सबसे मुश्किल काम है किसी को जज करना: मुख्य न्यायाधीश

Nizam Kantaliya Published Date 2019/09/20 11:41

जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एस रविन्द्र भट्ट का सुप्रीम कोर्ट के जज नियुक्त होने पर राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से गुरुवार को उन्हे विदाई दी गयी. हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्य पीठ और जयपुर पीठ दोनों जगह वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए एकसाथ रेफरेंस का आयोजन किया गया. रेफरेंस को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश एस.रविंद्र भट्ट ने कहा, कि 'यहां थोड़ी सर्जरी करनी पड़ी परन्तु अब ठीक है. सुप्रीम कोर्ट जज रहते राजस्थान के लिए जो कर सकता हूं, करता रहूंगा.' उन्होने कहा कि 'अलविदा का मतलब भूल जाना है, इसलिए यह मौका अलविदा कहने का नहीं है, बल्कि कहना चाहिए जल्द मिलेंगे.' उन्होंने कहा कि राजस्थान में हाईकोर्ट और अधीनस्थ न्यायालयों की दशा को करीब से देखा है. यहां के जज और न्यायिक अधिकारियों पर काम का बहुत दबाव है और जिस तरह की कार्य दशाएं यहां मौजूद हैं, सीमित संसाधनों के बावजूद यहां के जज बेहतर क्षमता के साथ कार्य कर रहे हैं.

जयपुर और राजस्थान का अनुभव अच्छा रहा: 
रेफरेंस को संबोधित करते हुए सीजे ने कहा कि जयपुर और राजस्थान का अनुभव अच्छा रहा. शीर्ष अदालत में जज नियुक्त होने तक के सफर को लेकर कहा कि माता-पिता उनके आदर्श रहे हैं. उन्हें आपातकाल के बाद की स्थितियों ने वकालत के लिए प्रेरित किया. युवा अधिवक्ताओं से आह्वान किया कि वे कर्तव्यनिष्ठा के साथ इस पेशे में कठिन परिश्रम करें, क्योंकि वे न्यायपालिका के भविष्य हैं और उनको इस संस्था को गौरवान्वित करना है. 

जस्टिस मोहम्मद रफीक ने पढा रेफरेंस भाषण: 
जोधपुर मुख्यपीठ में सीजे एस रविन्द्र भट्ट के सम्मान में आयोजित हुए फेयरवेल रेफरेंस में जस्टिस मोहम्मद रफीक ने रेफरेंस भाषण पढा. उन्होने सीजे भट्ट को एक बेहतरीन इंसान बताते हुए कहा कि सीजे भट्ट के अनुभव ने प्रदेश की न्यायपालिका को एक नया आयाम दिया है. महाधिवक्ता एस एस सिंघवी, राजस्थान बार कॉसिल के चैयरमेन सी एल सैनी, हाईकोर्ट एडवोकेट्स एवं लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रणजीत जोशी व सुनील जोशी ने सीजे के जीवन व उनके फैसलों की जानकारी दी. 

सर्जिकल स्ट्राईक करने वाले सीजे: 
राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोएिसशन जयपुर के अध्यक्ष अनिल उपमन ने फेयरवेल रेफरेंस को संबोधित करते हुए कहा कि सीजे एस रविन्द्र भट्ट को राजस्थान की ज्यूडिशरी में सर्जिकल स्ट्राईक करने वाले सीजे के तौर पर जाना जायेगा. उपमन ने कहा कि बहुत कम वक्त में ही राजस्थान की ना केवल लोअर ज्यूडिशरी में कई बड़े सुधार किये है. बल्कि वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए दोनो हाईकोर्ट में एक साथ सुनवाई की पहल की है. 

जोधपुर मुख्यपीठ में ये रहे मौजूद: 
रेफरेंस में जस्टिस मोहम्मद रफीक, जस्टिस संगीत लोढा, जस्टिस संदीप मेहता, जस्टिस विजय विश्नोई, जस्टिस अरूण भंसाली, जस्टिस पी एस भाटी, जस्टिस दिनेश मेहता, जस्टिस वी के माथुर, जस्टिस अभय चतुर्वेदी, महाधिवक्ता एम एस सिंघवी सहित वरिष्ठ अधिवक्ता मौजुद रहे. 

जयपुर पीठ में ये रहे मौजूद: 
जयपुर पीठ के कोर्ट संख्या 1 में वीडियो कॉफ्रेस की व्यवस्था कि गयी थी. वीसी से रेफरेंस के लिए तीन टी वी स्क्रीन के साथ ही एक बड़े पर्दे की भी व्यवस्था कि गयी. रेफरेंस में जस्टिस सबीना, जस्टिस आलोक शर्मा, जस्टिस प्रकाश गुप्ता, जस्टिस पंकज भण्डारी, जस्टिस गोवर्धन बारधार, जस्टिस एस पी शर्मा, जस्टिस अशोक गौड़, जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस एन एस ढड्ढा मौजुद रहे. वहीं हाईकोर्ट बार अध्यक्ष अनिल उपमन, महासचिव संगीता शर्मा, कई सीनियर एडवोकेट, रजिस्ट्री अधिकारी और अधिवक्ता मौजुद रहे.

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in