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फिर सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे पर अयोध्या मामला, 99 फीसदी मुसलमानो का मानना है की निर्णय पर पुनर्विचार याचिका दाखिल की जाए

फिर सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे पर अयोध्या मामला, 99 फीसदी मुसलमानो का मानना  है की निर्णय पर पुनर्विचार याचिका दाखिल की जाए

नई दिल्ली देश में मुसलमानों के सबसे बड़े संगठन ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का मानना है कि बाबरी मस्जिद पर उच्‍चतम न्‍यायालय के फैसले के बाद न्‍यायपालिका पर भरोसा कमजोर हुआ है.जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने अयोध्या केस में सुनाए गए फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है.यह याचिका मौलाना सैयद अशद रशीदी की ओर से दायर की गई है, जो अयोध्या मामले में मुस्लिम पक्ष के 10 याचिकाकर्ताओं में से एक हैं.बताया जा रहा है कि शाम पांच बजे जमीयत प्रमुख मौलाना अरशद मदनी प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.99 फीसद मुसलमान चाहते हैं कि इस निर्णय पर पुनर्विचार की याचिका दाखिल की जाए.

 बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी ने रविवार को भाषा से बातचीत में कहा कि मुसलमानों को न्‍यायपालिका पर भरोसा है, इसीलिए अयोध्‍या मामले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल की जा रही है, मगर बाबरी मस्जिद के फैसले के बाद वह भरोसा कमजोर हुआ है.जमीयत की कार्यकारी समिति ने 14 नवंबर को पांच सदस्यों का एक पैनल गठित किया था जिसमें कानूनी विशेषज्ञ और धार्मिक मामलों के विद्वानों को शामिल किया गया था. इस समिति का गठन उच्चतम न्यायालय के नौ नवंबर के फैसले के प्रत्येक पहलु को देखने के लिए किया गया था.जमीयत प्रमुख मौलाना अरशद मदनी की अगुवाई में इस पैनल ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली पुनर्विचार याचिका की संभावनाओं को देखा और सिफारिश की इस मामले में समीक्षा याचिका दायर की जानी चाहिए.

वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव जफरयाब जिलानी ने कहा कि हम आज सुप्रीम कोर्ट के समक्ष (अयोध्या मामले में) पुनर्विचार याचिका दायर नहीं कर रहे हैं। हमने समीक्षा याचिका तैयार की है और हम इसे 9 दिसंबर से पहले किसी भी दिन दायर कर सकते हैं.ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने पिछली 17 नवम्‍बर को अपनी आपात बैठक में इस आदेश पर पुनर्विचार की याचिका दाखिल करने का फैसला किया था

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Covid-19: पीएम मोदी ने अहमदाबाद, हैदराबाद और पुणे जाकर कोरोना वायरस टीका विकास की समीक्षा की

 Covid-19: पीएम मोदी ने अहमदाबाद, हैदराबाद और पुणे जाकर कोरोना वायरस टीका विकास की समीक्षा की

अहमदाबाद/हैदराबाद/पुणे: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के टीके के विकास कार्य की समीक्षा के लिए शनिवार को अहमदाबाद, हैदराबाद और पुणे का दौरा किया. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कहा कि दिन भर के दौरे का उद्देश्य नागरिकों के टीकाकरण में भारत के प्रयासों में आने वाली चुनौतियों, तैयारियों और रोडमैप जैसे पहलुओं की जानकारी हासिल करना था.

अहमदाबाद में जाइडस बायोटेक पार्क का किया दौरा:
मोदी ने अपने दौरे की शुरुआत अहमदाबाद के नजदीक दवा कंपनी जाइडस कैडिला के संयंत्र के दौरे के साथ की. मोदी ने ट्वीट किया, अहमदाबाद में जाइडस बायोटेक पार्क का दौरा किया और जाइडस कैडिला द्वारा विकसित किये जा रहे डीएनए आधारित स्वदेशी टीके के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त की. मैंने इस कार्य में लगी टीम के प्रयासों के लिए उसकी सराहना की. भारत सरकार इस यात्रा में उनका सहयोग करने के लिए उनके साथ सक्रियता से काम कर रही है.

