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कोरोना की जद में आ रहे आम से लेकर खास, अब तक भाजपा के ये नेता आये पॉजिटिव

कोरोना की जद में आ रहे आम से लेकर खास, अब तक भाजपा के ये नेता आये पॉजिटिव

जयपुर: प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी विपक्ष में है. राजस्थान में विपक्ष में रहते हुए भाजपा के जनप्रतिनिधियों और नेताओं ने सामाजिक दायित्व निभाते हुए कोरोना काल में जनता की सेवा की है. राजनीति से परे अगर देखा जाए तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आव्हान पर तमाम दल एकजुट देखें और जनता की सेवा की. साथ ही अपनी समस्याएं भी मुख्यमंत्री को बताइ. 

तमाम शिकवे शिकायतों के बाद भी राजनीतिक तौर पर भले ही आरोप-प्रत्यारोप के दौर चले लेकिन कोरोना से लड़ाई मिलकर साथ भी लड़ी गई. लेकिन अब कोरोना अपनी भयावहता की ओर जा रहा है भले ही ठीक होने वालों की संख्या बहुत अच्छी हो. लेकिन कोरोना से डरना सावधान रहना और सावधान करना बेहद जरूरी है. इसी फेहरिस्त में भाजपा के कई नेता जनता के बीच रहते है लाजमी है कि भाजपा के नेताओं को भी कोरोना अपनी गिरफ्त में लेगा.  

जनप्रतिनिधियों में से पॉजिटिव आना जारी:
राजस्थान भाजपा के प्रमुख नेता जिन्हें कोरोना हुआ उस फेहरिस्त में केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक और तमाम लोग आ चुके हैं. भाजपा के छोटे स्तर के पदाधिकारी कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधियों में से पॉजिटिव आना जारी है. 

केंद्रीय मंत्री:  
गजेंद्र सिंह शेखावत, अर्जुन राम मेघवाल और कैलाश चौधरी कोरोना पॉजिटिव आ चुके. 

सांसद: 
किरोड़ी लाल मीणा और हनुमान बेनीवाल

विधायक:  
अशोक लाहोटी, अनिता भदेल, अर्जुन लाल जीनगर, पव्वा राम बिश्नोई, चन्द्रभान सिंह आक्या और हमीर सिंह भायल कोरोना संक्रमित हो चुके. 

अन्य प्रमुख नेता: 
पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, प्रदेश महामंत्री भजन लाल शर्मा, पूर्व संसदीय सचिव जीतेंद्र गोठवाल, पूर्व कार्यालय मंत्री मुकेश चेलावत और पार्षद भवानी सिंह राजावत समेत अन्य कई कार्यकर्ता कोरोना पॉजिटिव आ चुके. 

बेहद सतर्क प्रमुख नेता:
फिलहाल कुछ नेता बेहद सतर्क है इनकी कोशिश है कि जितना सावधानी बरती जाए उतना बेहतर है. 60 साल से ऊपर के प्रमुख नेता जो समय समय पर क्वारंटाइन करते हुए बचने की कोशिश भी करते रहे हैं. यही कारण है कि पिछले 3 दिन से वसुंधरा राजे होम क्वारंटाइन है. कारण साफ़ कि पिछले दिनों कोरोना पॉजिटिव भाजपा की एक कार्यकर्ता इनके संपर्क में आई थी. ओम प्रकाश माथुर भी बेहद सतर्क रहते हुए 2 दिन से जयपुर में थे लेकिन किसी से मुलाकात ना करके टेलिफोनिक संवाद पर ही फोकस किया. वहीं गुलाब चंद कटारिया उदयपुर से आज लौट चुके हैं और साफ तौर पर कहा है कि बेहद सतर्कता के साथ वह कार्यकर्ताओं से बहुत ही आवश्यक होने पर ही मुलाकात करेंगे अन्यथा टेलीफोन संवाद जारी रहेगा. 

वी सतीश संपूर्ण सतर्कता बरतते हुए काम कर रहे:
दूसरी तरफ वी सतीश का जयपुर आना लगातार लगा रहता है लेकिन प्रदेश कार्यालय में इंतजाम आज इतने पुख्ता है की वी सतीश बेहद सिलेक्टेड कार्यकर्ताओं से ही मुलाकात करते हैं. हालांकि प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर की उम्र 60 साल से कम है लेकिन वह भी संपूर्ण सतर्कता बरतते हुए ही काम करते हैं. 

प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया लगातार रिस्क मोड़ पर काम कर रहे:
इन सब के परे प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया कोरोना काल से ही जनता के बीच में लगातार रहे हैं. कई बार अपनी कोरोना जांच भी करवा चुके. प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में उनके दौरे भी लगातार जारी है आज भी जोधपुर दौरे पर कई कार्यक्रमों में व्यस्तता रहेगी. इस बात में कोई अतिशयोक्ति नहीं के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया की लगातार रिस्क मोड़ पर काम कर रहे हैं. इन सब के परे बेहद वरिष्ठतम या कहे तो उम्र दराज नेताओं की फेहरिस्त में कैलाश मेघवाल सूर्यकांता व्यास सरीखे विधायक भी हैं. जिनके सामने हर घड़ी कोरोना का संकट है. हालांकि फिलहाल यह तमाम नेता स्वस्थ है.  

