कोरोना से राजस्व में आई भारी कमी: राजस्व मंत्री हरिश चौधरी ने Digital Baal Mela के बच्चों को बताया कैसे सरकार की आमदनी पर पड़ा महामारी का असर

कोरोना से राजस्व में आई भारी कमी: राजस्व मंत्री हरिश चौधरी ने Digital Baal Mela के बच्चों को बताया कैसे सरकार की आमदनी पर पड़ा महामारी का असर

कोरोना से राजस्व में आई भारी कमी:  राजस्व मंत्री हरिश चौधरी ने Digital Baal Mela के बच्चों को बताया कैसे सरकार की आमदनी पर पड़ा महामारी का असर

जयपुर: सरकार के बजट में बच्चों का कितना हिस्सा हर बच्चे को जिस तरह अपने गुल्लक को भरने  योजना बनानी होती है उसी तरह सरकार को भी अपने कंधो पर जनता की रक्षा करने की शपथ लेने के बाद उनकी हर एक जरूरतों की व्यवस्था करनी होती है. जिसके लिए आवश्यक होता है. बजट.. ऐसे में फ्यूचर सोसाइटी और एलआईसी द्वारा प्रायोजित देश के पहले डिजिटल बाल मेला 2021 के सीजन 2 में आज बच्चों से इसी विषय पर संवाद किया गया. 


ऑनलाइन सेशन में दिग्गज मंत्री और नेता बच्चों को राजनीति के गुर सिखाते है:

जी हां अब तक बाल मेले के ऑनलाइन सेशन में दिग्गज मंत्री और नेता बच्चों को राजनीति के गुर सिखाते हुए उनके मन में उठी राजनीतिक जिज्ञासाओं का समाधान करते रहे है. ऐसे में आज बच्चों ने जाना कि आखिरकार सरकार का बजट होता क्या है. किस तरह सरकार अपना पैसा जनता की सेवा में खर्च करती है. सिर्फ इतना ही नहीं 'बच्चों की सरकार कैसी हो' में अपनी सरकार बनाने जा रहे बच्चों ने इस सेशन में सरकार के बजट में अपने हिस्से की भी बात की. क्या सरकार के पास बच्चों के लिए भी बजट की कोई योजनाएं है. बच्चों के इन्हीं सवालों का जवाब देने के लिए आज डिजिटल बाल मेला के मंच पर राजस्थान सरकार में राजस्व मंत्री हरीश चौधरी आए.

मंत्री ने बच्चों को करवाया बजट से अवगत:
राजस्थान सरकार में राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने बच्चों की बजट से जुड़ी हर जिज्ञासा दूर की. उन्होंने बच्चो को सबसे पहले बजट के बारे में अवगत कराया कि आखिरकार बजट होता क्या है तो वही बाद में हरीश चौधरी ने बताया कि कैसे सरकार का ये बजट बच्चों के भविष्य मे काम आएगा. इसी के साथ अपनी सरकार का गठन करने जा रहे बच्चों ने जाना कि वो अपनी सरकार मे बजट का इस्तेमाल कैसे और किन—किन क्षेत्रों मे करेंगे. तो वही बच्चों ने इस सेशन में बजट और राजनीति से जुड़े कई सवालों का जिक्र हरीश चौधरी से किया तो वही मंत्रीजी ने भी बच्चों के हर सवाल का जवाब देकर उनके मन की हर बात सुनी और उसका हल निकाला. तो आइए जानते है कैसा रहा डिजिटल बाल मेला 2021 पर सरकार के बजट में बच्चों का कितना हिस्सा विषय पर राजस्थान के राजस्व मंत्री हरीश चौधरी का बच्चों से सीधा संवाद.

राजस्व मंत्री ने बच्चों संग किए अपने अनुभव साझा:
संवाद की शुरूआत ज्योत्सना उद्धावत के बच्चों को मंत्री जी के परिचय देते हुए से हुई. इस दौरान ज्योतसना ने सभी को मंत्री जी के पद से परिचित करवाया साथ ही वो राजस्थान के इस पद पर कैसे आये ये भी बताया. ज्योत्सना के बाद राजस्व मंत्री हरिश चौधरी ने बच्चों संग अपने अनुभव शेयर किए. उन्होंने बताया कि उन्हें हमेशा से ही राजनीति में आने की रूचि रही है उन्होंने अपना राजनीति का सफर 1989 से छात्र नेता के साथ शुरू ​कर दिया था जिसके बाद से वो सरकार के साथ काम करना और जनता कि हितों की रक्षा करना ही ही अपना परम कर्तव्य मानते है.