अनुसंधान केंद्र में टीके के विकास की प्रक्रिया की समीक्षा:
प्रधानमंत्री ने अहमदाबाद से करीब 20 किमी दूर स्थित जाइडस कैडिला के चांगोदर औद्योगिक क्षेत्र स्थित अनुसंधान केंद्र में टीके के विकास की प्रक्रिया की समीक्षा की. इस दौरान मोदी ने पीपीई किट पहन रखी थी. एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री दिल्ली से करीब नौ बजे अहमदाबाद हवाई अड्डे पहुंचे, जहां से वह जाइडस कैडिला के संयंत्र गए. उन्होंने वहां कंपनी के प्रमोटरों और अधिकारियों से बात की.

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जाइकोव-डी नामक संभावित टीके का विकास:
उल्लेखनीय है कि जाइडस कैडिला ने कोविड-19 के खिलाफ जाइकोव-डी नामक संभावित टीके का विकास किया है जिसके पहले चरण का क्लिनिकल परीक्षण पूरा हो चुका है. कंपनी ने अगस्त में दूसरे चरण का परीक्षण शुरू किया है. एक अधिकारी के अनुसार कंपनी के अधिकारियों ने संयंत्र में टीका विकास कार्यों के बारे में मोदी को विस्तार से जानकारी दी. उन्हें टीका उत्पादन प्रक्रिया की जानकारी दी गयी। प्रधानमंत्री ने वहां वैज्ञानिकों और टीका के विकास से जुड़े लोगों से बातचीत की.

मार्च 2021 तक पूरा करना है टीके का परीक्षण:
जाइडस कैडिला के अध्यक्ष पंकज पटेल ने हाल ही में कहा था कि कंपनी का उद्देश्य मार्च 2021 तक टीके का परीक्षण पूरा करना है और वह एक साल में 10 करोड़ तक खुराक का उत्पादन कर सकती है. मोदी करीब एक घंटे तक संयंत्र में रहे। इसके बाद वह हवाईअड्डे के लिए निकले और वहां से 11.40 बजे हैदराबाद रवाना हो गए. मोदी हैदराबाद के नजदीक हकीमपेट वायु सेना हवाई अड्डे पर दोपहर करीब एक बजे पहुंचे.हैदराबाद के हकीमपेट वायु सेना हवाई अड्डे पर उतरने के बाद तेलंगाना के मुख्य सचिव सोमेश कुमार, पुलिस महानिदेशक और अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया. अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री वायु सेना हवाई अड्डे से करीब 20 किलोमीटर दूर जीनोम वैली स्थित भारत बायोटेक की इकाई गए.

वरिष्ठ अधिकारियों से कोवैक्सिन के बारे में जानकारी प्राप्त की:
भारत बायोटेक कोविड-19 की रोकथाम के लिए संभावित टीके कोवैक्सिन का विकास भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और राष्ट्रीय विषाणुविज्ञान संस्थान के साथ मिलकर कर रहा है, जिसके तीसरे चरण का परीक्षण चल रहा है. हैदराबाद में जीनोम वैली स्थित भारत बायोटेक की बीएसएल-3 (जैव-सुरक्षा स्तर 3) इकाई में टीके का विकास किया जा रहा है और यहीं इसका उत्पादन किया जाएगा. अधिकारियों के अनुसार प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिकों और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से कोवैक्सिन के बारे में जानकारी प्राप्त की.

कोविड-19 के स्वदेशी टीके के बारे में जानकारी मिली:
घंटे भर के दौरे के बाद मोदी ने ट्वीट किया, हैदराबाद में भारत बायोटेक कंपनी में कोविड-19 के स्वदेशी टीके के बारे में जानकारी मिली. वैज्ञानिकों को अभी तक किए गए परीक्षण में प्रगति के लिए बधाई. उनकी टीम आईसीएमआर के साथ निकटता से काम कर रही है. कंपनी से बाहर निकलने के बाद मोदी मुख्य द्वार पर अपने वाहन से उतर गए और मीडियाकर्मियों तथा पास खड़े लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया. मोदी तीन बजकर 30 मिनट पर पुणे के लिए रवाना हो गए और वहां वह साढ़े चार बजे पहुंचे.

