'चमकी बुखार' मामले में सुप्रीम कोर्ट की असहाय टिप्पणी, कहा-हम डॉक्टरों की भर्ती नहीं कर सकते

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/07/26 03:15

नई दिल्ली: बिहार में 'चमकी बुखार' से बच्चों की होने वाली मौतों के मामले को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने बिहार में चिकित्सकों के खाली पदों को भरे जाने संबंधी जनहित याचिकाएं आज यह कहते हुए खारिज कर दी कि वह पानी से लेकर रोशनी तक, किस-किस चीज की कमी पर दिशानिर्देश जारी करेगा. 

दरअसल मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने कहा कि न्यायाधीशों, चिकित्सकों, मंत्रियों, राज्यसभा सदस्यों के अलावा पानी और सूर्य की रोशनी की भी कमी है, तो वह किस-किस चीज की कमी पूरा करने के लिए निर्देश देगी. मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हम न्यायाधीशों के रिक्त पदों को भरने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन हम ही जानते है कि हमें कितनी सफलता मिली है. हम चिकित्सकों के मामले में ऐसा नहीं कर सकते. हालांकि कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को इस मामले में पटना हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की छूट दे दी।

बता दें कि याचिकाकर्ताओं में से एक के वकील ने दलील दी कि बिहार में 57 प्रतिशत चिकित्सकों की कमी है. वकील मनोहर प्रताप ने बिहार में चिकित्सकों और नर्सों के बड़े पैमाने पर रिक्त पदों पर भर्तियों के लिए दिशानिर्देश जारी किये जाने का न्यायालय से आग्रह किया. 
 

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