऐसे संदिग्ध व्यक्तियों के प्रवेश से खुलती नजर आ रही है. जिन पर अंकुश लगाने की आवश्यकता है. पोकरण फिल्ड फायरिंग के साथ जिले के नाचना, नोख, मोहनगढ़, रामगढ़ सहित सीमावर्ती थानाक्षेत्र बाहरी लोगों के लिए प्रतिबंधित है. यहां बाहरी व्यक्ति को प्रवेश से पूर्व इलाके के उपखण्ड मजिस्ट्रेट से इजाजत लेनी पड़ती है. बिना इजाजत प्रवेश करने पर उन्हें गिरफ्तार करने की कार्रवाई के लिए कानून बने हुए हैं. नियमों, कानून व प्रतिबंध के बावजूद आए दिन क्षेत्र में संदिग्ध लोगों का आगमन होता है और वे बिना किसी रोकटोक क्षेत्र में घूमते हैं. सीमावर्ती जिले में पूर्व में भी संदिग्ध गतिविधियां हो चुकी हैं. कई बार जासूसी प्रकरणों में लिप्त लोगों को पकड़ा गया है, तो कुछ लोगों को प्रतिबंधित सेटेलाइट फोन के साथ भी पकड़ा गया है. ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां सतर्कता के साथ कार्य करती है. बावजूद इसके आए दिन संदिग्ध गतिविधियों, व्यक्तियों के प्रतिबंधित क्षेत्रों में आने की घटनाएं हो रही है. हालांकि पुलिस का कहना है की हम हर समय अलर्ट है. सभी सुरक्षा एजेंसियों से हमारा तालमेल रहता है.  

निवासी को भी लेनी होगी अनुमति: 
जैसलमेर जिले के कई गांव ऐसे भी है जो प्रतिबंधित क्षेत्र में शामिल है. यहां आने के लिए बाहरी व्यक्ति ही नहीं, बल्कि जैसलमेर जिले के नागरिकों को भी आने के लिए अनुमति लेनी पड़ती है. क्षेत्र में जैसलमेर जिले के आठ थाना क्षेत्रों के करीब तीन सौ गांव आते हैं. एसडीएम, संबंधित थाना, पुलिस अधीक्षक व तहसीलदार से सत्यापन होने के बाद उस शख्स को प्रतिबंधित थाना क्षेत्र में जाने की अनुमति मिलती है, जो अधिकतम 15 दिन तक के लिए होती है. अवधि बढ़ाने पर फिर अनुमति लेनी पड़ती है. 

प्रमुख वारदातें-
- चांधन के सोजियो की ढाणी में पकड़ा गया जासूस
- पोकरण में खेतोलाई के पटवारी को जासूसी के आरोप में किया गिरफ्तार
- पोकरण में सेटेलाइट फोन के साथ तीन विदेशी नागरिक पकड़े

प्रतिबंधों का यह बंधन: 
- क्रिमिनल संशोधन एक्ट 1996 के तहत अधिसूचित थाना क्षेत्रों में किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश के लिए अनुमति लेना अनिवार्य है.
- जैसलमेर में 2008 में बोर्डर को बेचने के मामले के बाद इस कानून को सख्त किया गया है.
- बिना परमिशन मिलने पर व्यक्ति के खिलाफ पुलिस कार्रवाई कर सकती है. 

