आरक्षण पर SC में समीक्षा याचिका नामंजूर की स्थिति में अध्‍यादेश लाएगी सरकार 

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/02/11 08:14

नई दिल्ली। सरकार ने कहा है कि वह विश्‍वविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती को लेकर आरक्षण के बारे में उच्‍चतम न्‍यायालय में दायर उसकी समीक्षा याचिका के नामंजूर किये जाने की स्थिति में अध्‍यादेश लाएगी। केन्‍द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने आज लोकसभा में ये जानकारी दी। उन्‍होंने कहा कि शीर्ष न्‍यायालय द्वारा इस बारे में दायर विशेष अनुमति याचिका को खारिज किये जाने के बाद सरकार ने ये फैसला लिया।

जावड़ेकर ने कहा कि मोदी सरकार आरक्षण के पूरे पक्ष में है। सामाजिक न्‍याय देगी और इसलिए उच्‍चतम न्‍यायालय में जो इलाहाबाद में निर्णय दिया और बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी उसको अफेंड किया वो हमें मंजूर नहीं है। इसलिए हमने स्‍पेशल न्‍यू पि‍टीशन दायर किया। स्‍पेशल न्‍यू पि‍टीशन के बाद वो भी डिसमिस हो गया तो हम रिव्‍यू पि‍टीशन डाल रहे हैं, लेकिन रिव्‍यू पि‍टीशन अगर खारिज होता है तो जरूरत पड़ने पर आर्डिनेंस भी निकालेंगे।

बता दें कि सपा, बसपा, आप और राजद के सदस्य उच्च शिक्षण संस्थाओं में नियुक्तियों में आरक्षण संबंधी 13 सूत्री रोस्टर के बजाय 200 सूत्री रोस्टर को वापस लेने के लिये अध्यादेश या विधेयक लाने की मांग कर रहे हैं। इनकी दलील है कि रोस्टर प्रणाली से अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्गों का आरक्षण प्रभावित होगा। 

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