अब्राहिम लिंकन और पंडित जवाहर लाल नेहरू से प्रभावित राजस्व मंत्री :
 राजस्व मंत्री हरिश चौधरी विकेद्रीकरण पर अपना विश्वास रखते है और अब्राहिम लिंकन और पंडित जवाहर लाल नेहरू से प्रभावित है. उनका मानना है कि हर किसी काम को करने से पहले उसकी योजना बनाई जानी चाहिए ताकि वो काफ सफलता की ओर हो. बजट भी उसका ​ही हिस्सा है. ऐसे में जब बाल मेला की नित्या ने मंत्री जी से बजट के बारे में पूछा तो उन्होनें बताया कि क्योंकि सरकार को हर साल हर क्षेत्र में काम करना होता है जिसके लिए उन्हें व्यवस्थाएं बनानी होती है ये एक ऐसी प्रकार की योजना है जो हर किसी को बराबर बांटकर तय की जाती है ताकि हर हमारा राज्य हर क्षेत्र में तरक्की कर सकें. बजट इसी का एक पहलू है. सरकार को भी किसी भी काम को करने के लिए बजट की आवश्यकता होती है जो कि वो टैक्स से गहन करती है ऐसे में हर साल फरवरी या मार्च के महीने में बजट आता है जो जनता को ये बताता है कि इस साल किस क्षेत्र मे कितना बजट तय किया गया है.


कुशलगढ़ की माही ने जब मंत्री जी से पूछा कि कौनसा बजट किसी भी संरचना का मुख्यबिंदु होता है तो ऐसे में साल 2021 में आये बजट को मुख्यबिंदु क्या रहा? जिसका जवाब देते हुए हरिश चौधरी ने कहा कि ये बजट निरोगी राजस्थान की थीम पर लाया गया. जिसका महत्वपूर्ण बिंदु महामारी रहा.बजट को लेकर बच्चों के मन में उठी जिज्ञासाओं को शांत करने आये हरिश चौधरी ने बच्चों के हर सवाल का बहुत ही समझदारी से जवाब दिया.

बच्चों ने पूछा कि सरकार बजट कैसे तैयार करती है:
ऐसे में जब अनादि ने उनसे पूछा कि सरकार कैसे बच्चों का बजट तय करती है तो मंत्री जी ने जवाब दिया कि हर साल 19.6 प्रतिशत बजट सरकार बच्चों के लिए लेकर आती है जिसमें उनके स्वास्थ्य और शिक्षा पर गौर किया जाता है.इस बजट से सिर्फ और सिर्फ बच्चों के भविष्य को सुनहरा बनाने के लिए लाभ दिया जाता है.

हर साल सरकार को किस क्षेत्र में कितना खर्च करना होता है:
जयपुर की जाहनवी ने जब हरिश चौधरी से सवाल किया कि क्या हर साल सरकार को किस क्षेत्र में कितना खर्च करना है तय होता है या वो इसमे कुछ बदलाव भी करते है और अगर करते है तो क्यों? जिसके जवाब में हरिश चौधरी ने कहा कि इस साल कोरोना काल में सरकार का बजट गड़बड़ा गया है जिस वजह से उन्होंने जनता के स्वास्थ्य को सर्वोपरी माना और इसके साथ किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं होने दिया. ऐसे में अन्य क्षेत्रों के बजट से थोड़ा समझौता किया गया है.

सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के बजट पर भी की चर्चा:
संवाद के दौरान बच्चों ने सरकारी और प्राइवेट स्कूलो पर सरकार के बजट की भी बात की. इस दौरान परी शेख ने पूछा कि क्या सरकार प्राइवेट स्कूलों पर भी अपना बजट बनाती है तो मंत्री जी ने जवाब दिया कि उनके बजट में ऐसा कोई प्रोविजन नहीं है उनका बजट सरकारी स्कूलों को सुविधाएं देने के लिए बजट बनाता है लेकिन ऐसे में यदि प्राइवेट स्कूलों के लिए भी कोई नियम कानून बने है तो सरकार उनकी सहायता करती है ताकि बच्चों को बेहतर सुविधा मिल सकें. 

