तुलसीदास द्वारा हस्त लिखित श्रीरामचरित मानस के अयोध्या कांड की प्रति आज भी मौजूद

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/06/19 03:26

चित्रकूट: चित्रकूट धर्मनगरी के उत्तर की तरफ लगभग 40 किलोमीटर दूर यमुना के किनारे राजापुर नामक एक कस्बा है. जहां पर संत शिरोमणि श्री राम के अनन्य भक्त संत तुलसीदास का जन्म हुआ था. बता दें कि तुलसीदास द्वारा हस्त लिखित श्रीरामचरित मानस के अयोध्या कांड की प्रति आज भी मौजूद है. भोजपत्र पर लिखित इस रामचरितमानस को देखने के लिए प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु यहां आते हैं. यहां आने वाले श्रद्धालु तुलसीदास की जन्मस्थली के दर्शनकर हस्तलिखित रामचरित मानस के दर्शन जरूर करते हैं. जिस राम चरित मानस को देश-विदेश में अनुकरण किया जाता है वह रामचरितमानस आज भी तुलसीदास जी द्वारा लिखित राजापुर विधमान है लेकिन प्रशासन के चलते यह स्थान उपेक्षित है. 

तुलसीदास की जन्मस्थली पर विकास का अभाव
जिस प्रकार से इस स्थान का विकास होना चाहिए वैसा नहीं हुआ है. वहां के पुजारी ने बताया कि तुलसी द्वारा हस्त लिखित श्रीरामचरितमानस को घुन लगने लगा था लेकिन स्थानीय लोगों द्वारा काफी प्रयास के चलते शासन द्वारा हस्त लिखित रामचरितमानस को विषेश केमिकल लगाकर लेमिनेशन करा दिया गया है, जो शायद अब कभी न खराब होगी. तुलसीदास द्वारा हस्तलिखित श्रीरामचरितमानस को देखने के लिए प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु यहां आते हैं और मनवांछित फल प्राप्त करते हैं. 
 

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