जयपुर महाराणा प्रताप और अकबर की लड़ाई सत्ता का संघर्ष बता डोटासरा ने छेड़ी नई चर्चा, भाजपा ने साधा निशाना; जानिए किसने क्या कहा

महाराणा प्रताप और अकबर की लड़ाई सत्ता का संघर्ष बता डोटासरा ने छेड़ी नई चर्चा, भाजपा ने साधा निशाना; जानिए किसने क्या कहा

महाराणा प्रताप और अकबर की लड़ाई सत्ता का संघर्ष बता डोटासरा ने छेड़ी नई चर्चा, भाजपा ने साधा निशाना; जानिए किसने क्या कहा

जयपुर: पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने महाराणा प्रताप और अकबर के बीच हुई लड़ाई को सत्ता का संघर्ष बताकर एक बार फिर नई चर्चा छेड़ दी है. उनके इस बयान के आते ही भाजपा नेताओं ने पलटवार शुरू कर दिए हैं. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने  हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस महाराणा प्रताप व अकबर के संघर्ष को सिर्फ़ सत्ता की लड़ाई बता रही है. 

कांग्रेस ने मेवाड़ के स्वाभिमानी इतिहास को ललकारा:
उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप व अकबर के संघर्ष को सिर्फ़ सत्ता की लड़ाई बताकर कांग्रेस ने मेवाड़ के स्वाभिमानी इतिहास को ललकारा है. महाराणा प्रताप ने आजीवन मातृभूमि की रक्षा का संकल्प जारी रखा. 

राजे ने कहा कि अकबर के साथ महाराणा प्रताप का युद्ध सत्ता संघर्ष नहीं, बल्कि राष्ट्र सुरक्षा का संघर्ष था. उन्होंने मेवाड़ के स्वाभिमान की खातिर जंगलों में घास की रोटियां तक खाई, ऐसे पराक्रमी योद्धा के अपमान पर कांग्रेस को सार्वजनिक रूप से जनता से माफी मांगनी चाहिए. 

इतिहास नहीं पड़े तो दोबारा पढ़ लीजिए:
पीसीसी चीफ डोटासरा के बयान के बाद नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने पलटवार करते हुए कहा कि शिक्षा के विद्वान डोटासरा से में इतना जानना चाहता हूं कि कहां की सत्ता प्राप्त करने के लिए प्रताप ने युद्ध किया? अगर प्रताप ने कोई युद्ध किया तो स्वाभिमान और स्वतंत्रता के लिए किया. इतिहास नहीं पड़े तो दोबारा पढ़ लीजिए. उन्होंने कहा कि अकबर यहां घूमने नहीं आया था वह हमें पराधीन करने के लिए करने आया था इसीलिए मेवाड़ ने पराधीनता स्वीकार नहीं की यही कारण थी कि महाराणा प्रताप मेवाड़ के स्वाधीनता की लड़ाई लड़ते रहे. 

कटारिया ने कहा कि कांग्रेस बेड़ा गर्क इसी कारण से हुआ है आपने हमारे बच्चों को पढ़ाया था कि अकबर महान है. उन्हें प्रताप को महान कहने में शर्म आती थी इसलिए अकबर को महान पढ़ाते चले गए. इस कारण से तुम्हारी अच्छी पार्टी एक कोने में घुस गई है और बची कुची भी समाप्त करना चाहते हो तो इसी प्रकार के कमेंट करो. 

आखिर मुस्लिम वोटों को खोने का इतना डर क्यों है:
वहीं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने ट्विट करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप का अकबर के साथ युद्ध सत्ता संघर्ष नहीं, राष्ट्रवाद की लड़ाई थी, डोटासरा जी. आप पहले भी इस मामले पर विवादित बयान दे चुके हैं, आखिर मुस्लिम वोटों को खोने का इतना डर क्यों है, आपकी कांग्रेस पार्टी को. 

महाराणा प्रताप व अकबर की लड़ाई 'संप्रभुता, स्वतंत्रता और स्वाभिमान' की लड़ाई थी:
उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने भी डोटासरा पर निशाना साधते हुए कहा कि महाराणा प्रताप व अकबर की लड़ाई 'संप्रभुता, स्वतंत्रता और स्वाभिमान' की लड़ाई थी जो भारतीय संविधान के आदर्श हैं, ना कि सत्ता की लड़ाई थी. राजस्थान की आन बान शान के प्रतीक महाराणा प्रताप के खिलाफ बार-बार कुंठित मानसिकता का परिचय देना आपकी आदत में शुमार हो गया है. 

डोटासरा ने गुरुवार को दिया था बयान:
आपको बता दें कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने गुरुवार को भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि महाराणा प्रताप और अकबर की लड़ाई सत्ता संघर्ष थी और भाजपा ने इसे धार्मिक रंग दे दिया. नागौर में दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए डोटासरा ने आरोप लगाया कि ‘भाजपा हर चीज को धार्मिक चश्मे से देखती है. बैठक का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद भाजपा के नेता कांग्रेस पर पलटवार कर रहे हैं. 

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