राजस्थान रोडवेज में होने जा रहा नवाचार, कम्प्यूटर बताएगा किस रूट पर लगेगी ड्यूटी

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/07/22 09:10

जयपुर: खबर अच्छी है और पारदर्शिता लाने वाली भी. यह राजस्थान रोडवेज के 18 हजार कर्मचारियों से जुड़ी हुई है. अब उन्हें अवकाश लेना हो तो उच्चाधिकारियों के आगे-पीछे घूमने या उन्हें बताने की जरूरत नहीं होगी. यदि आपके खाते में छुट्टियां बकाया हैं तो कम्प्यूटर अपने आप छुट्टी जारी कर देगा. महिलाओं की सुरक्षा और बसों के आवागमन को लेकर भी आईटी सम्बंधी नवाचार किए जा रहे हैं. कैसे संभव होगा यह ऑटोमेशन, देखिए खास रिपोर्ट:

कर्मचारियों को होगी सहूलियत:
राजस्थान रोडवेज में अब मैनपाॅवर का बेहतर उपयोग हो सकेगा. न तो ड्यूटी लगने में गफलत रहेगी, न ही कर्मचारियों को यह मलाल रहेगा कि छुट्टियां बाकी रहने के बावजूद उन्हें अवकाश नहीं मिल रहा. ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट के लिए रोडवेज प्रशासन आईटी का नवाचार शुरू करने जा रहा है. इससे न केवल सभी कर्मचारियों-अधिकारियों का डेटा ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा, साथ ही प्रत्येक दिन का रूट चार्ट, कर्मचारियों का रोस्टर भी ऑनलाइन बन सकेगा. 

रुकेगा ड्यूटी लगाने में होने वाला भ्रष्टाचार:
रोडवेज प्रशासन का मानना है कि इससे ड्यूटी लगाने में होने वाला भ्रष्टाचार भी रुकेगा. दरअसल पसंदीदा रूट पर चलने के लिए चालक-परिचालक उच्चाधिकारियों से सिफारिश करते हैं. पसंदीदा रूट पर बसों में यात्रियों को बेटिकट यात्रा करवाकर वे रोडवेज को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाते हैं. इसे रोकने के लिए रोडवेज प्रशासन ऑनलाइन सॉफ्टवेयर तैयार कर रहा है. रोडवेज की प्रदेशभर में स्थित सभी 56 इकाईयों पर ऑनलाइन HRMS यानी ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम कियोस्क लगाए जाएंगे. रोडवेज प्रशासन ने इसके लिए निविदा जारी कर दी है. 31 जुलाई निविदा की अंतिम तिथि है. कियोस्क लगाने का कार्य 31 अक्टूबर तक कर लिया जाएगा. 

कैसे काम करेगा सिस्टम ?
—सभी ईकाईयों में HRMS के कियोस्क लगाए जाएंगे
—इनमें रोडेवज के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों का पूरा डेटा रहेगा
—चालकों-परिचालकों को ड्यूटी जॉइन-ऑफ होते समय थंब इंप्रेशन करना होगा
—इससे कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज हो जाएगी
—यदि कर्मचारी को किसी दिन के लिए अवकाश चाहिए तो थंब इंप्रेशन करना होगा
—इस पर उसकी बकाया छुट्टियाें की सूचना स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगी
—यदि छुट्टी बची हुई है, और बसें चलाने के लिए उस दिन डिपो में पर्याप्त स्टाफ है तो छुट्टी अप्रूव हो जाएगी
—इसके बाद चालक-परिचालक को अधिकारियों को इस बारे में बताने की जरूरत नहीं होगी
—मौजूद स्टाफ की संख्या और बसों के रूट के आधार पर हर रोज शाम 4 बजे चार्ट बनेगा
—इसमें प्रत्येक कर्मचारी की ड्यूटी कम्प्यूटर लगाएगा, अफसरों का दखल खत्म होगा
—यानी अब चालक-परिचालक अफसरों की मिलीभगत से पसंद के रूट पर ड्यूटी नहीं लगवा सकेंगे

जीपीएस आधारित व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम:
रोडवेज प्रशासन का मानना है कि इससे निचले स्तर पर कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और उन्हें छुट्टी लेने के लिए अफसरों की अनुमति का इंतजार नहीं करना होगा. आईटी में नवाचार करते हुए रोडवेज प्रशासन सभी बसों में व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम नए सिरे से इंस्टॉल करवाने जा रहा है. यह प्रयोग हालांकि 5 साल पहले भी शुरू किया गया था. उस समय रोजमार्टा कम्पनी से अनुबंध किया गया था, लेकिन अनुबंध में विवाद होने के बाद यह प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ सका था. रोडवेज प्रशासन बसों की रियल टाइम लाेकेशन जानने के लिए जीपीएस आधारित व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम लगवाएगा. इससे बस अड्डों पर बसों के आगमन की सटीक सूचना मिलेगी. साथ ही महिलाओं की सुरक्षा के लिए बसों में पैनिक बटन भी लगवाए जा रहे हैं.

वित्तीय हालत सुधारने के लिए आईटी का सहारा:
रोडवेज एमडी शुचि शर्मा ने पद संभालने के साथ ही रोडवेज की वित्तीय हालत सुधारने के लिए आईटी का सहारा लेना शुरू कर दिया है. प्रबंध निदेशक का मानना है कि आईटी को बढ़ावा देकर ही रोडवेज में पारदर्शिता आएगी, जिससे राजस्व में लीकेज नहीं होगा. लिहाजा, रोडवेज के आर्थिक घाटे को कम करने में मदद मिलेगी. देखना होगा कि प्रबंध निदेशक के ये प्रयास कब सफल हो पाते हैं.

... संवाददाता काशीराम चौधरी की रिपोर्ट 

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