खेलों को प्रात्साहन देने की बात कही:
बच्चों संग हुए संवाद में राजस्व मंत्री ने बच्चों से खेलों को प्रोत्साहन देने की भी बात कही. उन्होंने बताया कि बच्चों की शिक्षा के साथ ही उनके खेलों का भी काफी ध्यान रखा जा रहा है ऐसे में यदि बच्चों की खेल मे रूचि है तो वो उसमे अपना भविष्य बना सकता है ऐसे में सरकार भी उन्हें कुछ सुविधाएं उपलब्ध कराती है ताकि देश का हर बच्चा अपने पसंदीदा भविष्य को संवारने में सफल हो सकें.


राजू आर्य बने सरकार के बजट में बच्चों का कितना हिस्सा सेशन के लीडर:

गौरतलब है कि हर दिन सेशन में किसी एक बच्चे को लीडर घोषित किया जाता है ऐसे में आज के इस सेशन का लीडर राजस्व मंत्री हरिश चौधरी ने राजू आर्य को चुना. राजू ने मंत्री जी से किसान आंदोलन को लेकर सरकार के फैसले पर बात की. जिसका अभी तक निवारण नहीं हुआ है हालांकि ऐसे में हरिश चौधरी ने बच्चों को बताया कि सरकार इस पर चर्चा कर रही है जो कि जल्द ही किसी नतीजे पर आएंगी. इसी के साथ राजू के देश के इतने अहम मुद्दे पर सवाल करने पर मंत्री जी ने उन्हें इस सेशन का लीडर घोषित किया. 

इसी के साथ डिजिटल बाल मेला के लिए बात करते हुए उन्होनें कहा कि डिजिटल दौर में बच्चों की भूमिका काफी बड़ी है. अब 80 फ़ीसदी तहसीलें डिजिटलीकृत हो चुकी हैं ऐसे में बाल मेला का ये मंच बच्चों को भविष्य के एक महत्वपूर्ण सफर से परिचित करवा रहा है जहां वो हर एक दिन नई- नई चीजें सीखेंगे तो वही उनके ज्ञान का विकास ही देश के भविष्य का सुनहरा विकास बनेगा.इसी के साथ हरिश चौधरी ने बाल मेला के सभी बच्चों को डिजिटल बाल मेला से जुड़े रहने की अपील की और साथ ही बच्चों को राजस्थान विधानसभा जाने के लिए प्रोत्साहित किया.

15 जून से शुरू हुआ था बच्चों संग राजनेताओं का सीधा संवाद:
आपको बता दें कि इससे पहले बच्चों संग सीधा संवाद सेशन की शुरूआत में 15 जून को राजस्थान के श्रम राज्यमंत्री टीकाराम जूली आए थे. जहां उन्होनें बच्चों से बालश्रम मुद्दे पर बात की और बच्चों को इसे रोकने के सुझाव भी दिये. इसके बाद 16 जून को बीजेपी के युवा विधायक रामलाल शर्मा ने बच्चों संग सीधा संवाद में शिरकत की. जहां उन्होंने बच्चों के वोट देने के अधिकारों पर बात की.गौरतलब है कि बच्चे हमेशा से ही चुनाव प्रक्रियाओं के बारे में सुनते आये है. भारत देश में 18 की उम्र के बाद ही वोट देने की अनुमति है ऐसे में बच्चों का सवाल जायज है कि उन्हें वोट देने से वंचित क्यों रखा जाता है.नन्हें बच्चों के इन्हीं सवालों के जवाब देने के लिए जयपुर की चौमूं विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक रामलाल शर्मा ने बच्चों से सीधा संवाद किया था. ऐेसे में आज ही की तरह कल के सेशन में बच्चों के बीच सूजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल आए थे जिनसे बच्चों ने अपने मन में उत्पन्न हुए सभी सवाल पूछे. मनोज मेघवाल से संवाद का विषय बच्चों को तनाव से कैसे दूर रखा जाए था जिसमें लॉकडाउन में घर में बंद बच्चों ने विधायक से इसके कारणों को जानते हुए उनसे इसे दूर करने के लिए कई सवाल जवाब किए. इसके साथ ही छात्र नेता ललित यादव ने भी बच्चों संग सीधा संवाद किया था और उन्होनें बच्चों की राजनीतिक में रूचि को देश का सुनहरा भविष्य भी बताया.

