परिवहन कार्यालयों में भी होगी फिटनेस, निजी फिटनेस जांच केन्द्र स्कीम फिजा-2018 में बदलाव

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/11/14 10:11

जयपुर: परिवहन विभाग ने वाहनों की फिटनेस के मामले में वाहन मालिकों को एक बड़ी राहत दी है. अब निजी फिटनेस जांच केन्द्र की दूरी अधिक होने पर वाहन मालिक परिवहन विभाग के कार्यालयों में ही फिटनेस करवा सकेंगे. यानी निजी फिटनेस जांच केन्द्र पर फिटनेस की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है.  

2018 में वाहनों की फिटनेस को लेकर विशेष स्कीम बनाई थी: 
परिवहन विभाग ने अप्रैल 2018 में वाहनों की फिटनेस को लेकर विशेष स्कीम बनाई थी. इसे वाहन फिटनेस जांच केन्द्र विनियमन स्कीम फिजा-2018 नाम दिया गया था. स्कीम के तहत वाहनों की फिटनेस केवल निजी फिटनेस जांच केन्द्रों पर ही करवाने की अनिवार्यता लागू की गई थी. लेकिन इसे लेकर बड़ी संख्या में वाहन मालिकों को परेशानी हो रही थी. राजधानी जयपुर में पिछले माह तक कोई निजी फिटनेस जांच केन्द्र नहीं था. एक निजी फिटनेस जांच केन्द्र को पिछले माह ही मंजूरी दी गई है. जबकि कई अन्य जिलों में भी निजी फिटनेस जांच केन्द्रों की कमी रही है. ऐसे में वाहन मालिकों के सामने यह दिक्कत आ रही थी कि वे वाहनों की फिटनेस कहां करवाएं. इसके अलावा निजी फिटनेस जांच केन्द्र शहर से लम्बी दूरी पर स्थित होने के चलते भी वाहन मालिकों को वाहनों की फिटनेस जांच करवाने में परेशानी झेलनी पड़ रही थी. अब इस मामले में परिवहन विभाग ने वाहनों की फिटनेस करवाने को लेकर राहत दी है.  

जरूरी नहीं कि निजी केन्द्र पर ही फिटनेस करवाएं: 
- फिजा स्कीम के बिन्दु संख्या 6 में किया गया आंशिक संशोधन
- यदि शहर के 10 किमी के क्षेत्र में नहीं है निजी फिटनेस जांच केन्द्र
- तो सम्बंधित आरटीओ-डीटीओ में करवाई जा सकती है वाहन की फिटनेस
- जिला परिवहन अधिकारी के पास कर सकते हैं फिटनेस का आवेदन
- सम्बंधित कार्यालय जारी करेगा वाहन का फिटनेस प्रमाण पत्र
- जयपुर के जगतपुरा आरटीओ में भी जारी रहेगी वाहन फिटनेस
- फिटनेस केन्द्रों की शहर से अधिक दूरी को देखते हुए लिया निर्णय
- इससे वाहन मालिकों का बचेगा शहर से बाहर जाने का डीजल-पेट्राेल
- परिवहन कार्यालय शहर के बीच में होते हैं, इसलिए राहत मिलेगी

परिवहन विभाग की ओर से जारी नए आदेशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि राजस्थान रोडवेज की बसों की फिटनेस जांच केवल परिवहन कार्यालयों में ही की जाएगी. रोडवेज के बेड़े में शामिल सभी तरह की बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र संबंधित प्रादेशिक परिवहन कार्यालयों और जिला परिवहन कार्यालयों में ही बनाए जाएंगे. कुलमिलाकर इन दोनों आदेशों से न केवल आम वाहन मालिकों को राहत मिलेगी, बल्कि वे अपनी पसंद के मुताबिक निजी फिटनेस जांच केंद्र या फिर परिवहन कार्यालयों में फिटनेस पत्र बनवा सकेंगे. 

...काशीराम चौधरी, फर्स्ट इंडिया न्यूज़, जयपुर

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