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जैसलमेर: पिछले साल राजस्थान ही नहीं बल्कि कई राज्यों में तबाही की स्याह दास्तां लिखने के बाद पिछले करीब दो माह में पाकिस्तान से टिड्डियों के लाखों की तादाद में आए झुंड भारत मे घुस कर एक दर्जन राज्यों में फसलों को बर्बाद करने में लगे हैं. इनके आंतक के खात्मे के लिए सरकार अब जमीन के बजाए आसमान से करने जा रही है. किसानों पर कहर बरपा रहे हवाई आतंक पर अब एयर स्ट्राइक के जरिए ही काबू पाने की तैयारी है. टिड्डियों पर अब हेलिकॉप्टर के जरिए कीटनाशक का छिड़काव किया जाएगा. टिड्डियों के खात्मे के लिए माउटेंड स्प्रेयर ट्रैक्टर, ड्रोन के बाद अब हेलीकॉप्टर की मदद ली जा रही है. इसके केहर आज एक हेलीकॉप्टर जैसलमेर पुलिस लाइन मैदान हेलीपेड पर उतरा जैसलमेर के सीमावर्ती क्षेत्रों में हेलीकाप्टर से छिड़काव किया. 

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60 दिन में इसकी 100 घंटे की उड़ान अनिवार्य:  
निजी हेलिकॉप्टर एक बार में महज 250 लीटर कीटनाशक का स्प्रे सिर्फ 50 हेक्टेयर क्षेत्र में ही कर सकता है. इसमें पायलट के नीचे दोनों तरफ स्प्रे करने की सुविधा है. कंपनी से हुए करार के तहत 60 दिन में इसकी 100 घंटे की उड़ान अनिवार्य है. इससे पहले एक हेलिकॉप्टर बाड़मेर के उत्तरलाई एयरबेस पर तैनात है. वहीं आज जैसलमेर में हेलीकाप्टर को तैनात किया गया है. जरूरत के आधार पर इसे बाड़मेर के साथ ही जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर और नागौर जिलों में टिड्‌डी नियंत्रण के लिए काम में लिया जाएगा.

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40 मिनट में 750 हेक्टेयर क्षेत्र में 800 लीटर कीटनाशक का छिड़काव: 
वहीं दूसरी तरफ टिडि्डयों के सफाया के लिए अब इंडियन एयरफोर्स मदद के लिए आगे आया है. एयरफोर्स ने अपने तीन एमआई-17 हेलिकॉप्टरों को मॉडिफाइड कर टिड्‌डी पर स्प्रे करने को तैयार कर दिया है. ये हेलिकॉप्टार महज 40 मिनट में 750 हेक्टेयर क्षेत्र में 800 लीटर कीटनाशक का छिड़काव कर देगा. इन तीन में से एक हेलिकॉप्टर को जोधपुर एयरबेस पर तैनात किया जाएगा. यहां टिड्‌डी दलों के भारतीय सीमा में प्रवेश करते ही ये हेलिकॉप्टर हमला करने को उड़ान भरेगा. आज शाम तक जैसलमेर पहुंच जायेंगे.  

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जैसलमेर: पाकिस्तान की चाल को लेकर प्रदेश चौकन्ना हो गया है. पाकिस्तानी खूफिया एजेंसी के लोगों की ओर से फोन व मेल के माध्यम से देश की सुरक्षा से संबंधित जानकारी एकत्र करने के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदेश में एडवायजरी जारी की गई है. सभी सरकारी अधिकारियों, सुरक्षा से जुड़े लोगों व बड़े प्रतिष्ठानों के लिए जारी की गई एडवायजरी में सेना व सुरक्षा संबंधी किसी भी तरह की जानकारी फोन पर नहीं देने के निर्देश दिए गए हैं. इस तरह का कोई भी प्रयास सामने आने पर स्थानीय पुलिस थाने के साथ इंटेलिजेंस को भी सूचना देनी होगी. इंटेलिजेंस तकनीकी आधार पर मामले की जांच करेगी.

