संसद का मानसून सत्र परिणामकारी हो, सार्थक चर्चा के लिए समर्पित हो: प्रधानमंत्री

संसद का मानसून सत्र परिणामकारी हो, सार्थक चर्चा के लिए समर्पित हो: प्रधानमंत्री

संसद का मानसून सत्र परिणामकारी हो, सार्थक चर्चा के लिए समर्पित हो: प्रधानमंत्री

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि संसद का मानसून सत्र सार्थक चर्चा के लिए समर्पित हो क्योंकि जनता कई मुद्दों पर जवाब चाहती है और इसके लिए सरकार पूरी तरह तैयार है. 

संसद के मानसून सत्र के पहले दिन पत्रकारों से चर्चा में प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों से तीखे से तीखे सवाल पूछने को कहा लेकिन साथ ही आग्रह किया कि शांत वातावरण में वह सरकार को जवाब देने का मौका भी दें. उन्होंने टीका लगाने वालों को बाहुबली करार दिया और कहा कि अब तक चालीस करोड़ लोगों को कोरोना का टीका लग चुका है और आगे भी यह सिलसिला तेज गति से जारी रहेगा. 

सरकार जनता के सवालों का जवाब देने को तैयार:
उन्होंने कहा कि कोरोना ऐसी महामारी है जिसकी चपेट में पूरा विश्व और मानव जाति है. हम चाहते हैं कि इस संदर्भ में संसद में सार्थक चर्चा हो ओर प्राथमिकता के आधार पर हो. सारे सांसद का सुझाव भी मिले. इससे कोरोना के खिलाफ लड़ाई में बहुत नयापन भी आ सकता है ओर यदि कमियां रह गई हो तो उन्हें ठीक भी किया जा सकता है. प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के मुद्दे पर वह सभी मुख्यमंत्रियों और अन्य लोगों से चर्चा करते रहे हैं. उन्होंने इस संबंध में सदन के नेताओं से भी चर्चा करने की इच्छा जताई. उन्होंने कहा कि संसद का यह सत्र परिणामकारी हो और सार्थक चर्चा के लिए समर्पित हो. जनता जवाब चाहती है और सरकार की भी जवाब देने की तैयारी है. सोर्स-भाषा
 

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