टीका विकास पर चल रहे कामकाज का लिया जायजा:
हैदराबाद से पुणे हवाई अड्डे पर शाम करीब साढ़े चार बजे पहुंचने के बाद मोदी हेलीकॉप्टर से सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के लिए रवाना हुए. सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में मोदी ने वैज्ञानिकों से बातचीत की और वहां टीका विकास पर चल रहे कामकाज का जायजा लिया. वह दिल्ली जाने के लिए शाम छह बजे पुणे हवाई अड्डे रवाना हो गए. एक अधिकारी ने बताया कि मोदी के एसआईआई दौरे का उद्देश्य कोरोना वायरस के लिए टीके की प्रगति की समीक्षा करना है और इसके लांच के समय, उत्पादन और वितरण व्यवस्था का जायजा लेना है. टीके के विकास के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने वैश्विक दवा कंपनी एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के साथ भागीदारी की है.

आखिर योगी को क्यों दी गई हैदराबाद की जिम्मेदारी ! जानिए पूरी खबर...

 आखिर योगी को क्यों दी गई हैदराबाद की जिम्मेदारी ! जानिए पूरी खबर...

लखनऊ:  बिहार के बाद हैदराबाद नगर निगम चुनाव राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बनता दिखाई दे रहा है, जिस पर देशभर की निगाहें लगी हुई है. यह रोमांच और तब बढ़ गया जब इस पूरे चुनाव में स्टार प्रचार के तौर पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का नाम सामने आया. योगी आज हैदराबाद में प्रचार के लिए पहुंचेगे. हैदराबाद चुनाव प्रचार में विशेष तौर पर बीजेपी रोहिंग्या मुसलमानों का  मुद्दा उठा रही है. वहीं दूसरी योगी को मैदान में उतार कर 2017 विधानसभा चुनाव के मॉडल को हैदराबाद के जमीनीस्तर तक पहुंचाने की तैयारी में हैं, माना जा रहा है कि बीजेपी यहां ओवैसी के बहाने केसीआर पर निशाना साध रही है, जिसके लिए हिंदुत्व फेस के तौर पर योगी को मैदान में उतारा गया है. योगी की हिंदूवादी छवि का बीजेपी भरपूर फायदा लेना चाहती है. वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश में लव जिहाद जैसे कानून को कैबिनट से मंजूरी  के बाद बीजेपी योगी के साहरे  साइलेंट वोटर्स को भी साधाने की कोशिश में है.     

ग्रेटर हैदराबाद निगम देश के सबसे बड़े नगर निगमों में से एक:
ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) चुनाव को 2023 के तेलंगाना विधानसभा चुनाव का लिटमस टेस्ट माना जा रहा है. ऐसे में बीजेपी के लिए यह चुनाव हैदराबाद में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने और तेलंगाना के भीतरी इलाकों में ज्यादा से ज्यादा सियासी आधार बढ़ाने का मौका नजर आ रहा. यही वजह है की बीजेपी ने केसीआर और असदुद्दीन ओवैसी के मजबूत दुर्ग में अपने दिग्गज नेताओं की फौज उतार दी है. बता दें कि ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम देश के सबसे बड़े नगर निगमों में से एक है. यह नगर निगम 4 जिलों में है, जिनमें हैदराबाद, रंगारेड्डी, मेडचल-मलकजगिरी और संगारेड्डी आते हैं. इस पूरे इलाके में 24 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं और तेलंगाना के 5 लोकससभा सीटें आती हैं. यही वजह है कि ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम चुनाव में केसीआर से लेकर बीजेपी, कांग्रेस और असदुद्दीन ओवैसी तक ने ताकत झोंक दी है. 