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पाकिस्तान की तरफ से आने वाले फोन का नंबर भारतीय दिखता है: 
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की इस तरह की करतूत के प्रदेश में हर वर्ष औसतन चार मामले सामने आ रहे हैं. इंटेलिजेंस की ओर से जारी एडवायजरी में कहा गया है कि पाकिस्तानी खुफिया कार्मिकों की ओर से स्वयं को भारतीय रक्षा, खुफिया व केन्द्रीय सशस्त्र बल का अधिकारी बताकर फर्जी नंबरों का उपयोग करते हुए संवेदनशील एवं सामरिक महत्व की सूचना को एकत्र करने के लिए विभिन्न रक्षा व केन्द्रीय सशस्त्र बलों व संवेदनशील संगठनों को कॉल किए जा रहे हैं. जानकारी प्राप्त करने के लिए दोस्ताना व्यवहार किया जाता है. खास बात यह है कि कॉल के दौरान पाकिस्तान की तरफ से आने वाले फोन का नंबर भारतीय दिखता है. सभी सरकारी कार्यालयों, रेलवे स्टेशन, डाकघर, राजस्व विभाग, पुलिस थानों के साथ स्थानीय स्तर के कार्मिक तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पटवारी, ग्राम सेवक सहित संवेदनशील कर्तव्य से जुड़े सभी सरकारी कार्मिकों को सतर्क रहने को कहा गया है. इसके अलावा क्षेत्र के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, तेल व गैस आदि प्रतिष्ठानों के प्रबंधकों से सम्पर्क करने को कहा गया है, जिससे वे अपने कार्मिकों को भी सतर्क कर सके. 

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सूचनाएं बगैर पुष्टि किए नहीं मुहैया करवाने की सलाह: 
राजस्थान के अतिरिक्त महानिदेशक इंटेलीजेंस ने राज्य के सभी रेंज के पुलिस महानिरीक्षक एवं जिला पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर पाकिस्तान की तरफ से सीमा पार से आने वाले कॉल के संबंध में एहतियात बरतने एवं किसी प्रकार की सूचनाएं बगैर पुष्टि किए नहीं मुहैया करवाने की सलाह दी है. सूत्रों के अनुसान वर्तमान परिस्थितियों में देश की सीमाओं पर चल रहे हालातों के मुद्वेनजर पाकिस्तानी खुफिया ऐजेन्सी आई.एस.आई खासकर राजस्थान के सीमावर्ती ईलाकों में देश की सामरिक एवं गोपनीय सूचनाएं जुटाने के लिए लगातार जोरदार प्रयास किए जा रहा है. इसके तहतं सीमा पार से आई.एस.आई द्वारा किए जा रहे फोन कॉल, सोशल मीडिया, हनी ट्रैप एवं अन्य तरीकों के जरिए सूचनाएं जुटाने को अत्यंत गंभीर मानते हुए पत्र लिखने के दिशानिर्देश दिए, ताकि सीमा पार से आने वाले कॉल के संबंध में कोई सामरिक सूचनाएं सीमा पार न जा सके. वर्तमान में सीमाओं पर तना-तनी का माहौल हैं ऐसे में सीमा पार पाकिस्तान आई.एस.आई द्वारा सीमा पार से फेक नाम से फोन कॉल कर देश की गोपनीय सामरिक सूचनाएं जुटाने की भरसक कोशिश की जा रही है. 
 

टायर फटने से बारात की कार पलटने का मामला, दुल्हन की भी हुई मौत, दूल्हे की हालत गंभीर

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जैसलमेर: सरहदी जैसलमेर जिले में बुधवार को चुंधी गांव से शादी के बाद दुल्हन को लेकर लौट रही कार बोआ गांव के समीप टायर फटने से पलटी खा गई. इस हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि दूल्हा-दुल्हन गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें इलाज के लिए जोधपुर रैफर किया गया. जोधपुर में देर रात इलाज के दौरान दुल्हन सुशीला की मौत हो गई. जबकि दूल्हे की स्थिति गंभीर बनी हुई है. 

