विधानसभा का षष्ठम सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, लगभग 186 घंटे 46 मिनट तक चली कार्यवाही

विधानसभा का षष्ठम सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, लगभग 186 घंटे 46 मिनट तक चली कार्यवाही

विधानसभा का षष्ठम सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, लगभग 186 घंटे 46 मिनट तक चली कार्यवाही

जयपुर: राजस्थान विधानसभा का षष्ठम सत्र शनिवार को  अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया. इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी ने कहा कि 10 फरवरी 2021 से इस सत्र की शुरूआत हुई. इसमें कुल 26 बैठकें हुई. इसमें 18 सितंबर 2021 की कार्यवाही समाप्त होने तक लगभग 186 घंटे 46 मिनट विधान सभा की कार्यवाही चली. जोशी ने इस दौरान एक बार फिर नाराज होकर अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया.

डॉ सीपी जोशी ने बताया कि इस सत्र में कुल 8763 प्रश्न प्राप्त हुए, जिनमें से तारांकित प्रश्न 3941 एवं अतारांकित प्रश्न 4822 हैं. कुल 447 तारांकित प्रश्न सूचीबद्ध हुए, जिनमें से 290 प्रश्न मौखिक रूप से पूछे गये एवं उनके उत्तर दिये गये. इसी तरह 470 अतारांकित प्रश्न सूचीबद्ध हुए.विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि सदस्यों से प्रक्रिया के नियम-50 के अंतर्गत कुल 405 स्थगन प्रस्तावों की सूचना प्राप्त हुई. इनमें से 125 स्थगन प्रस्तावों पर सदन में बोलने का अवसर दिया गया तथा 116 सदस्यों ने अपने विचार रखे.उन्होंने बताया कि सदस्यों से प्रक्रिया के नियम-295 के अंतर्गत प्राप्त 362 विशेष उल्लेख के प्रस्ताव प्राप्त हुए. इनमें से 310 विशेष उल्लेख की सूचनाएं सदन में पढ़ी गईं/पढ़ी हुई मानी गईं. राज्य सरकार से 162 सूचनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त हुई. विशेष उल्लेख की 52 सूचनाएं सदस्यों के सदन में अनुपस्थित होने के कारण व्यपगत हुई. 

जोशी ने बताया कि प्रक्रिया के नियम-131 के अंतर्गत 890 प्रस्तावों की सूचनाएं प्राप्त हुई. राज्य सरकार को तथ्यात्मक जानकारी के लिये 886 प्रस्ताव प्रेषित किये गये, जिनमें से राज्य सरकार से 516 प्रस्तावों के उत्तर प्राप्त हो गये हैं. सदन में संबंधित मंत्री का ध्यान आकर्षित करने के लिए कुल 23 प्रस्ताव कार्य-सूची में सूचीबद्ध किये गये. कुल 04 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव अग्राह्य किये गए.उन्होंने बताया कि राज्यपाल द्वारा 10 फरवरी, 2021 को सदन में अपना अभिभाषण दिया गया, जिस पर सदन में 4 दिन चर्चा हुई, जिसमें 69 सदस्यों ने भाग लिया. 15 फरवरी, 2021 को अभिभाषण पर हुए वाद-विवाद का मुख्यमंत्री द्वारा राज्य सरकार की ओर से उत्तर दिया गया.  

जोशी ने बताया कि अनुदानों की मांगों पर विचार आय-व्ययक अनुमान वर्ष 2021-2022 दिनांक 24 फरवरी, 2021 को सदन में उपस्थापित किया गया, जिस पर 4 दिन सामान्य वाद-विवाद हुआ, जिसमें 84 सदस्यों ने भाग लिया. दिनांक 04 मार्च, 2021 को मुख्यमंत्री ने आय-व्ययक पर हुए वाद-विवाद का राज्य सरकार की ओर से उत्तर दिया गया. उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों से संबंधित 11 अनुदानों की मांगों पर सदन में चर्चा हेतु 8 दिवस नियत किये गये. अनुदान की मांगों पर 2682 कटौती प्रस्तावों की सूचना प्राप्त हुई, जिसमें से 1929 कटौती प्रस्ताव सदन में प्रस्तुत किये गये एवं 753 कटौती प्रस्ताव अग्राह्य किये गये. अनुदानों की मांगों पर विभिन्न दिवसों को हुई चर्चा में कुल 272 सदस्यों ने भाग लिया. 

जोशी ने बताया कि वर्तमान सत्र में कुल 17 विधेयक पुनःस्थापित किये जाकर गत सत्र में पुनःस्थापित हुए विधेयकों को सम्मिलित करते हुए कुल 20 विधेयक सदन द्वारा पारित किये गये. विधेयकों पर सदस्यों से कुल 362 संशोधन प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से 30 संशोधन प्रस्ताव सचिवालय स्तर पर अग्राह्य एवं 332 संशोधन स्वीकार किये गये.  जोशी ने बताया कि सदन में 09 याचिकाएं सदस्यों द्वारा उपस्थापित की गई. सत्र में विभिन्न समितियों के कुल 41 प्रतिवेदन सदन में उपस्थापित किये गये. स्पीकर डॉ सीपी जोशी ने प्रयास किए कि सदन में प्रश्न काल सही ढंग से चले. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए योगेश शर्मा की रिपोर्ट

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