खबर का असर: बच्चों-शिक्षकों को मिला विद्यालय का अस्थाई भवन 

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/07/01 09:01

खानपुर (झालावाड़): सरकारी महकमे के ढीलेपन का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है. अधिकारियों की लापरवाही के चलते काम समय पर पुरे नहीं हो पाते. ऐसा ही एक मामला झालावाड़ के खानपुर में सामने आया जहां विद्यालय के भवन को जर्जर हालत के कारण तोड़ दिया गया, लेकिन शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बावजूद कोई अन्य व्यवस्था नहीं की गई. 

दरअसल झालावाड़ जिले के खानपुर कस्बे में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय भवन क्षतिग्रस्त होने के कारण निर्माण करने के लिए तोड़ तो दिया गया. मगर शैक्षणिक सत्र के चलते बच्चों की पढ़ाई का ध्यान नहीं देने के कारण बच्चे विद्यालय के मुख्य द्वार पर खड़े होकर शिक्षक गण के साथ ताक रहे हैं. इस खबर को फर्स्ट इंडिया ने प्रमुखता से दिखाने के बाद शिक्षा विभाग प्रशासन के अधिकारियों ने आनन-फानन में मिनी सचिवालय पर बैठक आयोजित कर खानपुर कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के समीप बनी चिकित्सा विभाग की धर्मशाला को अस्थाई तौर पर व्यवस्था के लिए बच्चों को पढ़ाने के लिए भवन को देने के एसडीएम प्रमोद सिंह ने निर्देश दिए.

गौरतलब है कि राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चांदखेड़ी में तकरीबन 120 बच्चों का नामांकन चल रहा है तथा जर्जर भवन होने के कारण समसा विभाग द्वारा 5 कमरों का निर्माण कराने के लिए भवन को ध्वस्त किया गया. मगर 1 जुलाई से छात्र-छात्राएं आने के लिए शिक्षा विभाग ने पहले से तैयारी नहीं की और आज विद्यालय के मुख्यद्वार के समीप बनी पुरानी तहसील के बाहर विद्यार्थी छात्र छात्राएं तथा शिक्षक खड़े हुए नजर आए तो फर्स्ट इंडिया संवाददाता ने सबसे पहले खबर चलाने के बाद विभाग हरकत में आया और बच्चों की अस्थाई व्यवस्था पर विद्यालय प्रबंधन ने आभार जताया. 

... खानपुर से संवाददाता सलीम साहिल की रिपोर्ट 

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