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आठ किलोमीटर पहले कार का अगला टायर फट गया:   
बोआ गांव निवासी ओमप्रकाश की बारात चुंधी गांव गई थी. वहां सुशीला के साथ शादी संपन्न होने पर दूल्हा-दुल्हन सहित तीन अन्य एक कार से वापस अपने गांव बोआ लौट रहे थे. आठ किलोमीटर पहले कार का अगला टायर फट गया. तेज रफ्तार के कारण कार बेकाबू हो गई और कई पलटी खा गई. दूल्हा-दुल्हन सहित उसमें सवार पांच जने अंदर फंस गए. बारात के साथ लौट रहे अन्य वाहनों से उतरे लोगों ने बड़ी मुश्किल से अंदर फंसे पांचों को बाहर निकाला. तब तक चंपाराम व तोगाराम की मौत हो चुकी थी. तीनों घायलों को अस्पताल ले जाया गया. 

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दुल्हन सुशीला को भी नहीं बचाया जा सका:
जैसलमेर में इलाज के दौरान गोविन्दराम की भी मौत हो गई. जैसलमेर में प्राथमिक उपचार के पश्चात दूल्हा ओमप्रकाश व दुल्हन सुशीला को इलाज के लिए जोधपुर लाया गया. जोधपुर में देर रात इलाज के गंभीर रूप से घायल सुशीला को भी नहीं बचाया जा सका. जिससे पुरे गांव में जहा शादी की खुशी छाई हुई थी वहा मातम छा गया. 

खेत पर दुखद हादसा, करंट लगने से एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत

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रामदेवरा(जैसलमेर): विरमदेवरा गांव में एक कृषि कुंए (ट्यूबवेल) पर कार्य करते वक्त करंट लगने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई. जिसमें एक महिला व दो पुरुष शामिल हैं. घटना सूचना मिलते ही रामदेवरा पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया. आज तीनों शवों का पोस्टमार्टम होगा. 

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पूरे रामदेवरा में फैली सनसनी:  
बिजली के करंट से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की दर्दनाक मौत होने ग्रामीण भी गहरे सदमे हैं. करंट से हुई घटना से पूरे रामदेवरा में सनसनी फैल गई. दर्दनाक हादसे में विरमदेवरा गांव निवासी हरचंद राम पुत्र जुगता राम, इन्द्रा राम पुत्र जुगता राम व मधु पत्नी इन्द्रा राम की हादसे में मौके पर ही करंट से दर्दनाक मौत हुई.  

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चीन की पाक सीमा से भारत को घेरने की कोशिश, पश्चिमी सीमा के पास बिछाया सड़कों का जाल, एयरपोर्ट भी बनाए

चीन की पाक सीमा से भारत को घेरने की कोशिश, पश्चिमी सीमा के पास बिछाया सड़कों का जाल, एयरपोर्ट भी बनाए

जैसलमेर: लद्दाक क्षेत्र से लगती सीमा पर चीन लगातार भारत को आंख दिखाने की की हिमाकत करने के साथ लगातार भारतीय क्षेत्र घुसपैठ करने की नापाक कोशिश कर रहा हैं, लेकिन अब चीन ने पाकिस्तान की सीमा से भारत को पश्चिमी सीमा पर भी घेरने की जोरदार कोशिशे शुरु कर दी हैं. पाकिस्तान के रास्ते चीन की इस घेराबंदी में चाइना पाकिस्तान कॉरिडोर के जरिये पश्चिमी सीमा के निकट सड़को का जाल बिछा रहा हैं वरन जैसलमेर से लगती सीमा के सामने सीमा पार चल रहे तेल गैस के खोज कार्यो में अपने विशेषज्ञों को बैठा दिया हैं. इसके अलावा पश्चिमी सीमा के सामने कई नये एयरपोर्ट बनाये जाने की संभावना मिली हैं जिसमें कादनवाली प्रमुख रुप से शामिल हैं. 

