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कोयला क्षेत्र में कमर्शल माइनिंग होगी, सरकार का एकाधिकार खत्म होगा- वित्त मंत्री

कोयला क्षेत्र में कमर्शल माइनिंग होगी, सरकार का एकाधिकार खत्म होगा- वित्त मंत्री

नई दिल्ली: कोरोना संकटकाल में मंदी से जूझ रही अर्थव्यवस्था उबारने के लिए भारत सरकार ने 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया है. आज का पैकेज संरचनात्मक सुधारों पर आधारित है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज इस पैकेज की चौथी किस्त की जानकारी दी. वित्त मंत्री ने कहा कि इंडस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने के लिए लैंड बैंक, क्लस्टर की पहचान की गई है. अब टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए जीआईएस मैपिंग के द्वारा 5 लाख हेक्टेयर जमीन भविष्य के इस्तेमाल के लिए सभी इंडस्ट्रियल पार्क की रैकिंग होगी.

कोयला क्षेत्र में सरकार का एकाधिकार खत्म होगा: 
उन्होंने कहा कि कोयला क्षेत्र में कमर्शल माइनिंग होगी और सरकार का एकाधिकार खत्म होगा. कोयला उत्पादन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता कैसे बने और कैसे कम से कम आयात करना पड़े, इस पर काम करना है. ज्यादा से ज्यादा खनन हो सके और देश के उद्योगों को बल मिले. 50 ऐसे नए ब्लॉक नीलामी के लिए उपलब्ध होंगे. पात्रता की बड़ी शर्तें नहीं रहेंगी. कोल इंडिया लिमिटेड की खदाने भी प्राइवेट सेक्टर को दी जाएंगी.

हर दिन किसी न किसी सेक्‍टर के लिए कुछ खास ऐलान: 
बीते बुधवार से निर्मला सीतारमण लगातार प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के जरिए 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज की जानकारी दे रही हैं. हर दिन किसी न किसी सेक्‍टर के लिए कुछ खास ऐलान किए जा रहे हैं. सबसे पहले बुधवार को करीब 6 लाख करोड़ के पैकेज का ऐलान हुआ. इस पैकेज में से एक बड़ा हिस्‍सा सूक्ष्म, लघु और मझोले कारोबार (MSME) को दिया गया है. उसके बाद गुरुवार की प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में निर्मला सीतारमण ने पटरी-रेहड़ी कारोबारी, छोटे किसान, प्रवासी श्रमिकों से जुड़े 9 बड़े ऐलान किए. इसके बाद शुक्रवार की प्रेस कॉन्‍फ्रेंस पूरी तरह किसान केंद्रित थी. इस दौरान कृषि क्षेत्र के लिए 11 ऐलान किए गए. सरकार ने कृषि के बुनियादी ढांचे के लिए एक लाख करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है. 

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