उपचुनाव में मिली जीत ने बढ़ाया BJP का उत्साह:
तेलंगाना में इस महीने की शुरुआत में डबका विधानसभा उपचुनाव में मिली जीत ने बीजेपी के उत्साह को बढ़ा दिया है, क्योंकि इस सीट पर केसीआर की पार्टी का कब्जा था. बीजेपी ने केसीआर के मजबूत गढ़ में जीत दर्ज की है, जिसके चलते पार्टी के हौसले बुलंद हो गए हैं. अब हैदराबाद निकाय चुनाव को बीजेपी ने सभी 150 सीटों पर ताल ठोककर मुकाबले को रोचक बना दिया है. बीजेपी ने फ्री-पानी से लेकर फ्री बिजली और कोरोना वैक्सीन सहित तमाम वादे किए हैं.दरअसल, कर्नाटक के अलावा दक्षिणी राज्यों आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और केरल में बीजेपी की बहुत ज्यादा मौजूदगी नहीं है, यहां क्षेत्रीय दलों की पकड़ मजबूत है. वहीं, बीजेपी की राज्यसभा में क्षेत्रीय दलों के ऊपर से निर्भरता कम हो गई है. तेलंगाना में बीजेपी की सक्रियता के पीछे एक बड़ी वजह यह भी मानी जा रही है कि अब केसीआर के बिना भी मोदी सरकार उच्च सदन में अपने अहम बिल पास करा सकती है. 

BJP ने KCR के खिलाफ खुला मोर्चा तेलंगाना में खोला:
बीजेपी ने केसीआर के खिलाफ खुला मोर्चा तेलंगाना में खोल दिया है. 4 लोकसभा और 2 विधानसभा सीटें जीतकर, बीजेपी तेलंगाना में अपना दायरा बढ़ने की उम्मीद कर रही है. यही वजह है कि पार्टी ने बिहार चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव को हैदराबाद चुनाव की योजना तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है तो पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ तक हैदराबाद नगर निगम चुनाव प्रचार में उतर रहे हैं. ऐसे में निगम चुनाव के जरिए बीजेपी यह साबित करना और संदेश देना चाहती है कि तेलंगाना में अब टीआरएस की मुख्य प्रतिद्वंदी कांग्रेस नहीं, बल्कि बीजेपी है.

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ओवैसी के गढ़ हैदराबाद में प्रचार के लिए उतरेंगे योगी:
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शुक्रवार हैदराबाद के नगर निगम के नड्डा मल्कज्गिरी क्षेत्र में प्रचार करेंगे. वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार और योगी आदित्यनाथ शनिवार को असदुद्दीन ओवैसी के गढ़ हैदराबाद में प्रचार के लिए उतरेंगे. बीजेपी और औवैसी की पार्टी के नेताओं के बीच लगातार वार-पलटवार चल रहे हैं. ऐसे में बीजेपी शाह और योगी को उतारकर आक्रमक चुनाव प्रचार को धार देकर ओवैसी और केसीआर के गढ़ को भेदना चाहती है.  

हैदाराबाद निगम चुनाव BJP बनाम ओवैसी के बीच सिमटा हुआ:
बीजेपी यहां ओवैसी के बहाने केसीआर पर निशाना साध रही थी, लेकिन केसीआर ने सभी 150 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारकर ध्रुवीकरण की राजनीति से बचने का दांव चला है. इसके बावजूद हैदाराबाद निगम चुनाव बीजेपी बनाम ओवैसी के बीच सिमटा हुआ है. हालांकि, ओवैसी सिर्फ पुराने हैदाराबाद के इलाकी की 51 सीटों पर चुनाव लड़े रहे हैं जबकि केसीआर सभी सीटों पर है. ऐसे में बीजेपी को अपनी जीत की उम्मीद नजर आ रही है.  बता दें कि 2016 के ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम चुनाव में टीआरएस ने 150 वार्डों में से 99 वार्ड में जीत दर्ज की थी, जबकि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने 44 जीता था. वहीं, बीजेपी महज तीन नगर निगम वार्ड में जीत दर्ज कर सकी थी और कांग्रेस को महज दो वार्डों में ही जीत मिली थी. इस तरह से ग्रेटर हैदराबाद और पुराने हैदराबाद के निगम पर केसीआर और ओवैसी की पार्टी ने कब्जा जमाया था. 