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भारतीय खुफिया व सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का सबब: 
पश्चिमी सीमा पर अवस्थित जैसलमेर जिले से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा के उस पार पाकिस्तान में सामरिक महत्व के निर्माण कार्य करवाया जाना निश्चित तौर पर भारतीय खुफिया व सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का सबब है. सूत्रों के अनुसार जैसलमेर जिले के ठीक सामने पाकिस्तान के सीमा क्षेत्र में चीन की कंपनियां पिछले लम्बे अर्से से तेल-गैस खोज के काम में जुटी हुई हैं और वहां चीनी इंजीनियर व तकनीशियन ही काम नहीं कर रहे बल्कि चीन के सुरक्षा गार्ड भी तैनात बताए जाते हैं. यहां मिल रही जानकारी के अनुसार चीन की मदद से पाकिस्तान ने इस सीमा क्षेत्र में चार एयरपोर्ट का निर्माण कर लिया है तथा करीब 350 बंकर बनाए जा चुके हैं.

बड़ी संख्या में चीन की मौजूदगी हमारी सुरक्षा के लिए खतरा: 
पाकिस्तान की यह जंगी तैयारियां जैसलमेर के लोंगेवाला और तनोट सीमा क्षेत्र के सामने करवाए जाने की जानकारी मिल रही है. पूर्व में पाकिस्तान 1965 और 1971 में इस पश्चिमी सीमा पर भारत के साथ युद्ध छेड़ चुका है. दोनों में उसे मुंह की खानी पड़ी थी. अब चूंकि चीन के साथ भारत के संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं. ऐसे में भारत पश्चिमी राजस्थान के इस सीमा क्षेत्र को लेकर कतई निश्चिंत होकर नहीं बैठा है. देखा जाए तो कई सालों से सूनसान पड़े रेगिस्तान में चीन की दिलचस्पी और सामरिक ठिकानों को बनाने की ये कोशिश भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए हैरान-परेशान करने वाली है.  वहीं ये भी जानकारी मिली है कि कराची, जकोकाबाद, क्वेटा, रावलपिंडी, सरगोडा, पेशावर, मेननवाली और रिशालपुर जैसे एयरबेस को चीनी सैनिक अत्याधुनिक बना रहे हैं.  बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के पूर्व डीआईजी ब्रिगेडियर बी.के. खन्ना का इस बारे में कहना है कि भारत को पाकिस्तान नहीं बल्कि चीन को ध्यान में रखकर पश्चिमी सीमा पर तैयारी करनी चाहिए क्योंकि इस इलाके में बड़ी संख्या में चीन की मौजूदगी हमारी सुरक्षा के लिए खतरा है. 

पाकिस्तान की जमीन पर चाईना ने एयरपोर्टो का जाल बिछाना शुरु कर दिया: 
असल में चीन अंडर स्ट्रेन्गि ऑफ पल्स के जरिये लद्दाक के बाद पश्चिमी सीमा से भारत की घेराबंदी में लग गया हैं. चाईना ना केवल पाकिस्तान को टेंक, हवाई जहाज, रेडार आदि अन्य कई साजो सामान मुहैया करवा रहा हैं. अब वह पाकिस्तान के साथ मिलकर जैसलमेर बीकानेर आदि से लगती पश्चिमी सीमा पर अपने सामरिक स्थिति भी मजबूत करने में लगा हुआ हैं. पिछले कुछ माह में पाकिस्तान की जमीन पर चाईना ने एयरपोर्टो का जाल बिछाना शुरु कर दिया हैं. इससे तेल गैस के वैज्ञानिको को लाने ले जाने का नाम दिया जा रहा हैं लेकिन इसके पीछे एक सोची समझी साजिश युद्ध के समय करने की समझी जा रही हैं. हाल ही में चीन ने बाड़मेर के मुनाबाव के सामने सीमा पार व जैसलमेर के शाहगढ़ बल्ज के सामने कादनवाली क्षेत्र में नये एयरपोर्ट बनाये हैं. इसके अलावा गुजरात के सामने सीमा पार मीठी क्षेत्र में भी नया एयरपोर्ट बन रहा हैं व चाईना पाकिस्तान कोरीडोर के नाम पर कई रेल लाईन व सड़को का जाल बिछाने की पश्चिमी सीमा पर कोशिशे की जा रही हैं. 

