PRN योजना के नियमन में आ रही तकनीकी अड़चने दूर, शिविर की तैयारी में जुटा जेडीए

Abhishek Shrivastava Published Date 2019/09/22 05:20

जयपुर: पृथ्वीराज नगर योजना के नियमन में आ रही बाधांए दूर होने के बाद जयपुर विकास प्राधिकरण नियमन शिविर लगाने की तैयारी में जुट गया है. मंत्री शांति धारीवाल की घोषणा के बाद जेडीए की ओर से एक नवम्बर से शिविर लगाए जाएंगे. राजधानी में करीब साढ़े 11 हजार बीघा भूमि पर फैली इस योजना में बसी कॉलोनियों के नियमन के लिए मंत्री शांति धारीवाल ने हाल ही जेडीए अधिकारियों की बैठक ली थी. खास रिपोर्ट:

VIDEO: जेडीए के लिए कुबेर का खजाना बन सकती है पृथ्वीराज नगर योजना

नियमन बाधाओं को दूर करने पर विचार:
दरअसल योजना के बारे में फैसला लेने के लिए प्रमुख सचिव यूडीएच की अध्यक्षता में हाईपावर कमेटी अधिकृत है, लेकिन इसके फैसले पर नगरीय विकास मंत्री स्वीकृति भी जरूरी है. तभी ये फैसले लागू किए जा सकते हैं. इसी कारण नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में योजना के नियमन में आ रही बाधाओं को दूर करने पर विचार किया गया. बैठक में इन तकनीकी अड़चनों को दूर करने के लिए कई बड़े फैसले किए गए. सबसे पहले आपको बताते हैं कि योजना के नियमन में आ रही इन तकनीकी अड़चनों को किस प्रकार दूर किया गया. 

नियमन की तकनीकी अड़चनों को यूं किया दूर:
—योजना की 1848 बीघा भूमि की अवाप्ति की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी
—इस भूमि पर बसी कई कॉलोनियों के नियमन के लिए क्या प्रक्रिया तय की जाए इसको लेकर असमंजस था
—अब इन कॉलोनियां की भी योजना की तय प्रक्रिया के तहत ही नियमन हो सकेगा
—इसी तरह गृह निर्माण सरकारी समितियों ऐसी कई कॉलोनियां भी जिनका आंशिक भाग योजना क्षेत्र में आ रहा है
—नियमन का लम्बे समय से इंतजार कर रही इन कॉलोनियों का नियमन भी पृथ्वीराज नगर योजना के फार्मूल पर ही किया जाएगा
—जेडीए लम्बे समय से चाहता था कि 1 हजार वर्गगज से अधिक भूमि का भी पट्टा जारी करने की सरकार स्वीकृति दे
—1 हजार वर्गगज से जितनी अधिक भूमि होगी उसका डेढ़ गुना नियमन शुल्क लेकर पट्टा जारी किया जा सकेगा
—कितनी अधिक भूमि का पट्टा जारी किया जाए,इसकी कोई अधिकतम सीमा तय नहीं की गई है
—साधारण शुल्क पर अब प्रति परिवार के बजाए एक व्यक्ति के पक्ष में अधिकतम 1 हजार वर्गगज तक का पट्टा जारी हो सकेगा
—संस्थानिक व व्यावसायिक भूखण्डों और विवाह स्थलों का भी पट्टा जारी किया जा सकेगा

लम्बे समय से नियमन दर बढ़ाने की मांग:
जयपुर विकास प्राधिकरण लम्बे समय से योजना की नियमन दर बढ़ाने की मांग करता रहा है. नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल की स्तर पर हुए फैसले के अनुसार इस बारे में प्रस्ताव राज्य मंत्रिमंडल को भेजे जाएंगे. बेसिक नियमन दर 560 रुपए प्रति वर्गगज से बढ़ाकर 750 रुपए प्रतिवर्गगज और विकास शुल्क 750 रु से बढ़ाकर 1 हजार रुपए प्रति वर्गगज किया जाना प्रस्तावित है. नगरीय विकास विभाग इस बारे में मंत्रिमंडल ज्ञापन तैयार कर रहा है, उधर जेडीए ने नियमन शिविर का कार्यक्रम तय करने के लिए मशक्कत शुरू कर दी है. जेडीए की मंशा है कि निकाय चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले नियमन का कार्यक्रम घोषित कर दिया जाए, ताकि इस काम में आचार संहिता से ये काम प्रभावित नहीं हो. 

... संवाददाता अभिषेक श्रीवास्तव की रिपोर्ट 

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