धरे रह गए सियासी दलों के वादे, कार्यकर्ताओं को नहीं पैराशूटर्स को मिली टिकट

Naresh Sharma Published Date 2018/11/17 11:17

जयपुर। रातों रात पार्टी में आने वाले पैराशूटर्स को टिकट नहीं देने के दावे हवा हो गए हैं। भाजपा और कांग्रेस ने सरे आम जनता के सामने दावे व वादे किए थे कि पार्टी कार्यकर्ताओं को ही टिकट दी जाएगी, लेकिन अब नियम कायदे व वादे सब धरे रह गए। कांग्रेस हो या भाजपा दोनों ने ही जमकर पैराशूटर्स उतारे हैं। एक नेता को तो पार्टी में शामिल होने के 15 मिनट बाद ही टिकट पकड़ा दिया गया।

राजस्थान में अब तक हुई हर जनसभा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने हाथ से इशारे करके बताए थे कि किसी पैराशूटर को टिकट नहीं दिया जाएगा। कोई पैराशूटर आएगा, तो 20 हजार फीट की ऊंचाई पर ही रस्सी काट दी जाएगी। राहुल गांधी ने यह भी कहा था कि कांग्रेस की टिकट चाहिए, तो पहले पार्टी में आकर सेवा करे, पार्टी को मजबूत करें और फिर उम्मीदवार बने, लेकिन हकीकत क्या है आप खुद देख लीजिए। 

—भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए विधायक हुबीबुर्रहमान
—दो दिन बाद ही हबीब को पकड़ा दी गई नागौर की टिकट
—दौसा सांसद हरीश मीणा मीणा भी भाजपा से आए कांग्रेस में
—हाथ का साथ मिलते ही दे दिया देवली-उनियारा का टिकट
—कन्हैया लाल झंवर को बीकानेर पूर्व से मैदान में उतारा है
—15 मिनट पहले ही कांग्रेस में शामिल हुए थे झंवर
—जमींदारा पार्टी से कांग्रेस में आई सोनादेवी बावरी
—सोनादेवी को रायसिंह नगर से थमाया कांग्रेस ने टिकट
—बसपा के बाद निर्दलीय चुनाव जीता राजकुमार ने
—कांग्रेस में आते ही नवलगढ़ से टिकट पकड़ाया
—राहुल की सभा में कांग्रेस में शामिल हुए शिवचरण कुशवाह
—और धौलपुर से साली के सामने पकड़ा दिया टिकट
—आदर्श नगर से रफीक व सवाई माधोपुर से आशा मीणा को टिकट
—और अब मानवेंद्र को बना दिया पैराशूटर
—झालरापाटन से कांग्रेस का टिकट थमाया मानवेंद्र को
—650 किमी दूर जाकर चुनाव लड़ेंगे मानवेंद्र

सिर्फ कांग्रेस ही नहीं भाजपा भी पैराशूटर उतारने में कहीं पीछा नहीं है। कार्यकर्ताओं की पार्टी कहे जाने वाली भाजपा ने दूसरी पार्टियों के नेताओं को निमंत्रण दे देकर टिकट पकड़ाया है और खुद के कार्यकर्ता ठगे से महसूस कर रहे हैं। विश्व की सबसे बड़ी पार्टी कहे जाने वाली भाजपा के पास कुछ सीटों पर तो ऐसे लोग भी नहीं थे, जो चुनाव लड़ सके। देखिए एक बानगी

—बीएसपी से भाजपा में लाए गए अभिनेष महर्षि
—और अपने मंत्री का टिकट काट दिया भाजपा ने
—मंत्री की जगह पैराशूटर को पकड़ा दिया टिकट
—कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अशोक शर्मा को भाजपा में लाया गया
—और तुरंत ही कमल का टिकट पकड़ा दिया गया
—महेश प्रताप सिंह को नाथद्वारा से प्रत्याशी बनाया भाजपा ने
—कांग्रेस से भाजपा में लाए गए महेश प्रताप सिंह
—दो बार निर्दलीय चुनाव लड़े गुरदीप शाहपीणी
—अब भाजपा ने ही संगरिया से प्रत्याशी बना दिया
—बांदीकुई से कांग्रेसी रामकिशोर सैनी को पहनाया पगवा दुपट्टा
—और अगले ही दिन दे दिया भाजपा का टिकट
—निर्दलीय व राजपा विधायक गोलमा देवी का भी ऐसा ही हाल
—राजपा से भाजपा में आते ही मनचाही जगह दिया टिकट
—मंडावा के नरेंद्र सिंह ने हराया था भाजपा को पिछले चुनाव में
—अब भाजपा ने नरेंद्र को गले लगाकर टिकट पकड़ा दिया

दोनों ही दलों को अभी कुल 46 उम्मीदवार और घोषित करने हैं, ऐसे में हो सकता है कि कोई पैराशूटर किसी विधानसभा सीट पर फिर उतर जाए। इतना तो तय है कि दोनों ही दलों को कार्यकर्ताओं से नहीं बस चुनाव लड़ने योग्य आदमी की जरूरत होती है, जिसके पास धनबल और जनबल हो। कार्यकर्ता तो बस नारे लगाने व दरी बिछाने के ही काम आएंगे।

नरेश शर्मा, योगेश शर्मा, भारत दीक्षित और अभिषेक श्रीवास्तव की रिपोर्ट 
 

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