BJP ने हैदराबाद में खो दीं थी 6 सीटें 
बीजेपी ने उस समय महज तीन सीटें जीती थी जब पार्टी के सात विधायक थे. 2018 के विधानसभा में बीजेपी ने हैदराबाद में छह सीटें खो दीं महज एक सीट बचा पाई थी. बीजेपी के राजा सिंह ने जीतकर बीजेपी की लाज बचाई थी. हालांकि, एक साल के बाद हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने तेलंगाना की चार सीटें आदिलाबाद, करीमनगर, निज़ामाबाद और सिकंदराबाद में जीत हासिल की. ऐसे में अब उसकी नजर ओवैसी के दुर्ग हैदराबाद इलाके में जीत का परचम फहराने का है. इसीलिए बीजेपी यहां किसी तरह का कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है.

...फर्स्ट इंडिया के लिए शिशिर अवस्थी की रिपोर्ट

आंदोलनकारी किसान दिल्ली के सिंघु और टिकरी सीमा पर जमा हुए, प्रदर्शन स्थल जाने से इनकार किया

आंदोलनकारी किसान दिल्ली के सिंघु और टिकरी सीमा पर जमा हुए, प्रदर्शन स्थल जाने से इनकार किया

नई दिल्ली: केंद्र द्वारा लागू कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसान शनिवार सुबह सिंघु बॉर्डर पर जमा हुए और बैठक की. इसमें उन्होंने प्रदर्शन के लिए उत्तर दिल्ली में स्थान निर्धारित करने के बावजूद सीमा पर ही विरोध-प्रदर्शन जारी रखने का फैसला किया.

टिकरी बॉडर पर मौजूद किसानों का भी प्रदर्शन जारी है. हालांकि, निर्धारित स्थल पर जाने को लेकर उन्होंने जल्द फैसला करने की बात कही. एक किसान नेता ने बताया कि पंजाब से दिल्ली प्रवेश करने के प्रमुख रास्ते सिंघु बॉडर पर किसानों की बैठक में फैसला लिया गया कि वे वहां से नहीं हटेंगे और प्रदर्शन जारी रखेंगे.

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उन्होंने कहा कि हम यहीं (सिंघु बॉडर)प्रदर्शन जारी रखेंगे. हम घर वापस नहीं जाएंगे. पंजाब और हरियाणा से हजारों किसान प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आए हैं. उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को सीमा पर पुलिस के आंसूगैस एवं पानी के बौछार का सामना करने के बाद सैकड़ों किसान दिल्ली में प्रवेश किए अब भी हजारों किसान सीमा पर जमे हैं और उन्होंने अबतक प्रशासन द्वारा तय धरना स्थल पर प्रदर्शन करने को लेकर फैसला नहीं किया है.

प्रधानमंत्री ने जाइडस कैडिला के संयंत्र में कोविड-19 के टीके के विकास कार्य की समीक्षा की

प्रधानमंत्री ने जाइडस कैडिला के संयंत्र में कोविड-19 के टीके के विकास कार्य की समीक्षा की

अहमदाबाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के टीके के विकास कार्य की समीक्षा के लिए तीन शहरों का अपना दौरा शनिवार को आरंभ किया. वह सबसे पहले अहमदाबाद के निकट फार्मास्युटिकल कंपनी जाइडस कैडिला की उत्पादन इकाई में गए.

टीके के विकास की प्रक्रिया का अवलोकन किया: 
प्रधानमंत्री ने अहमदाबाद से करीब 20 किमी दूर स्थित जाइडस कैडिला के चांगोदर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित अनुसंधान केंद्र में टीके के विकास की प्रक्रिया का अवलोकन किया. इस दौरान मोदी ने पीपीई किट पहन रखी थी.

मोदी करीब एक घंटे तक संयंत्र में रहे:
एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली से करीब नौ बजे अहमदाबाद हवाईअड्डे पर पहुंचे, वहां से वह सबसे पहले जाइडस कैडिला के संयंत्र में पहुंचे जहां उन्होंने कंपनी के प्रमोटरों और अधिकारियों से बात की. मोदी करीब एक घंटे तक संयंत्र में रहे. फिर हवाईअड्डे रवाना हो गए. वह हैदराबाद जाएंगे.

