नई दिल्ली देश में लगातार बढ़ रहा है कोरोना का खतरा, 24 घंटे में 16,752 नए मामले आए सामने

देश में लगातार बढ़ रहा है कोरोना का खतरा, 24 घंटे में 16,752 नए मामले आए सामने

देश में लगातार बढ़ रहा है कोरोना का खतरा, 24 घंटे में 16,752 नए मामले आए सामने

 नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है, देश में बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 16,752 नए मामले सामने आए जो कि पिछले 30 दिन में अब तक के सर्वाधिक मामले हैं। देश में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 1,10,96,731 हो गई है. इससे पहले, 29 जनवरी को संक्रमण के 18,855 नए मामले सामने आए थे.
 

महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या पहुंची 1,57,051 तक:

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह आठ बजे तक के अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक, 113 और संक्रमितों की मौत के बाद महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या 1,57,051 हो गई है. आंकड़ों के मुताबिक, संक्रमण का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या बढ़कर 1,64,511 हो गई है जो कुल मामलों का 1.48 प्रतिशत है. देश में अब तक कुल 1,07,75,169 मरीज संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं. लोगों के संक्रमण से मुक्त होने की दर 97.10 फीसदी है. कोरोना वायरस संक्रमण से मृत्यु दर 1.42 प्रतिशत है. वही पर देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितम्बर को 40 लाख से अधिक हो गई थी. वही संक्रमण के कुल मामले 16 सितम्बर को 50 लाख, 28 सितम्बर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवम्बर को 90 लाख और 19 दिसम्बर को एक करोड़ के पार चले गए थे.

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के अनुसार:

27 फरवरी तक 21,62,31,106 नमूनों की जांच की गई है. शनिवार को 7,95,723 नमूनों की जांच की गई,जिन 113 लोगों की पिछले 24 घंटे में मौत हुई है, उनमें से महाराष्ट्र के 51, केरल के 18 और पंजाब के 11 लोग शामिल हैं. देश में अब तक 1,57,051 लोगों की संक्रमण से मौत हो चुकी है, जिनमें से महाराष्ट्र के 52,092, तमिलनाडु के 12,493, कर्नाटक के 12,326, दिल्ली के 10,909, पश्चिम बंगाल के 10,266, उत्तर प्रदेश के 8,725 और आंध्र प्रदेश के 7,169 लोग शामिल हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अब तक जिन लोगों की मौत हुई, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं. मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है. (भाषा)

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