दौसा से बन कर गया था जश्ने आजादी का पहला तिरंगा, आज भी दिल्ली म्यूजियम में सुरक्षित

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/08/15 02:04

दौसा: पूरा देश जश्ने आजादी में झूम रहा है. देश की आजादी के जश्न में सबसे अहम होता है, तिरंगे को नमन. इस बार तो देश में आजादी का जश्न इसलिए भी बढ गया है कि जम्मू कश्मीर से धारा 370 व 35 ए हटाए जाने के बाद देश पहली बार सम्पूर्ण आजादी का तिरंगा लहरा रहा है. इसने आजादी की पहली वर्षगांठ की याद को ताजा कर दिया, जब पहली बार लालकिले पर तिरंगा लहराया गया था. 

प्रतिवर्ष 20 से 25 हजार मीटर तिरंगे का कपड़ा:
गौरतलब है कि आजादी के उस पहले जश्न में जो तिरंगा लगराया गया था, वो दौसा खादी समिति से तैयार हो कर गया था. इस झंडे को आलूदा के बुनकर चौथमल ने अपने हाथों से तैयार किया था. दौसा खादी समिति 1947 से पहले से संचालित हैं और आज भी यहां के बुनकरों में तिरंगे का कपड़ा बना कर देशभक्ति का जज्बा हर पल महसूस करते हैं. करीब 16 बुनकर प्रतिवर्ष 20 से 25 हजार मीटर तिरंगे का कपड़ा पूरे निर्धारित मानकों से तैयार करते है, जो कि उत्तर भारत में सप्लाई किया जाता है. 

दिल्ली म्यूजियम में सुरक्षित:
दौसा खादी समिति के मंत्री अनिल शर्मा बताते हैं कि आजादी के पहले जश्न के लिए दौसा व गोविन्दगढ से जनरल टाड व नानाजी देशमुख खुद लेकर गये थे, लेकिन पहली बार जो लाल किले पर झण्डा लहराया गया, वो दौसा का निर्मित था. जो आज भी दिल्ली म्यूजियम में सुरक्षित रखा हुआ है. दौसा खादी समिति आज तक झंडे के कपडे का निर्माण कर रही है, जो कारोबार के लिए नहीं देशभक्ति के जज्बे के साथ. वो दिन दूर नहीं जब बहुत जल्द दौसा में मानकों के अनुरुप कपड़ा ही नहीं देश की आन बान व शान सम्पूर्ण तिरंगे को बनाया जा करेगा. 
 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in