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अहमदाबाद के बाद हैदराबाद जाने का कार्यक्रम:
उल्लेखनीय है कि जाइडस कैडिला ने कोविड-19 के खिलाफ जाइकोव-डी नामक संभावित टीके का विकास किया है जिसके पहले चरण का क्लिनिकल परीक्षण पूरा हो चुका है और कंपनी ने अगस्त से दूसरे चरण का परीक्षण शुरू किया था. मोदी का अहमदाबाद के बाद हैदराबाद जाने का कार्यक्रम है जहां वह टीका निर्माता भारत बायोटेक के संयंत्र का दौरा करेंगे.

भारत बायोटेक द्वारा विकसित टीके का तीसरे चरण का परीक्षण चल रहा: 
प्रधानमंत्री हैदराबाद स्थित हकीमपेट वायुसेना केंद्र पर पहुंचने के बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे शहर से लगभग 50 किलोमीटर दूर जीनोम वैली स्थित भारत बायोटेक के संयंत्र में जाएंगे. भारत बायोटेक द्वारा विकसित संभावित टीके कोवैक्सिन का तीसरे चरण का परीक्षण चल रहा है.

भारत बायोटेक के संयंत्र में करीब एक घंटा बिताने के बाद मोदी पुणे रवाना होंगे:
भारत बायोटेक के संयंत्र में करीब एक घंटा बिताने के बाद मोदी पुणे रवाना होंगे जहां वह सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) जाएंगे जिसने कोविड-19 टीके के लिए वैश्विक दवा निर्माता कंपनी एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के साथ साझेदारी की है. अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री एसआईआई परिसर शाम करीब साढ़े चार बजे पहुंचेंगे और यहां करीब एक घंटे तक रहेंगे. उन्होंने बताया कि मोदी शाम को दिल्ली रवाना होंगे.
सोर्स- भाषा

येदियुरप्पा के राजनीतिक सचिव आत्महत्या के कथित प्रयास के बाद अस्पताल में भर्ती

येदियुरप्पा के राजनीतिक सचिव आत्महत्या के कथित प्रयास के बाद अस्पताल में भर्ती

बेंगलुरु: कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा के राजनीतिक सचिव एवं रिश्तेदार एन आर संतोष को कथित तौर पर आत्महत्या की कोशिश करने के बाद शुक्रवार देर रात अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी.

नींद की गोलिंया खा कर आत्महत्या की कोशिश की:
उन्होंने बताया कि सचिव को यहां डॉलर्स कॉलोनी आवास में बेहोशी की हालत में पाए जाने के बाद परिजन उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल में ले गए. येदियुरप्पा कल रात अस्पताल गए. मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने संतोष को हमेशा ‘‘खुश’’ देखा है. सूत्रों के अनुसार संतोष ने नींद की गोलिंया खा कर आत्महत्या की कोशिश की. मुख्यमंत्री ने कहा कि संतोष को अच्छा उपचार मिल रहा है.

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घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा: 
उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि आज सुबह हम 45 मिनट तक टहले. कल भी मैंने देखा कि वह खुश थे. मुझे नहीं पता कि ऐसा क्यों हुआ. मैं पता करूंगा और उनके परिवार से बात करूंगा. पुलिस सूत्रों ने बताया कि घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है.

मई में मुख्यमंत्री का राजनीतिक सचिव नियुक्त किया गया था:
संतोष को इस वर्ष मई में मुख्यमंत्री का राजनीतिक सचिव नियुक्त किया गया था. ऐसी खबरें थीं कि येदियुरप्पा के कुछ खास लोगों से कथित मतभेद के चलते संतोष मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव के पद से इस्तीफा दे सकते हैं.

दिल्ली चलो : आगे के कदमों पर चर्चा के लिए किसान आज करेंगे बैठक

दिल्ली चलो : आगे के कदमों पर चर्चा के लिए किसान आज करेंगे बैठक

चंडीगढ़: पंजाब के किसान नेताओं ने शुक्रवार को बताया कि वे शनिवार को बैठक कर आगे के कदमों के बारे में चर्चा करेंगे. हालांकि ये किसान नेता केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन के लिए बुराड़ी जाने के पक्ष में हैं.

