नई दिल्ली घाटी में पहले राष्ट्रध्वज जलाया जाता था, आज इसे जम्मू-कश्मीर में कहीं भी फहराया जा सकता है: ठाकुर

घाटी में पहले राष्ट्रध्वज जलाया जाता था, आज इसे जम्मू-कश्मीर में कहीं भी फहराया जा सकता है: ठाकुर

घाटी में पहले राष्ट्रध्वज जलाया जाता था, आज इसे जम्मू-कश्मीर में कहीं भी फहराया जा सकता है: ठाकुर

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने शुक्रवार को कहा कि एक समय था, जब कश्मीर घाटी में तिरंगा जलाया जाता था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद से अब कोई भी व्यक्ति जम्मू-कश्मीर के किसी भी कोने में और कभी भी राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकता है.युवाओं में देशप्रेम की भावना और गहरी करने के लिये संस्कृति मंत्रालय ने आजादी का अमृत महोत्सव के तहत आयोजित युवा केंद्रित भागीदारी कार्यक्रम ‘बढ़े चलो’ का भव्य समापन शुक्रवार को दिल्ली में किया. इसी समारोह को संबोधित करते हुए ठाकुर ने यह बात की.

उन्होंने कहा कि उस समय, कश्मीर में राष्ट्रध्वज फहराना अपराध था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संविधान के अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए को हटाए जाने के बाद से अब कोई भी व्यक्ति जम्मू-कश्मीर के किसी भी कोने में और कभी भी राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकता है. ठाकुर ने कहा कि उन्हें और वरिष्ठ नेताओं अरुण जेटली एवं सुषमा स्वराज को 2011 में राज्य के सीमावर्ती इलाके से गिरफ्तार किया गया था. उन्होंने कहा कि लेकिन, मैं आपको बता दूं कि लाल चौक पर राष्ट्रध्वज फहराने के लिए बड़ी संख्या में युवा अपने प्राणों की आहुति देने के लिए तैयार थे.

केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने इस अवसर पर कहा कि हमें एक युवा भारत, नव भारत, सुरक्षित भारत, समृद्ध भारत और शक्तिशाली भारत का निर्माण करना है. मंत्रालय ने कहा कि बढ़े चलो का आयोजन पांच अगस्त से किया गया , जिसमें भारत के 70 शहरों में सात दिन तक शानदार कार्यक्रम हुए. भाषा एजेंसी

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