किसानों की हिंसा के बाद दिल्ली के 20 से अधिक मेट्रो स्टेशनों के दरवाजे अस्थायी तौर पर बंद

किसानों की हिंसा के बाद दिल्ली के 20 से अधिक मेट्रो स्टेशनों के दरवाजे अस्थायी तौर पर बंद

किसानों की हिंसा के बाद दिल्ली के 20 से अधिक मेट्रो स्टेशनों के दरवाजे अस्थायी तौर पर बंद

नई दिल्लीः राष्ट्रीय राजधानी में कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारी किसानों के बीच झड़पों के बाद मंगलवार को कम से कम 20 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए गए. प्रदर्शनकारियों के मध्य दिल्ली में आईटीओ पहुंचने और वहां पुलिस के साथ झड़प के बाद एहतियात के तौर पर तिलक ब्रिज रेलवे स्टेशन पर सामान्य ट्रेनों का संचालन भी दो घंटे के लिए रोक दिया गया था.

किसानों के साथ पुलिस की हुई थी झड़पः 
पुलिस ने किसान समूहों पर आंसू गैस के गोले छोड़े तथा लाठीचार्ज किया. सीमा पर कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने अवरोधक तोड़ दिए. राष्ट्रीय राजधानी में ट्रैक्टर परेड के लिए जो मार्ग पूर्व में निर्धारित किया गया था उन्होंने उसका अनुसरण नहीं किया. इतना ही नहीं किसानों का एक समूह लाल किला पहुंचा और वहां गुंबदों पर अपने संगठनों के झंडे लगा दिए.

किसानों की उग्र हिंसा के बाद डीएमआरसी ने लिया फैसलाः
दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने ट्विटर पर सूचित किया कि मेट्रो स्टेशनों के द्वार अस्थायी रूप से बंद किए गए हैं. डीएमआरसी ने ट्वीट किया कि जामा मस्जिद, दिलशाद गार्डन, झिलमिल और मानसरोवर पार्क स्टेशनों को बंद किया गया है. दिल्ली गेट और आईटीओ मेट्रो स्टेशनों के अलावा ग्रे लाइन पर सभी मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए गए हैं.

ट्रैक्टर रैली को देखते हुए 10 से ज्यादा मेट्रो स्टेशनों को किया था बंदः
दिल्ली मेट्रो ने आज दिन में कहा था कि झड़पों के मद्देनजर मध्य और उत्तरी दिल्ली के 10 से ज्यादा मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद किए जाते हैं. डीएमआरसी ने ट्वीट किया कि इंद्रप्रस्थ मेट्रो स्टेशन का प्रवेश-निकास द्वार बंद है. समयपुर बादली, रोहिणी सेक्टर 18/19, हैदरपुर बादली मोड़, जहांगीरपुरी, आदर्श नगर, आजादपुर, मॉडल टाउन, जीटीबी नगर, विश्वविद्यालय, विधानसभा, सिविल लाइंस मेट्रो स्टेशनों के भी प्रवेश/निकास द्वार बंद हैं.

तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने निकाली ट्रैक्टर परेडः
केन्द्र के तीन कृषि कानूनों को वापस लेने और न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों को दिल्ली पुलिस ने आज उनकी मांग को मानते हुए गणतंत्र दिवस समारोह समाप्त होने के बाद तय रास्ते पर ट्रैक्टर परेड निकालने की अनुमति दी थी. लेकिन किसानों ने तय समय से पहले ही मध्य दिल्ली के लिए कूच किया जिससे हंगामे की स्थिति पैदा हो गई. 
सोर्स भाषा

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