बैठक करेंगे और आगे के कदमों के बारे में फैसला लेंगे: 
भारतीय किसान यूनियन (डकौंदा) के अध्यक्ष बूटा सिंह बर्जगिल ने फोन पर बताया कि कई किसान नेता अब भी दिल्ली के रास्ते में हैं. हम कल बैठक करेंगे और आगे के कदमों के बारे में फैसला लेंगे. वहीं क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने बताया कि वे बुराड़ी जाने के पक्ष में हैं क्योंकि उन्होंने ‘दिल्ली चलो’ का आह्वान किया था. उन्होंने आगे कहा कि इस प्रदर्शन का लक्ष्य दिल्ली पहुंचना और केंद्र सरकार पर इन तीन कृषि कानूनों को लेकर दबाव बनाना है.

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प्रदर्शनकारियों को मैदान में प्रदर्शन की अनुमति: 
पाल ने कहा कि बुराड़ी के मैदान में पंजाब, हरियाणा और अन्य स्थानों से आए बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी भर सकते हैं. दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों को मैदान में प्रदर्शन की अनुमति दे दी. इस बीच कई किसान हरियाणा के सोनीपत जिले से लगती दिल्ली की सीमा पर जमा हैं और वे रात में वहीं रूकेंगे.

अमरिंदर सिंह ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन की अनुमति का स्वागत किया:
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को केंद्र सरकार द्वारा किसानों को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश देने और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन की अनुमति का स्वागत किया.
सोर्स- भाषा

VIDEO: आखिर क्यों बिफरे बिहार विधानसभा में नीतीश कुमार ? जानिए पूरा मामला...

पटना: बिहार विधानसभा में शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के आरोपों और कटाक्षों पर अपने स्वभाव के विपरीत बिफर पड़े. कुमार को चार कार्यकाल के दौरान पद पर रहते हुए संयत बरतने और धीर-गंभीर स्वभाव का माना जाता है लेकिन शुक्रवार को वह खड़े होकर सदन में चिल्लाए कि ‘झूठ बोल रहे हैं यह. राजद के 31 वर्षीय नेता ने अपने करीब एक घंटे के भाषण में कुमार पर कई निजी हमले किए और आरोप लगाए लेकिन मुख्यमंत्री ने कुछ नहीं बोला. जद (यू) के नेता और संसदीय मामलों के मंत्री विजय कुमार चौधरी जब बयान दे रहे थे तब तेजस्वी ने बीच में टोका जिस पर मुख्यमंत्री बिफर पड़े.

यादव ने अपने भाषण में हत्या के एक मामले का जिक्र किया जिसमें कुमार के आरोपी होने की बात कही , साथ ही उन्होंने कुमार पर जेएनयू के एक छात्र द्वारा साहित्यिक चोरी के आरोप का जिक्र किया जिसे पटना के एक थिंक टैंक ने प्रकाशित किया और मुख्यमंत्री ने उसे प्रस्तावित किया. इसके अलावा सृजन घोटाले में भी उनपर आरोप का जिक्र किया जिसकी जांच सीबीआई कर रही है। चौधरी ने इन सभी आरोपों से इंकार किया.

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यादव अपनी सीट पर खड़े हुए और कहा कि यह गंभीर मामला है जिसे मैंने तथ्यों के आधार पर उठाया है. क्या यह सच नहीं है कि मुख्यमंत्री को हत्या के एक मामले में जुर्माना भरना पड़ा था. युवा नेता की बात पर मुख्यमंत्री खड़े हुए और तेज़ आवाज़ में बोले कि वह (तेजस्वी) झूठ बोल रहे हैं. उन्होंने कहा कि मैं आसन को चुनौती देता हूं कि बयान की सत्यता की जांच की जाए और आवश्यक कार्रवाई की जाए. मैं चुपचाप इसलिए सुन रहा हूं कि वह मेरे दोस्त के बेटे हैं जिन्हें मैं अपना भाई मानता हूं.

