VIDEO: प्रौद्योगिकी के इस युग में अंधविश्वास! आत्मा को लेने जेएलएन अस्पताल पहुंचे परिजन, जानिए पूरा मामला 

VIDEO: प्रौद्योगिकी के इस युग में अंधविश्वास! आत्मा को लेने जेएलएन अस्पताल पहुंचे परिजन, जानिए पूरा मामला 

 VIDEO:  प्रौद्योगिकी के इस युग में अंधविश्वास! आत्मा को लेने जेएलएन अस्पताल पहुंचे परिजन, जानिए पूरा मामला 

अजमेर (शुभम जैन): जेएलएन अस्पताल में मंगलवार को कुछ ग्रामीण के साथ एक भोपा मटके में आग लगाकर घूमता नजर आया और अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर कुछ मंत्र फूंकते नज़र आया. कोई मरीज नहीं था और न ही किसी मरीज के परिजन लेकिन उस जगह से मरने वाले की आत्मा को लेने आए थे उसके परिवार वाले. प्रौद्योगिकी के इस युग में भी, चिकित्सा और विज्ञान के ऐसे संस्थानों में आज भी अंधविश्वास देखने को मिल रहा है. कोई भी अस्पताल कर्मी और न ही सुरक्षा गार्ड ऐसे अंधविश्वास को रोकने के लिए साहस जुटाते हैं और न ही मरीज ऐसे अंधविश्वास पर आपत्ति करते हैं.

अग्नि के मटके को अपने वाहन में रख कर आत्मा को ले गए अपने गांव:

आपको बता दें कि केकड़ी के बघेरा गांव के ग्रामीणों का एक झुंड मंगलवार को मटके में कुछ अनाज कुछ फूल की पत्तियां ओर आग के साथ आया और पूजा के लिए अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर कपड़ा और कुछ सामग्री लेकर  बेथ गया. भोपा ने निम के पेड़ के नीचे कंडो से ज्योत जलाई ओर कुछ मंत्र फुकने लगा  और साथ ही ज्योत में घी डालता रहा. वे जलते हुए बर्तन को अस्पताल के बाहर लेकर घूमता रहा और मृतक के रिश्तेदार आग के सामने झुकते नज़र आये और जलते हुए अग्नि के मटके को अपने वाहन में रख कर आत्मा को अपने गांव ले गए.

अस्पताल में छूट गई थी आत्मा:

ग्रामीणों ने बताया कि उनके परिवार के एक व्यक्ति का एक्सीडेंट हो गया था और उसे जेएलएन अस्पताल लाया गया जहां उसकी मृत्यु हो गई. हम उसके शरीर को अंतिम संस्कार के लिए ले गए, लेकिन उसकी आत्मा यहां अस्पताल में छूट गई और अब हम उसकी आत्मा को लेने आए और आत्मा को हमारे घर के एक कोने में रख देंगे.

आधे घंटे तक चला आत्मा को पकड़ने का नाटक:

मृतक के रिश्तेदारों ने बताया कि आत्मा अब परिवार की देवता बन गई है. इस बीच आत्मा को पकड़ने का नाटक आधे घंटे तक चला और किसी ने भी इसे नहीं रोका, मूल रूप से हर कोई काले जादू और इस तरह के तांत्रिकवाद से डरता है, उनमें से ज्यादातर लोग ऐसी बातों पर विश्वास नहीं करते हैं, लेकिन चुप रहते हैं. 

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