पाकिस्तान की सीमा पर चीन की बड़ी कंपनियों का कब्जा:
बताया जाता हैं कि चीन ने भारत से लगती पाकिस्तान सीमा में तीस हजार करोड़ से ज्यादा इनवेस्टमेंट कर रखा है. चीन अपनी कंपनियों को पनपाने और बचाने के लिए पाकिस्तान के अंदर अपना खुद का इलाका बना लिया है जहां पाकिस्तानी भी बिना पूछे नही जा सकते हैं. राजस्थान से लगती 1025 किमी. की सीमा पर चीन की तीस से ज्यादा कंपनियां तेल और गैल के खोज के अलावा कंस्ट्रक्शन के कामों में लगी है. भारत से लगती पाकिस्तान की सीमा पर चीन की बड़ी कंपनियों का कब्जा है. इन कंपनियों में चीन की बड़ी सरकारी चाईना नेशनल इंजीनियरिंग कंपनी, चाईना जी.एस. भी शामिल है. चीन थार के रेगिस्तान में अपना सबसे बड़ा तेल और गैस का प्रोजेक्ट चला रहा है. यहां तक कि चाईना पाकिस्तान इकोनोमिक कोरिडोर का एक हिस्सा बार्डर के इलाके से हीं गुजरता है जिस पर चीन करीब अबतक 100 बिलियन डालर खर्च कर रहा हैं. 

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चीन को जबरदस्त तेल के भंडार मिले:
जैसलमेर के तनोट लोंगेवाला क्षेत्र से लगती अंतर्राष्ट्रीय सीमा के सामने सीमा पार भारतीय सीमा से महज 7-8 किलोमीटर अंदर पाकिस्तान के घोटकी और रहमियार खान जिले में चीन को जबरदस्त तेल के भंडार मिले हैं, जहां चाईनीज कंपनी की मदद से  भारी मात्रा में तेल का उत्पादन किया जा रहा हैं. इस क्षेत्र में 2500 चाईनीज विशेषज्ञों तेल के उत्पादन में लगे हुए हैं. इस संबंध में उच्चाधिकारिक सूत्रों ने इसकी पुष्टि करते हुवें बताया कि जैसलमेर के लोंगेवाला क्षेत्र से लगती अंतर्राष्ट्रीय सीमा के सामने सीमा पार पाकिस्तानी क्षेत्र में पाकिस्तानी आयॅल कंपनी ने चाईनीज तेल कंपनी की मदद से सीमा से 8 से 10 किलोमीटद तेल के जबरदस्त भंडारो को खोजकर उत्पादन कर रहा है. इन इलाकों में चाईनीज गतिविधियां साफ नजर आती है. इसके अलावा सीमा के निकट पाकिस्तानी में  मेघानभीट, चैकी, शॉन तौरुजी भीट, खिप्रो, मेथी, इस्लामकोट मीर, सांगद, थारपारकर, बदीन, शाहगढ़ बुर्ज, नाचना क्षेत्रों में चीना कंपियां जबरदस्त तेल और गैस का उत्पादन कर रही है.  इन इलाकों में 30 कंपनियां थार के रेगिस्तान में गैस खोजने में लगी है.  इन इलाकों में 40 से 50 ताल और गैस के कुएं चाईना की मदद से चल रहे हैं. खोज कार्यो में लगी रिंगस की ऐविशियेन लाईटें काफी दूर से सीमा पर नजर आती. इस क्षेत्र में करीब 850 से ज्यादा विशेषज्ञ व अन्य कार्मिक लगे हुए हैं.

