नई दिल्ली: आतंकवाद, कट्टरता दुनिया के सामने सबसे गंभीर खतरे हैं : Rajnath Singh

आतंकवाद, कट्टरता दुनिया के सामने सबसे गंभीर खतरे हैं : Rajnath Singh

आतंकवाद, कट्टरता दुनिया के सामने सबसे गंभीर खतरे हैं : Rajnath Singh

नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defense Minister Rajnath Singh) ने कहा कि आतंकवाद (Terrorism) और कट्टरता (Bigotry) दुनिया में शांति एवं सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे हैं तथा इन चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक दृष्टिकोण की आवश्यकता है.

Addressed the 8th ASEAN Defence Ministers’ Plus Meeting (ADMM-PLUS)
today and shared India’s views and outlook on the Regional and International Security Environment. Here is the link to the text of my speech.https://t.co/RoLtfJgUwb pic.twitter.com/ndpqArmjUl

— Rajnath Singh (@rajnathsingh) June 16, 2021

समुद्री सुरक्षा चुनौतियों पर भारत की चिंताओं को रेखांकित किया:
आसियान डिफेंस मिनिस्टर्स मीटिंग-प्लस’ (ADMM-Plus) में वर्चुअल संबोधन (Virtual Address) में सिंह ने समुद्री सुरक्षा चुनौतियों पर भारत की चिंताओं को भी रेखांकित किया. साथ ही उन्होंने अहम समुद्री मार्गों में चीन के आक्रामक व्यवहार का परोक्ष जिक्र करते हुए कहा कि दक्षिण चीन सागर में गतिविधियों ने इस क्षेत्र में ध्यान आकर्षित किया है. सिंह ने देशों की क्षेत्रीय अखंडता और सम्प्रभुत्ता, संवाद के जरिए विवादों के शांतिपूर्ण समाधान तथा अंतरराष्ट्रीय नियमों और कानूनों के अनुपालन के आधार पर इस क्षेत्र को मुक्त, खुला और समावेशी बनाने का आह्वान किया.

India shares a deep connect with ASEAN and has continued its active engagement in many areas contributing to regional peace and stability, particularly through ASEAN led mechanisms, such as East Asia Summit, ASEAN Regional Forum and ADMM-Plus: RM Shri @rajnathsingh

— रक्षा मंत्री कार्यालय/ RMO India (@DefenceMinIndia) June 16, 2021

भारत कोरोना की दूसरी लहर से अभी उबर रहा है:
रक्षा मंत्री (Defense Minister) ने कहा कि भारत कोरोना वायरस की दूसरी लहर (Second Wave) से अभी उबर रहा है जिसने देश की चिकित्सा प्रतिक्रिया को ‘‘सीमित’’ कर दिया और उन्होंने पेटेंट मुक्त टीके उपलब्ध कराने, अबाधित आपूर्ति श्रृंखला और महामारी को हराने में चिकित्सा क्षमताएं बढ़ाने के लिए समन्वित वैश्विक प्रयासों का आह्वान किया.

आतंकि हमलों के खिलाफ शांति और सुरक्षा बनाए रखना गंभीर मुद्दा:
उन्होंने पाकिस्तान (Pakistan) का प्रत्यक्ष रूप से जिक्र किए बिना आतंकवाद को बढ़ावा देने, उसका समर्थन और वित्त पोषण (Funding) करने तथा आतंकवादियों को शरण देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि आतंकवाद और कट्टरता दुनिया के सामने शांति तथा सुरक्षा के लिए आज सबसे गंभीर खतरा है. उन्होंने कहा कि वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) के सदस्य के तौर पर भारत वित्तीय आतंकवाद से लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है.

As a founding member of the Heads of Asian Coast Guard Agencies Meeting (HACGAM), India seeks to enhance capacity building through collaboration in the areas of Maritime Search & Rescue: RM

— रक्षा मंत्री कार्यालय/ RMO India (@DefenceMinIndia) June 16, 2021

भारत आतंकवाद के बारे में वैश्विक चिंताएं साझा करता है:
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत आतंकवाद के बारे में वैश्विक चिंताएं साझा करता है और यह मानता है कि जब आतंकवादियों के बीच गठजोड़ चिंताजनक स्थिति तक पहुंच रहा है तो केवल सामूहिक सहयोग (Collective Cooperation) से ही आतंकी संगठन और उनके नेटवर्कों को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सकता है, दोषियों की पहचान की जा सकती है और उन्हें जिम्मेदार ठहराया जा सकता है. ADMM-प्लस आसियान (ADMM-Plus ASEAN) (दक्षिणपूर्व एशियाई देशों के संघ) के 10 देशों और उसके आठ वार्ता सहयोगियों भारत, चीन, ऑस्ट्रेलिया, जापान, न्यूजीलैंड, कोरिया गणराज्य, रूस और अमेरिका का मंच है.

भारत ने हिंद-प्रशांत में सहयोगी भागीदारी मजबूत की है:
सिंह ने कहा कि भारत ने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के प्रचार के लिए बदलते दृष्टिकोणों और मूल्यों के आधार पर हिंद-प्रशांत में सहयोगी भागीदारी मजबूत की है. आसियान की केंद्रीयता के आधार पर भारत ने हिंद-प्रशांत के लिए हमारे साझा दृष्टिकोण के क्रियान्वयन के वास्ते महत्वपूर्ण मंच के तौर पर आसियान के नेतृत्व वाले तंत्रों के इस्तेमाल का समर्थन किया है.

समुद्री सुरक्षा चुनौतियां भारत के लिए चिंता का एक अन्य सबब: 
उन्होंने कहा कि संचार के समुद्री मार्ग हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Sea Route Indo-Pacific Region) की शांति, स्थिरता, समृद्धि और विकास के लिए अहम हैं. उन्होंने कहा कि समुद्री सुरक्षा चुनौतियां भारत के लिए चिंता का एक अन्य सबब है. इस संबंध में दक्षिण चीन सागर में गतिविधियों ने क्षेत्र में तथा इससे आगे ध्यान आकर्षित किया है. भारत इन अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों (International Sea Routes) में नौवहन, समुद्री क्षेत्रों पर उड़ान भरने और बेरोकटोक व्यापार की आजादी का समर्थन करता है.

आचार संहिता पर बातचीत के नतीजे निकलने पर भारत को उम्मीद:
सिंह ने कहा कि भारत उम्मीद करता है कि आचार संहिता पर बातचीत के नतीजे निकलेंगे जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों (International Laws) के अनुसार होंगे और उन देशों के वैध अधिकारों तथा हितों का उल्लंघन नहीं करेंगे जो इन बातचीत का हिस्सा नहीं हैं. चीन दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा जताता है जो हाइड्रोकार्बन (Hydrocarbons) का बड़ा स्रोत है. वियतनाम, फिलीपीन और ब्रूनेई समेत आसियान के कई सदस्य देश भी ऐसा ही दावा जताते हैं.

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