कुमार ने गुस्से में कहा कि क्या उन्हें पता है कि उनके पिता (लालू प्रसाद) किस तरह से मुख्यमंत्री बने? क्या वह भूल गए कि उन्हें उपमुख्यमंत्री किसने बनाया? मैंने उनसे रास्ता इसलिए अलग कर लिया कि चीजों का जवाब देने की मेरी सलाह को वह नहीं मानते थे. कुमार ने सदन में हंगामे के बीच कहा कि जब मैं उनसे (यादव) चीजों को स्पष्ट करने के लिए कहता था तो वह नहीं करते थे क्योंकि वह नहीं कर सकते थे. अब उनके खिलाफ आरोपपत्र भी दायर हो गया है. आप (यादव) क्या बकवास कर रहे हैं? क्या मैं आपको नहीं जानता हूं?

विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने 30 मिनट के लिए सदन स्थगित कर दी. बाद में सदन की कार्यवाही शुरू होने पर कुमार ने सरकार की ओर से राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई बहस का जवाब दिया. उन्होंने कहा कि विपक्ष को अपनी आकांक्षाएं पूरी करने का हक है लेकिन मार्यादा का उल्लंघन नहीं करना चाहिए.

भारत की मदद से नेपाल ने खोले 3 नए स्कूल, विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने किया उद्घाटन

भारत की मदद से नेपाल ने खोले 3 नए स्कूल, विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने किया उद्घाटन

काठमांडूः हाल ही में नेपाल ने भारत की मदद से तीन नए स्कूल खोले है, जिनका उद्घाटन आज किया गया है. खबर है कि देश के विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने नेपाल के गोरखा जिले में भारत की सहायता से निर्मित तीन स्कूलों का आज उद्घाटन किया है. ये जिला 2015 में आए भूकंप का केंद्र था. नेपाल में अप्रैल 2015 में आए 7.8 तीव्रता के भूकंप ने काफी तबाही मचाई थी जिसमें करीब 9000 लोगों की मौत हो गई थी जबकि करीब 22,000 अन्य घायल हो गए थे. जिसके बाद भारत ने दोस्ती निभाते हुए नेपाल की मदद की है और पुनरुद्धार कराया है. 

भारतीय दूतावास ने ट्वीट किया है कि विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने आज गोरखा में भारत की पुनर्निर्माण सहायता- लोगों में निवेश- शिक्षा में निवेश के तहत निर्मित तीन स्कूलों का उद्घाटन किया गया है. विदेश मंत्रालय ने स्कूल के उद्घाटन कार्यक्रम का एक वीडियो भी ट्वीट किया है. विदेश सचिव ने मनंग जिले में भारत की सहायता से पुनरुद्धार किए गए एक बौद्ध मठ का भी उद्घाटन किया है. मंत्रालय ने ट्वीट किया कि विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने मनंग जिले में भारत की मदद से पुनरुद्धार के बाद तैयार ताशोप (तारे) गोम्पा मठ का भी उद्घाटन किया है.

मंत्रालय ने श्रृंगला को उद्धृत करते हुए कहा कि बौद्ध धर्म भारत और नेपाल के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क-सूत्र है.इससे पहले  विदेश नीति थिंक-टैंक एशियन इंस्टीयूट ऑफ डिप्लोमैसी एंड इंटरनेशनल अफेयर्स द्वारा आयोजित एक परिचर्चा में श्रृंगला ने कहा कि नेपाल और भारत के बीच का रिश्ता जटिल है और उनकी सभ्यतागत धरोहर, संस्कृति एवं रीति-रिवाज आपस में मिलते हैं. उन्होंने 2015 में नेपाल में आये विनाशकारी भूकंप के बाद भारत द्वारा त्वरित रूप से उठाये गये कदमों का दृष्टांत देते हुए कहा कि भारत अपने आप को नेपाल का स्वाभाविक और स्वत: प्रवृत सहयोगकर्ता के रूप में देखता है. (सोर्स-भाषा)

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