शिक्षक ने सहयोगी शिक्षका से किया अश्लील व्यवहार

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/12/26 09:33

भादरा(हनुमानगढ़)। शराब पीकर महिला शारीरिक शिक्षिका अनीता चौधरी के साथ अश्लील व्यवहार करने व धमकियां देने के आरोपित के समर्थकों व राजनैतिक दबाव के चलते देश रक्षा में लगे सैनिक की पत्नी शारीरिक शिक्षिका अनीता को व उसके पक्ष में गवाही देने वाले शिक्षकों को जिला शिक्षा अधिकारी ने बिना कोई कारण एपीओ करके शिक्षा विभाग व न्याय की गरिमा को ताक में रख दिया है।

गत 10 वर्ष से ग्राम श्योराटाडा में अपनी सेवाएं दे रही अनीता चौधरी के विरूद्ध विभाग व विद्यालय प्रशासन व ग्रामीणों को कोई शिकायत नहीं मिली थी किन्तु 2 अक्टूबर को इसी विद्यालय के शिक्षक सुभाषचन्द्र ने अनीता चौधरी के साथ शराब के नशे में अश्लील व्यवहार करने व शिक्षिका के विरोध करने पर गालियां निकालते हुए फरार हो जाने के बाद चले घटनाक्रम में प्रधानाचार्य व शिक्षा विभाग द्वारा कोई कार्यवाही न होने पर स्कूल प्रबंध कमेटी की हुई में पूरी घटना सही पाये जाने पर आरोपित शिक्षक ने प्रधानाचार्य के नाम प्रार्थना पत्र लिखकर अपनी गलती मानते हुए शारीरिक शिक्षिका अनीता चौधरी से माफी दिलवाने की मांग की। 

इससे पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर जांच करने वाले डाबड़ी विधालय के प्राचार्य जयवीरसिंह और सुरतपुरा की प्राचार्य शिखा राणा ने जांच में अध्यापक सुभाष को दोषी माना है। यह मामला कुछ शिथिल पड़ा तो 12 नवम्बर को आरोपित शिक्षक सुभाष ने विद्यालय में आकर महिला शिक्षिका को धमकी देनी शुरू कर दी उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता व शिकायत करने वालों को जान से हाथ धोना पड़ सकता है। इन धमकियों से घबराई महिला शिक्षिका अनीता ने शिक्षक सुभाषचन्द्र के विरूद्ध शराब पीकर अश्लील व्यवहार करने व धमकियां देने का मामला भादरा थाना में दर्ज कराया व इसके बाद दो जनों राजमल पुत्र पतराम, बुधराम पुत्र रामरख ने 17 नवम्बर को महिला शिक्षिका के मकान व पडोस में जाकर बदनाम करने की धमकियां देते हुए सुभाष के विरूद्ध दर्ज मामला वापस लेने व समझौता करने की धमकियां देने लगे। इस घटना को लेकर शिक्षिका ने भादरा थाना में 20 नवम्बर 18 को मामला दर्ज कराया। 

भादरा पुलिस थाना ने अपनी जांच कार्यवाही करते हुए अग्रिम जमानत निरस्त होने पर आरोपित शिक्षक को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद शिक्षा विभाग ने शिक्षक सुभाष के निलम्बित कर दिया। निलम्बन के बाद भी शिक्षक सुभाष निवासी भाडी ने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर पीडित शारीरिक शिक्षिका पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। राजनैतिक दबाव के चलते ब्लॉक प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी भादरा ने ग्राम श्योराटाडा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य पर दबाव बनाकर पीडित शिक्षिका के विरूद्ध ही साजिश पूर्ण ढंग से विद्यालय में मोबाईल चलाने व ड्युटी न देने का आरोप पत्र लिखकर लेकर जिला शिक्षा अधिकारी से पीडिता को व एक अन्य शिक्षक को एपीओ कर इस प्रकरण की इतिश्री करने की कौशिश की। भंवरसिंह अध्यापक पिछले 17 साल से इस विधालय मे कार्यरत है।

