Tea Special: अपने मेहमानों को जरुर पिलाइए ये खास किस्म की चाय, पसंद आएगा जायका...

Tea Special: अपने मेहमानों को जरुर पिलाइए ये खास किस्म की चाय, पसंद आएगा जायका...

जयपुरः क्या आप जानते है कि चाय की खोज कैसे हुई है. असल में एक चीनी राजा शेन निंग खाना खाने के बाद गर्म पानी पीते थे और एक दिन पानी में कुछ चाय की पत्तियां गिर गई थी और इसका रंग बदल गया था. जब राजा ने ये पानी पिया तो उनकी थकान उतर गई थी और यहीं से हुई थी चाय की शुरुआत. गौरतलब है कि दुनियाभर में 1500 से ज्यादा किस्म की चाय पाई जाती है और 75 प्रतिशत लोग काली चाय ही पीते हैं. भारत में इसे दूध डालकर पीया जाता है.

लोगों को चाय का इतना शौक होता है कि वे हर वक्त चाय पीने के लिए तैयार रहते है. यहां तक की दिन की शुरुआत ही बेड टी से करते है. वरना उन्हें नित्य क्रियाएं करने में काफी तकलीफ आती है. कुछ लोगों को खाने के तुरंत बाद या सोते वक्त चाय पीने की आदत होती है. जो कि गलत है. सामान्य तौर पर भारत में ही चाय के साथ दूध सर्व किया जाता है. वरना पूरी दुनिया में हर जगर काली चाय ही पी जाती है.

ऐसी ही कुछ और अलग-अलग तरह की चाय है, जो शायद ही आपने ट्राई की हों. तो जरुर जानिए की कैसे आप ये अलग-अलग तरह की चाय घर पर ही बना सकते हैं. इससे आप अपने स्पेशल गेस्ट्स की तारीफ पा सकती हैं और उनको स्पेशल फील भी करवा सकती हैं. तो जानते है अलग जगहों पर कैसे चाय को डिफरेंट स्टाइल में सर्व किया जाता है. 

-नून टीः ये उत्तरी भारत मुख्यतः कश्मीर में पीया जाने वाला एक पारंपरिक पेय है. इसकी खासियत ये है कि इसमें शक्कर की जगह नमक डाला जाता है. इतना ही नहीं दूध डालने पर इसका रंग गुलाबी हो जाता है. ये राजस्थान के कुछ स्थानों और नेपाल में भी मिलती है. 

- पेपरमेंट टीः इसके लिए गर्म पानी में पुदीने की पत्तियों को मिलाकर उबाला जाता है और इसकी खुशबू बहुत ही ज्यादा अच्छी होती है. ये बेहद ही स्वादिष्ट बोती है और पेट के लिए काफी अच्छी रहती है. कुछ लोग इसमें शहद मिलाकर भी पीते हैं.

- रोज टीः इसके लिए ताजा गुलाब की पत्तियों को चाय के साथ गर्म पानी में मिलाकर उबाला जाता है. कुछ लोग इसमें शहद भी मिलाकर पीते हैं. ये चेहरे और पेट के लिए काफी अच्छी होती है. 

- ओलोंग टीः ये चाय ना तो काली चाय की तरह हैवी होती है और ना ही ग्रीन टी की तरह लाइट. इसकी तुलना ताजे फलो-फूलों से की जाती है. इसमें काफी प्रचूर मात्रा में मैग्नीशियन, पोटेशियम, सेलेसियम और कॉपर आदि होता है. ये शरीर की चर्बी को खत्म करता है. 

- कैमोमाइल टीः ये एक खास किस्म की चाय होती है, जिसमें लीवर, पेट का दर्द, दस्त आदि को ठीक करने की क्षमता होती  है. ये महिलाओं में पीएमएस को कम करता है. इसके साथ ही अच्छी नींद लाने व अवसाद को कम करने में प्रभावी होती है.  

- ब्लैक टीः इससे तो आप सभी मुखातिब होंगे ही चाय की पत्तियों को गर्म पानी में उबाला जाता है और इसे बिना दूध के ही पिया जाता है.

- लैमन टीः इसके लिए चाय को पानी में उबालकर उसमें नींबू और चीनी मिलाकर पिया जाता है. इसे ठंडा और गर्म दोनों ही तरह पीया जा सकता है. 

- माचा टीः माचा टी ग्रीन टी के जैसी ही होती है, बस ये धूप के संपर्क में नहीं आती है. कुछ लोग इसे पावर्डेड ग्रीन टी भी कहते हैं. 

 

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