जैसलमेर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, करीब 35 लाख रुपए के डम्पर चोरी का पर्दाफाश 

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जैसलमेर: प्रदेश के जैसलमेर जिले की सदर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 35 लाख रुपए के डम्पर चोरी का पर्दाफाश किया है. भारत माला प्रोजेक्ट में लगे में बरमसर क्रेशर लगा डम्पर जहां रोड़ बनाने के लिए कन्करीट और जीएसबी के लिए क्रेशर लगा रखा था तीन दिन पूर्व चोरी हो गया था. जिस पर पुलिस थाना सदर जैसलमेर में चोरी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की. मामले की गम्भीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक जैसलमेर डाॅ. किरन कंग सिद्धू के आदेशानुसार थानाधिकारी पुलिस थाना सदर भवानीसिंह के नेतृत्व में टीम गठित कर मामले को तुरन्त खुलासा कर अज्ञात चोरों को गिरफ्तार किया. 

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मुखबीर की सूचना पर हुई कार्रवाई:
थानाधिकारी पुलिस थाना सदर भवानीसिंह नेतृत्व में टीम द्वारा अज्ञात चोरों की तलाश सरगरमी से की गई. उस दौराने शहर में लगे विभिन्न सीसीटीवी कैमरों को खंगाले गया.  मुखबीरों को आवश्यक निर्देश दिए. संदिग्ध चोरों से पुछताछ की और टीम द्वारा थाना हल्का क्षेत्र एवं जिले के अन्य थानों में चोरों की तलाश की गई. टीम द्वारा जिला बाड़मेर, जोधपुर में चोरों की तलाश की गई. मुखबीर से जानकारी मिली की एक व्यक्ति चोरी हुए गाडी डम्पर को बेचने की फिराक में खरीदने वाले ग्राहक की तलाश कर रहा है जो जोधपुर शहर में है जिस पर टीम द्वारा मुखबीर की सूचना पर नाकांबंदी की गई.

तीन आरोपी गिरफ्तार:
इस दौरान सांगरिया फांटा से चोरी हुए डम्पर के हुलिया का आता हुआ दिखाई दिया जिसको टीम द्वारा रूकवाकर उसमें बैठै व्यक्ति को नाम पता पुछा तो अपना नाम रेंवतसिंह राजपुत को दस्तयाब कर उसके कब्जे से चोरी हुआ डम्पर बरामद किया गया. टीम द्वारा अभियुक्त रेवतसिंह से गहन पुछताछ की गई तो उसने अपने दो मित्र रमणसिंह सिपला और मोतीराम पुत्र जगराम कपुरिया के साथ मिलकर घटना को अन्जाम देना स्वीकार किया जिस पर पुलिस टीम द्वारा रेंवतसिंह, रमणसिंह और मोतीराम को गिरफ्तार कर चोरी हुआ डम्पर जिसकी बाजार कीमत लगभग 35 लाख रुपए है यह रिकवरी अपने आप में इस जिले की इस साल की सबसे बडी रिकवरी है.तीनों चोरों द्वारा इसके अलावा जिले अन्य थाना हल्का में की गई चोरियों की वारदात को स्वीकार किया. चोरों से पूछताछ जारी है, ओर भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.

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जैसलमेर में पर्यटन व्यवसाय की दुकाने पड़ी सुनी, लाखों का हो रहा नुकसान

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जैसलमेर: पर्यटननगरी के नाम से मशहूर जैसलमेर के पर्यटन व्यवसाय को विश्वव्यापी महामारी कोरोना के चलते सर्वाधिक नुकसान पहुंचने की आशंका गहराने लगी है. पर्यटन क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि जब तक कोरोना के उपचार की वैक्सीन सर्वसुलभ नहीं हो जाती तब तक जैसलमेर में पर्यटन को राहत मिलना संभव दिखाई नहीं देता.