 विधायक अविनाश गहलोत ने बच्चों संग किया सीधा संवाद: 
ऐसे में मंच पर 19 जून को विधायक अविनाश गहलोत ने बच्चों संग सीधा संवाद किया जिसमें उन्होंने बच्चों का कोरोना काल में सबसे बड़ा योगदान बताया. इसके अलावा 20 जून को ही ही बच्चों ने योगा ट्रेनर दिव्या शेखावत से बात की इस दौरान दिव्या ने बच्चों को योगा का महत्व समझाया तो वही उनसे हेल्थी चीजें खाने के प्रति भी जागरूक किया. बता दें कि डिजिटल बाल मेला के मंच पर आयोजित किये गये इस सीजन में बच्चों ने दिव्या के साथ योगा भी किया.इसके अलावा 21 जून को  अमेरिका से श्वेता बैद ने भी बच्चों संग सीधा संवाद किया था. उन्होनें बच्चों को शहरों की साफ- सफाई पर संज्ञान दिया था. इस संवाद में बच्चों ने श्वेता से अमेरिका के कल्चर के बारें में और वहां के नियमों के बारें में भी काफी सवाल- जवाब किये.तो वही डिजिटल बाल मेला के मंच पर मेंटल हेल्थ को लेकर मनोचिकित्सक डॉ अनीता गौतम ने बच्चों संग सीधा संवाद किया इस दौरान उन्होंने महामारी में नेगेटिवि​टी का शिकार हो रहे बच्चों को खुश रहने और हर चिंता को दूर करने के टिप्स दिये.वही मेंटल हेल्थ जैसे गंभीर विषय पर बात की. वही इस दौरान बच्चों ने विश्वप्रसिद्ध रूमा देवी से भी सीधा संवाद किया जिसमें रूमा देवी ने अपने सफर के बारे में बात की तो वही बच्चों को कोरोना काल मे अपने आपको व्यस्त रखने के भी कुछ जरूरी टिप्स दिये. बच्चों ने रूमा देवी संग हुए इस संवाद में अपनी हर जिज्ञासा को शांत किया और वही इस संवाद में उन्हें काफी कुछ सीखने को मिला. वही डिजिटल बाल मेला के मंच पर आदर्श नगर विधायक रफीक खान आये जिन्होंने बच्चों को राजनीति में कदम रखने के लिए टिप्स दिये. और बच्चों को राजनीति का सही मायनों मे मतलब समझाया.इसके साथ ही बच्चों ने सीकर सांसद सुमेधानंद सरस्वती से राजनीति और संस्कारों के बीच रिश्ते का संज्ञान लिया. जिसमे बच्चों ने अपनी भारतीय संस्कृति से हमेशा बने रहने की सीख ली.तो वही कल बच्चों ने राजस्थान के उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी से ऑनलाइन क्लासेज और शिक्षा के बदलते स्वरूप पर चर्चा की. जिसमे बच्चों ने कोरोना काल में अपनी पढ़ाई से संबंधित सभी सवाल मंत्रीजी के सामने रखें और उनकी आगामी योजनाओं पर चर्चा की. 

हर दिन शाम 4 बजे बच्चे करे राजनेताओं से सीधा संवाद:
बता दें डिजिटल बाल मेला2021 सीजन2 में हर दिन शाम 4 बजे डिजिटल बाल मेला द्वारा आयोजित गूगल मीट पर राजनेताओं संग बच्चों का सीधा संवाद सेशन आयोजित किए जाएगा. जहां बच्चे घर बैठे देश की सरकार के सामने अपने सवाल रख सकते है और अपने मन की बात कर सकते है.

बच्चे जल्द से जल्द www.digitalbaalmela.com पर अपना रजिस्ट्रेशन: 

डिजिटल बाल मेला सीजन 2 में बच्चों की सरकार कैसी हो की किसी भी प्रतियोगिता-रजिस्ट्रेशन, अवार्ड या मेले से संबंधित अन्य जानकारी के लिए आप मेले की आधिकारिक वेबसाइट, व्हाट्सऐप, फेसबुक पेज, इंस्टाग्राम पर संपर्क कर सकते हैं.

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