पीडिता अनीता चौधरी का कहना है कि उन्हे पीडित होने के बाद भी आरोपित सुभाष ने ग्रामीण रिश्तेदारों राजनैतिक दबाव से पीडित करता आ रहा है वहीं पर विभाग ने उसे एपीओ करके और अधिक पीडित कर दिया है। पिडिता का कहना है कि उसके नौ साल बच्ची है और दस माह का बच्चा है उस पर तुरंत मकान खाली कराने का दबाब दिया जा रहा है।

पीडिता अनीता चौधरी  ने राजस्थान महिला आयोग जयपुर को कार्यवाही की मांग को लेकर दिये ज्ञापन के अनुसार विद्यालय प्रधानाचार्य ने आंतरिक परिवाद समिति का गठन नहीं किया वहीं पर आरोपित की गलती बताने वाले एक अध्यापक भंवरसिंह को भी कार्यमुक्त कर एपीओ कर देने का आरोप लगाते हुए परिवार की सुरक्षा देने, आरोपित सुभाषचन्द्र के विरूद्ध विभागीय कानूनी कार्यवाही करने, लैंगिक उत्पीडन निवारण प्रतिबोध और प्रतितोष अधिनियम 2013 की धारा 12(1)(ख) के तहत तीन मास का अवकाश स्वीकृत व मानसिक आघात, पीड़ा के बदले प्रतिकनर दिलाने व प्रधानाचार्य के विरूद्ध कार्यवाही करने की मांग की है व इसी विद्यालय में पुन: पदस्थापित करने पर जोर दिया है।
विधालय के प्राचार्य सावंरमल शर्मा ने यह स्वीकार किया है कि शारीरिक शिक्षक अनीता और भंवरसिंह भगेला अध्यापक वर्षो से यह पदस्थापित है और कभी स्टाफ और ग्रामीणों को उनकी कोई शिकायत नही थी। 

ब्लॉक शिक्षा अधिकारी विजय ङ्क्षसह ख्यालिया का कहना है कि अनीता चौधरी को ऐपीओं तथा अध्यापक भंवरसिंह भगेला के स्थानानंतरण को लेकर उनके कार्यालय की कोई अभिशंशा नही थी , ग्रामीणों की मांग पर जिला शिक्षा अधिकारी हनुमानगढ़ ने यह आदेश जारी किये है। 
पीडि़ता शिक्षिका की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर के अधिवक्ता प्रमेश्वर पिलानियां ने इस पूरे प्रकरण को लेकर शिक्षा उपनिदेशक (माध्यमिक) शिक्षा बीकानेर, जिला शिक्षा अधिकारी हरलाल हुड्डा प्रधानाचार्य सांवरमल शर्मा को विधिक नोटिस जारी कर शिक्षिका की ओर से दिये गये प्रार्थना पत्रों के निस्तारण करने, जिला शिक्षा अधिकारी हनुमानगढ द्वारा जारी एपीओ आदेश व प्रधानाचार्य के पत्र क्रमांक 147 को निरस्त करने की मांग करते हुए कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीडन निवारण प्रतिषेध और प्रतितोष अधिनियम 2013 की कार्यवाही  करने से अवगत कराया गया हैं।
 रमेश कुमार स्वामी-भादरा

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in

Politicians, Industrialists attend Ramoji Rao granddaughter Keerthi Sohana's wedding

How conch help you to remove Vastu Defect | Tips For Removing Vastu Defect
Loksabha Election 2019 : Bitter rivals for 24 years, Mayawati, Mulayam share stage
ND Tiwari’s son Rohit Shekhar was strangled : Post-mortem Report
Howrah to New Delhi Poorva Express derails near Kanpur, at least 20 injured
Contempt plea: Supreme Court seeks Rahul Gandhi's explanation
उत्तराखंड CM त्रिवेंद्र सिंह रावत EXCLUSIVE
कितने गिरेंगे सियासतदान ?... आज की बड़ी बहस