हत्या की कोशिश को अदालत ने माना बड़ा अपराध, पति को 10 साल सश्रम कारावास की सजा 

हत्या की कोशिश को अदालत ने माना बड़ा अपराध, पति को 10 साल सश्रम कारावास की सजा 

हत्या की कोशिश को अदालत ने माना बड़ा अपराध, पति को 10 साल सश्रम कारावास की सजा 

ठाणे: महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक अदालत ने हत्या करने की कोशिश करने को बड़ा अपराध माना है और एक व्यक्ति को अपनी ही पत्नी की हत्या करने की कोशिश करने पर 10 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है.
 
पेशे से वकील है आरोपी:
जानकारी के अनुसार आरोपी पेशे से एक वकील है. उसने 2010 में अपनी पत्नी की हत्या कोशिश की थी. अदालत ने गुरुवार को यह फैसला सुनाया. जिला न्यायाधीश और अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पीपी जाधव ने भिवंडी कस्बे के रहने वाले अहमद आसिफ फाकिह पर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया.

2001 में हुई थी शादी, उसी समय से पत्नी को पीटता था आरोपी वकील:
विशेष लोक अभियोजक हेमलता देशमुख ने अदालत को बताया कि अहमद ने 2001 में शिकायतकर्ता से शादी की थी. दंपत्ति के तीन बच्चे हैं. अहमद घरेलू मुद्दों को लेकर अपनी पत्नी को पीटता था. जिसकी वजह से वह अपने बच्चों के साथ अलग रहने लगी थीं. उन्होंने अपने पति के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराते हुए बच्चों को अपने साथ ही रहने देने की अपील की थी.

फैसले के समय आरोपी मौजूद नहीं था:
अभियोजक के अनुसार, पीडि़ता 11 फरवरी, 2010 को अहमद के वकील के कार्यालय में मामले पर बातचीत करने के लिए गई थीं तभी आरोपी वहां पहुंचा और उसने बंदूक निकाल ली. हालांकि बंदूक से गोली नहीं चल पाई. इसके बाद उसने चाकू निकाल कर महिला पर कई वार किए और फिर वहां से फरार हो गया. घटना के समय दोनों पक्षों के वकील वहां मौजूद थे. अदालत ने जब फैसला सुनाया तब अहमद वहां मौजूद नहीं था. जज ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने के निर्देश दिए.

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