जयपुर VIDEO: 33476 प्रकरणों में ना कोई जीता और ना कोई हारा, देश की पहली ऑनलाइन लोक अदालत का हुआ आयोजन

VIDEO: 33476 प्रकरणों में ना कोई जीता और ना कोई हारा, देश की पहली ऑनलाइन लोक अदालत का हुआ आयोजन

जयपुर: कोरोना की विपरित पस्थितिथियों ने देश की न्यायपालिका में कई नए अवसरों की संभावनाओं को बढा दिया है.सुप्रीम कोर्ट से लेकर देशभर की अदालतों में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से सुनवाई के बाद अब शनिवार को देश की पहली ऑनलाइन लोक अदालत का भी आयोजन किया गया.राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण ने ऑनलाइन लोक अदालत के पायलट प्रोजेक्ट के लिए राजस्थान को चुना है.पहली लोक अदालत में एक दिन में 33476 प्रकरणों के निस्तारण का दावा किया गया है.

33 हजार से अधिक मुकदमों का हुआ निस्तारण:
देश और प्रदेश की पहली ई-लोक अदालत में 33 हजार से अधिक मुकदमों का आपसी समझाईश के आधार पर निस्तारण हुआ. राजस्थान सरकार ने भी इस पहली ऑनलाइन लोक अदालत को सफल बनाने में महत्वूपूर्ण भूमिका निभाते हुए राज्य सरकार से जुड़े प्रदेश की अदालतों से 8 हजार से अधिक प्रकरणों को विड्रा किया है.इस लोक अदालत के लिए जयपुर सहित प्रदेशभर की अदालतों में कुल 350 बैंचो का गठन किया गया.जिनमें सुनवाई के लिए कुल 66367 प्रकरणों को चिन्हित किया गया.शाम 5.30 बजे तक इन अदालतों में 33476 प्रकरणोंं का निस्तारण करते हुए 2 अरब 36 करोड़ के अवार्ड पारित किये गये.देश में नालसा के पायलट प्रोजेक्ट के तहत आयोजित इस पहली लोक अदालत को बड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है.

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ऑनलाइन ही समापन समारोह:
देश की पहली ऑनलाइन लोक अदालत के आयोजन के पश्चात ऑनलाइन ही समापन समारोह का भी आयोजन किया गया.ई लोक अदालत के समापन समारोह को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायाधीश एनवी रमन्ना, सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश अजय रस्तोगी, न्यायाधीश दिनेश माहेश्वरी और राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत माहान्ती और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष संगीतराज लोढ़ा ने सम्बोधित किया. समापन समारोह में नालसा के अध्यक्ष न्यायाधीश रमन्ना ने कहा कि बच्चे, महिला और हर जरूरतमंद तक न्याय पहुंचाने में विधिक सेवा प्राधिकरण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है. लोक अदालत में मुकदमें हमेशा के लिए समाप्त हुए और पक्षकारों के बीच का संबंध भी बना रहता है. 

लोक अदालत के जरिए हुआ हजारों मुकदमों का निस्तारण:
रालसा के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायाधीश लोढ़ा ने कहा कि लोक अदालत के जरिए हजारों मुकदमों का निस्तारण हुआ. बाड़मेर, जैसलमेर, धौलपुर जैसे इलाके जहां पर नेटवर्क मिलना बड़ी समस्या है वहां भी सफलतापूर्ण ई लोक अदालत का आयोजन हुआ है. वहीं मुख्य न्यायाधीश माहान्ती ने कहा कि सभी ने पूरी मेहनत से इसको सफल बनाने का प्रयास किया और हर समस्या पर पार पाते हुए इसका सफल बनाया है इसमें सभी का बड़ा योगदान है. वहीं सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश माहेश्वरी और न्यायाधीश रस्तोगी ने भी कोविड-19 के दौर में टेक्नोलॉजी का महत्व बताते हुए कहा कि सस्ता और सुलभ न्याय में लोक अदालतों को बड़ा महत्व है. सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश एनवी रमन्ना ने अपने संबोधन की शुरूआत खम्मा धणी से करते हुए सभी को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं भी दी. न्यायाधीश रमन्ना ने कोविड-19 में सभी के स्वस्थ्य होने और ख्याल रखने की उम्मीद की. 

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