स्वर्ण नगरी में रंगोत्सव की धूम, आज बहने निभा रही है 'माला घोलाई' की रस्में

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/03/20 06:37

जैसलमेर। संस्कृति व परंपरा की नगरी जैसलमेर में होली का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस दो दिवसीय पर्व को लेकर यहां पर अनूठी परंपराएं हैं। आज सुबह से बहनें माला घोलाई की परंपरा का निर्वाह कर रही है, वहीं शाम होने के साथ ही अलग-अलग स्थानों व गली-मोहल्लों में शुभ मुहूर्त के अनुसार होलिका दहन किया जाएगा। 

एक पौराणिक मान्यता के अनुसार भैय्या दूज पर स्वंय यमराज ने अपनी बहन यमुना के घर जाकर टीका लगवाया था और भोजन किया था और उन्हे आर्शीवाद दिया कि इस दिन जो भाई अपनी विवाहित बहन के भाई के टीका करवाएगा और भोजन करेगा उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं रहेगा। तभी से भाईयों का बहन के घर जा कर टीका लगवाने की परंपरा शुरू हुई। सुबह से ही जैसलमेर में भाई बहिन इस पवित्र त्यौहार का उल्लास देखने को मिल रहा है। बहने माला घोलाई की परंपरा का निर्वाह कर रही है। इसके बाद गुरुवार को घुलंडी के दिन अबीर व गुलाल से शहर का वातावरण सराबोर होगा और जमकर होली खेली जाएगी। 

होली का उत्साह जैसलमेर में देखते ही बनता है। शहर में यह त्योहार भाईचारे व सौहार्द के साथ मनाया जाता है। इस पर्व को लेकर जिले के बाजार सज गए हैं। कहीं रंगों व गुलाल की अस्थायी दुकानें लगी हैं तो कई पिचकारियां सज गई हैं। बच्चों में इन दुकानों के प्रति जबरदस्त क्रेज देखने को मिला। सुबह से इन दुकानों में भारी भीड़ नजर आ रही है। होली के दिन माला घोलाई की परंपरा के चलते मिठाई वाले विशेष तैयारियां करते हैं। 
 

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