नोटबंदी से आतंकवाद, भ्रष्टाचार, नक्सलवाद खत्म हुआ है: अर्जुन राम मेघवाल

Tanveer Ahmed Published Date 2018/11/09 12:50

जयपुर। नोटबंदी को 2 साल पूरे होने पर कांग्रेस की और से उठाए गए इस मुद्दे के जवाब में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी का विचार कांग्रेस के समय भी आया था, मनमोहन सिंह के कालखंड में इस पर चर्चा हुई थी, लेकिन यह एक साहसिक कदम है, कांग्रेस इस मामले में हिम्मत नहीं जुटा पाई और नरेंद्र मोदी ने यह कर दिखाया। 

नोटबंदी की उपयोगिता बताते हुए मेघवाल बोले कि देश में शेडो इकोनॉमी थी, जो कालेधन को बढ़ा रही थी। ऐसे में यह जरूरी हो गया था कि कोई बड़ा कदम उठाया जाए। उन्होंने दावा किया कि नोटबंदी के बाद शेडो इकोनॉमी 23.7 से घटकर 17.22 करोड़ रह गई और देश में भ्रष्टाचार, काला बाजारी, आतंकवाद, नक्सलवाद में कमी भी आई है। कालाधन वापस लाने के सवाल पर वे बोले कि नोटबंदी के जरिये कालेधन पर चोट पड़ी है। नोटबंदी के बाद इनकम टैक्स पेयर्स की तादाद में इजाफा हुआ है। 

राममंदिर के मुददे पर मेघवाल बोले कि भगवान राम आस्था का विषय है, राजनीति का नहीं है। लेकिन कांग्रेस इस मुद्दे पर राजनीति करना चाहती है। उन्होंने कहा कि इस मुददे से कांग्रेस बची हुई नहीं है, क्योंकि विवादित स्थल का ताला तो इन्हीं की सरकार ने खोला था। चुनाव के वक्त ही यह मुद्दा गर्माने के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए यह चुनावी मुद्दा नहीं है, बल्कि यह मुद्दा भाजपा को हमेशा याद रहता है। उन्होंने कहा कि यह आस्था का विषय है और कांग्रेस वाले भी तो राम में विश्वास रखते होंगे। 

नोटबंदी सहित अन्य मुददों पर कांग्रेसी नेताओं के बयान पर मेघवाल ने पलटवार किया। मनोमहन सिंह की ओर से नोटबंदी को पागलपन बताने वाले बयान पर मेघवाल बोले कि मनमोहन सिंह ने बिना सोचे समझे यह बयान दिया है। अशोक गहलोत के सर्जिकल स्ट्राइक वाले बयान पर वे बोले कि गहलोत संजीदा नेता है, उन्हें संयमित भाषा का का इस्तेमाल करना चाहिए। सर्जिकल स्ट्राइक के बयान पर बोले यह सेना और सैनिकों का अपनाम किया गया है, क्योंकि सर्जिकल स्ट्राइक राष्ट्रहित में बड़ा कदम था। 

कांग्रेस की ओर से भाजपा पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आराेपों पर वे बोले कांग्रेसी नेता नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की उपलब्धियों से बोखलाए हुए हैं, इसलिए वे ऐसे बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इनकी सरकार में इंदिरा आवास योजना में एक गांव में 4-5 मकान बनते थे, जबकि प्रधानमंत्री आवास योजना में प्रत्येक गांव में हजारों के मकान बना दिए गए। उन्होंने इसे भी नोटबंदी के फायदे के रूप में गिनाया। 

पिछले दिनों उप चुनावों में हुई भाजपा की हार के सवाल पर वे बोले कि ये नोबंदी का असर नहीं है, बल्कि हार के पीछे कुछ स्थानीय कारण हो सकते हैं। आरबीआई और सरकार के बीच झगड़े के सवाल पर वे बोले कि यह कोई नया मामला नहीं है, बल्कि यह पुराना झगड़ा है, जिसे हम कम करने की कोशिश कर रहे हैं। 

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