VIDEO: अलवर गैंगरेप मामले को लेकर भाजपा ने प्रदेशभर में सरकार के खिलाफ किया विरोध-प्रदर्शन

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/05/09 09:46

जयपुर। अलवर के थानागाजी सामूहिक दुष्कर्म के खिलाफ प्रदेश भाजपा ने आज प्रदेश भर में प्रदर्शन किए और जिला कलेक्टरों को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपे। इसी कड़ी में जयपुर में भी कलेक्ट्रेट सर्किल पर भाजपा ने प्रदर्शन किया धरना दिया और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। एक रिपोर्ट:

भारतीय जनता पार्टी ने थानागाजी में हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में आज प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर राज्य सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। भाजपा जयपुर शहर द्वारा भी आज जयपुर के कलेक्ट्रट सर्किल पर राज्य सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिया। ज्ञापन में अलवर के थानागाजी में 26 अप्रैल को हुई वीभत्स घटना को लेकर राज्य सरकार को तुरन्त कार्यवाही करते हुए शेष सभी अपराधियों को गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही कराने तथा पीड़ित परिवार को सुरक्षा व आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जाने की मांग की गई। 

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी ने सरकार को बताया महिला विरोधी:
भाजपा ने कहा कि प्रदेश की असंवेदनशील सरकार ने जनता का विश्वास खो दिया है। राजनीतिक नुकसान से बचने के लिये कांग्रेस सरकार ने इस मामले को दबाये रखा। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी ने कहा कि सरकार की असंवेदनशीलता का अनुमान इस बात से भी लगाया जा सकता है कि ज्ञापन देने की पूर्व सूचना के बाद भी राजधानी जयपुर में जिला कलेक्टर अपनी कुर्सी से गायब है। सैनी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पार्टी असंवेदनशील तथा महिला विरोधी है। इस सरकार में आम जनता में भय और अपराधियों में विश्वास बढ़ रहा है। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री से इस्तीफा देने के भी जमकर नारे लगाए। इस दौरान उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौर ने भी सरकार से इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की।

कांग्रेस सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी:
भाजपा के तमाम कार्यकर्ता कलेक्ट्री सर्किल पर इकट्ठा हुए और वहां से रैली के रूप में कलेक्ट्री पहुंचे इस दौरान सभी ने राज्य की कांग्रेस सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उसके बाद पुलिस ने तमाम कार्यकर्ताओं को गेट पर रोक लिया और प्रमुख नेताओं को कलेक्टर को ज्ञापन देने के लिए परमिशन दी, लेकिन मौके पर कलेक्टर के नहीं मौजूद होने को भाजपा नेताओं ने गंभीरता से लिया और कलेक्टर पर कांग्रेस के कार्यकर्ता की तरह काम करने के आरोप लगाए। इस दौरान राज्यवर्धन सिंह राठौर ने राज्य सरकार और जिला कलेक्टर को आड़े हाथ लिया। 

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी, केन्द्रीय मंत्री एवं जयपुर ग्रामीण संसदीय क्षेत्र प्रत्याशी राज्यवर्धन सिंह राठौड़, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, प्रदेश महामंत्री वीरमदेव सिंह जैसास, विधायक वासुदेव देवनानी, विधायक अशोक लाहोटी, विधायक नरपत सिंह राजवी, प्रदेश मीडिया प्रभारी विमल कटियार, पूर्व विधायक सुरेन्द्र पारीक, पूर्व विधायक कैलाश वर्मा, डाॅ. ज्योति किरण शुक्ला, उपमहापौर मनोज भारद्वाज, प्रदेश प्रवक्ता अमित गोयल, जयपुर शहर मंत्री लक्ष्मीकान्त पारीक, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री मंजू शर्मा, जयपुर शहर के पूर्व अध्यक्ष शैलेन्द्र भार्गव, भाजपा नीति विषयक शोध विभाग के प्रदेश प्रमुख डाॅ. अखिल शुक्ला, पूर्व महापौर शील धाभाई, भाजपा विधि विभाग के प्रदेश प्रमुख शिवचन्द साहू, पूर्व जिला प्रमुख मधु शर्मा, भाजयुमो जयपुर शहर जिला प्रभारी सुमित अग्रवाल, भाजपा नेता कविता मलिक, अखिल शुक्ला, बबलू शुक्ला, जफर खान, दिनेश कांवट समेत प्रदेश पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी व जयपुर शहर के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। 

गुलाब चंद कटारिया ने गिनाए आंकड़े:
इस पूरे मामले पर गुलाब चंद कटारिया ने भी राज्य सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा की मार्च 2018 से मार्च 2019 के आंकड़ों की तुलना की जाए तो डकैती के मामलों में 200% इजाफा हुआ है। बलात्कार के मामलों में 11% की बढ़ोतरी हुई है और लूट के मामले में क्षेत्र प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सभी अपराधों में 9% बढ़ोतरी के आंकड़े बताते हुए कटारिया ने राज्य की एक महिला मंत्री पर भी थानागाजी मामले में पीड़िता की पहचान उजागर करने पर आरोप लगाए और कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि राज्य सरकार इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं, क्योंकि चुनाव में कोई राजनीतिक नुकसान नहीं हो। इसी कारण राजनीतिक दबाव के कारण पुलिस ने मामले को दबाए रखा, लेकिन चुनाव के बाद मामले को उजागर किया। इस सारे प्रकरण की उच्च प्रशासनिक अधिकारी से जांच कराकर 15 दिन में जांच को प्रकाशित किया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। 

कुल मिलाकर भारतीय जनता पार्टी ने भी इस पूरे मामले पर राज्य की कांग्रेस सरकार को घेरते हुए सियासी लाभ लेने की कोशिश की है। भले ही भाजपा के नेता अलग अलग बयान दे रहे हो। एक तरफ सीबीआई जांच की मांग तो दूसरी तरफ एसआईटी की मांग तो तीसरी तरफ प्रशासनिक अधिकारी स्तर की जांच, लेकिन देखना यह होगा कि आगामी दिनों में इस पूरे मामले का भाजपा को भी कितना सियासी लाभ मिल पाता है। 

... संवाददाता ऐश्वर्य प्रधान की रिपोर्ट 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in