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10 हजार से ज्यादा लोगों के सामने आजीविका का संकट: 
जैसलमेर के होटल व्यवसायी और सम के रिसोर्ट्स संचालकों से लेकर पर्यटन से सीधे जुड़े 10 हजार से ज्यादा लोगों के सामने आजीविका का अपूर्व संकट इस महामारी ने खड़ा कर दिया है. उन्ही में से हेंडीक्राफ्ट दूकान व्यवसाइयो को भारी परेशानी खड़ी हो गई है. 

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लाखों रुपये का सामान दुकानों में धूल फांक रहा:
लाखों रुपये का सामान दुकानों में धूल फांक रहा वही हेंडीक्राफ्ट दूकान व्यवसाइयो के कर्ज के तले दब रहे है दूकान का किराया, बिजली और घर चलाना मुश्किल हो रहा है. करोड़ों रुपए के विदेशों के ऑर्डर पहले ही निरस्त हो चुके थे, साथ ही देश में कोरोना के प्रवेश के साथ ही स्थानीय व्यापारियों ने हाथ खड़े कर दिए. 

सीमावर्ती गांवों में तूफान ने मचाई तबाही, 30 से अधिक कच्चे-पक्के मकान गिरे

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जैसलमेर: जिले के सीमावर्ती गांवों में आसमान से आफत बरसी और तेज तूफान ने इन गांवों के लोगों को भारी नुकसान पहुंचाया. दिनभर बादलों की आवाजाही के बीच एकाएक तूफान ने सीमावर्ती गांवों को अपनी चपेट में ले लिया. यहां के लोग बताते हैं कि ऐसा तूफान पहले नहीं देखा, हवा की गति बहुत तेज थी और साथ में बारिश शुरू हो गई. ग्रामीण संभलते उससे पहले ही उनके आशियाने उड़ने लगे और लोगों ने तूफान में बड़ी मुश्किल से जान बचाई और पूरी रात दहशत में होने के बाद यहां के लोगों ने राहत की सांस ली. 

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बिजली के पोल भी धराशायी हो गए: 
जैसलमेर जिले के सीमावर्ती गांव करड़ा, पोछीणा, गुंजनगढ़, दव, मूलसिंह की ढाणी, सोहनसिंह की ढाणी आदि गांवों में बारिश के साथ आए तेज अंधड़ से घरों की दीवारें गिर गई. इस दौरान बिजली के पोल भी धराशायी हो गए. तेज अंधड़ के कारण कच्चे-पक्के मकान, बिजली के पोल आदि पल भर में धराशायी हो गए. लोगों के कच्चे-पक्के मकान बिखर गये. ग्रामीणों पर कुदरत का कहर ऐसा टूटा कि इनके आशियाने मलबे में तब्दील हो गए. गनीमत रही कि कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ. तूफान से कच्चे-पक्के मकानों को भारी नुकसान हुआ हैं और इन गांवों में लगभग प्रत्येक मकान को नुकसान हुआ हैं.

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पेड़-पौधे भी जड़ों समेत उखड़ गए:
ग्रामीणों ने बताया कि तूफान से बिजली के पोल व पेड़-पौधे भी जड़ों समेत उखड़ गए.  स्थानीय बाशिन्दों ने जिला प्रशासन से करड़ा, पोछीणा, गुंजनगढ़, मूलसिंह की ढाणी, सोहनसिंह की ढाणी, दव आदि गांवों में तूफान से हुए नुकसान का सर्वे करवाकर मुआवजा राशि दिलाने की मांग की है. कहां कितना नुकसान करड़ा में 20 मकान गिर गए है, पोछीना में 7 व गूंजनगढ़ में 5 मकानों को भारी नुकसान हुआ है. बिजली के खंभे बिंजराज का तला से लेकर पोछीना, सोनाहसिंह की ढाणी, कूंपसिंह की ढाणी, करड़ा व गूंजनगढ़ तक 25 किमी सारे बिजली के खंभे चकनाचूर हो गए है. भेड़-बकरियां भी पत्थरों के नीचे दबने से मर गई है. ग्रामीणों का भारी नुकसान हुआ है. 

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