जयपुर कोरोना संक्रमण को लेकर बोले चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा, राजस्थान में अब रोजाना होंगे एक लाख RTPCR टेस्ट

कोरोना संक्रमण को लेकर बोले चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा, राजस्थान में अब रोजाना होंगे एक लाख RTPCR टेस्ट

जयपुर: राजस्थान समेत देश-दुनियां में कोरोना के एकाएक बढ़े मामलों ने सभी की चिंता बढ़ा दी है.प्रदेश में संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार ने आंशिक लॉकडाउन के रूप में एक ओर जहां सख्ती शुरू कर दी है, वहीं दूसरी ओर अधिक से अधिक लोगों को जांच के दायरे में लाने की तैयारियां भी कर ली है.चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा की माने तो जल्द ही राजस्थान में रोजाना एक लाख RTPCR टेस्ट की क्षमता विकसित होगी, ताकि जल्द से जल्द संक्रमितों की पहचान कर समय पर ट्रीटमेंट किया जा सके.

कोरोना के बढ़ते मामलों ने फिर डाला चिंता में:
कोरोना के बढ़ते मामलों ने एकबार फिर सरकार को चिंता में डाल दिया है.राज्य सरकार की सख्ती की गाइडलाइन के बाद चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा आज पत्रकारों से रूबरू हुए.उन्होंने कहा कि प्रदेश में 70 हजार कोरोना जांच प्रतिदिन करने की क्षमता है जिसे जल्द ही बढ़ाकर एक लाख किया जाएगा.इसके लिए विभाग की ओर से आवश्यक उपकरण की खरीद व अन्य तैयारियां प्रारंभ कर दी गई है.उन्होंने कहा कि आमजन में लापरवाही के चलते इन दिनों कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है.जहां फरवरी में प्रदेशभर में कोरोना से संक्रमितों की संख्या केवल 60 थी, वहीं आज यह संख्या 1700 को पार कर गई है.उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन के बाद भी कोरोना होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता.इसलिए जिन लोगों का वैक्सीनेशन हो गया उन्हें भी मास्क, दो गज की दूरी और बार-बार हाथ धोने जैसी सावधानियां नहीं छोड़नी चाहिए.

राजस्थान में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर चिकित्सा मंत्री की PC:
-कहा-'देशभर में कल एक लाख से अधिक केस आना बड़ी चिंता 
-जयपुर,महाराष्ट्र, गुजरात,दिल्ली समेत अन्य राज्यों में कोरोना की स्थिति गंभीर
-राजस्थान में 10 से ज्यादा जिले ऐसे जहां कल आये 50 से ज्यादा संक्रमित
-ऐसे में अब कोरोना की जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा 
-जल्द ही रोजाना 1 लाख टेस्ट प्रतिदिन करेगा राजस्थान'
-अभी 70 हजार टेस्ट किये जा रहे है'

विभाग पूर्ण रूप से सतर्क और सजग:
डॉ शर्मा ने कहा कि पूर्व में भी राजस्थान ने कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने में सफलता पाई थी और अब भी देश की सरकार और विभाग पूर्ण रूप से सतर्क और सजग है.प्रदेश के मुख्यमंत्री नियमित तौर पर कोरोन समीक्षा बैठक कर रहे है और समय-समय पर कोरोना से सबंधित गाइडलाइन भी जारी की जा रही है.उन्होंने कहा कोरोना से बचाव के लिए आमजन का सहयोग अनिवार्य है.आमजन कोविड सबंधी सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन कर कोविड को हराने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.

राज्य सरकार का पूरा ध्यान अधिक से अधिक वैक्सीनेशन करने पर:
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए सरकार ने व्यापक स्तर पर तैयारियां प्रारंभ कर दी है.जहां सभी निजी चिकित्सालयों में सामान्य व आईसीयू के 10 प्रतिशत बैड आरक्षित रखने के निर्देश दिए गए है.वहीं डेडिकेटेड कोविड सैन्टर की संख्या में भी बढ़ोतरी की भी तैयारियां की जा रही है.उन्होने कहा कि राज्य सरकार का पूरा ध्यान अधिक से अधिक वैक्सीनेशन करने पर है.इसके लिए विभाग के पास वर्तमान में 25 लाख डोज उपलब्ध है.उन्होंने कहा यदि केन्द्र सरकार हमें पर्याप्त मात्रा में डोज उपलब्ध करा दे तो हम प्रतिदिन सात लाख लोगों को वैक्सीनेशन कर सकते है.उन्होंने कहा कि चिकित्साकार्मिकों द्वारा अब तक 70 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है.

वैक्सीनेशन को लेकर बोले चिकित्सा मंत्री डॉ.रघु शर्मा:
-कहा-राजस्थान में 25 लाख के आसपास डोज है उपलब्ध
-संक्रमण रोकने के लिए रोजाना 7 लाख वैक्सीन का रखा टारगेट
-फिलहाल 7 दिन का स्टोक राजस्थान के पास उपलब्ध

कोरोना से होने वाली मृत्यू दर 0.84 प्रतिशत:
डॉ शर्मा ने एक सवाल के जवाब में कहा कि प्रदेश में जिस तेजी से कोरोना संक्रमण का प्रसार हो रहा है.प्रदेश की केन्द्र सरकार से मांग है कि वे कोरोना वैक्सीनेशन के लिए आयुसीमा को हटाएं, जिससे कि कम समय में अधिक लोगों का टीकाकरण कर संक्रमण के फैलाव को रोका जा सके.उन्होंने कहा के कोरोना के नए वैरिएंट की जांच के लिए सभी सैम्पल दिल्ली भेजे जा रहे है.अब तक प्रदेश में नए वैरिएंट से सबंधित किसी भी मामले की सूचना दिल्ली से प्राप्त नहीं हुई है.उन्होंने कि प्रदेश में नए कोरोना वैरिएंट की जांच की सुविधा के लिए सरकार प्रयास कर रही है. चिकित्सा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना से होने वाली मृत्यू दर 0.84 प्रतिशत है जबकि 96.03 प्रतिशत लोग रिकवर होकर घर जा रहे है.उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के 63 केन्द्रों पर कोरोना जांच की सुविधा उपलब्ध है.यदि किसी को कोरोना से सबंधित लक्ष्ण प्रतीत होते है तो उन्हें बिना देरी करे चिकित्सकीय सलाह पर कोरोना की जांच करानी चाहिए.

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