बड़े नेताओं के सामने एक भारी समस्या: 
लेकिन कोरोना जब अपने चरम पर है कम्युनिटी में फैल चुका है तो ऐसे में भाजपा के छोटे से लेकर बड़े नेताओं के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती है. एक तरफ अपने आप को राजनीति में स्थापित रखना तो दूसरी तरफ खुद की और परिवार के लोगों की सुरक्षा करना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं. लेकिन बड़े नेताओं के सामने एक भारी समस्या है कि भीड़ उनके पास आने की कोशिश करती है या फिर सेल्फी लेने के प्रयास सोने की कोशिश करती है या फिर पास में खड़े रहकर यह जताने के प्रयास की उनकी नेताजी से नजदीकियां है. 

कोरोना से लड़ना बेहद चुनौती भरा होगा: 
ऐसे में जब तक आम कार्यकर्ता और लोग सजग नहीं होंगे तब तक कोरोना से लड़ना बेहद चुनौती भरा होगा क्योंकि जिन नेताओं की इम्युनिटी पावर मजबूत है वह इस बीमारी से उबर कर निकल रहे हैं ठीक हो रहे हैं लेकिन जिनकी इम्युनिटी पावर कमजोर या पहले से अन्य बीमारियों से ग्रस्त है उनके सामने दुश्वारी भरा समय है. 

बेवजह जनप्रतिनिधियों के पास न जाए:
कुल मिलाकर कहा जाए तो ध्यान यह भी रखना होगा की सांसद और विधायक से एक दूरी रखी जाए. बेवजह उनके पास ना जाया जाए. ऐसे में सभी अपने जनप्रतिनिधियों को भी स्वस्थ रख सकेंगे जिससे की आम जनता की सेवा में जनप्रतिनिधि भी जुटे रहे ना कि खुद कोरोना से पीड़ित होकर क्वारंटाइन हो जाएं. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए ऐश्वर्य प्रधान की रिपोर्ट

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बिहार: लोजपा और कांग्रेस ने जारी किए घोषणा पत्र, कांग्रेस ने किया किसानों से मुफ्त बिजली और कर्ज माफ करने का वादा

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पटना: बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के बाद सभी पार्टियां मतदाताओं को लुभाने में जुट गई है. इस कड़ी में आज लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) और कांग्रेस ने पटना में अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है. 

किसानों से मुफ्त बिजली और कर्ज माफ करने का वादा:  
सत्ता में आने पर कांग्रेस ने बिहार के किसानों से मुफ्त बिजली और कर्ज माफ करने का वादा किया है. पार्टी ने इसे बिहार बदलाव पत्र नाम दिया है.  इसके अलावा किसानों को फसल का सही मूल्य दिलाने का भी वादा किया. कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि पंजाब की तर्ज पर केंद्र के कानून को खारिज किया जाएगा. किसान अगर ट्रैक्टर खरीदते हैं तो उसका रजिस्ट्रेशन मुफ्त किया जाएगा.

बेरोजगारों को हर महीने 1500 रुपये: 
वहीं कांग्रेस नेता राजबब्बर ने कहा कि सत्ता में आने पर हमारी सरकार नौकरी मिलने तक बेरोजगारों को हर महीने 1500 रुपये देगी. उन्होंने कहा कि नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में 10 लाख नौकरी देने का फैसला लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं के साथ छल किया है और युवा उसका जवाब देंगे. 

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विधवा महिलाओं को ₹1000 का पेंशन दिया जाएगा:
कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि विधवा महिलाओं को ₹1000 का पेंशन दिया जाएगा. राज्य सरकार लड़कियों को पीजी से केजी तक शिक्षा मुफ्त मिलेगी. अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में मेडल लाने वाले को सीधे नौकरी की जाएगी. 

लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने भी घोषणा पत्र जारी किया: 
दूसरी ओर लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने भी बुधवार को पटना में अपना घोषणा पत्र जारी किया. घोषणापत्र जारी करते हुए लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि मौजूदा सीएम को देखकर मुझे आश्चर्य होता है कि आप किस तरह से जातीयता को बढ़ावा देते हैं. जो व्यक्ति खुद सांप्रदायिकता को बढ़ावा देता हो, उसके नेतृत्व में बिहार के विकास की कल्पना करना उचित नहीं है. 

'बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट' के दृष्टिकोण को सामने रखा:
उन्होंने कहा कि आज बिहार विधानसभा चुनाव के लिए हमारी पार्टी के घोषणा पत्र को जारी करने के साथ मैंने 'बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट' के अपने दृष्टिकोण को सामने रखा, जो विभिन्न समस्याओं का समाधान करेगा जो बिहार के लोग सामना कर रहे हैं. चिराग ने कहा कि अगर गलती से मौजूदा मुख्यमंत्री पुन: इस चुनाव में जीत जाते हैं तो हमारा प्रदेश हार जाएगा. हमारा प्रदेश पुन: बर्बादी की कगार पर जाकर खड़ा हो जाएगा.

लालू यादव ने चारा घोटाले के दुमका मामले में दायर की जमानत याचिका

लालू यादव ने चारा घोटाले के दुमका मामले में दायर की जमानत याचिका

रांची:  चारा घोटाले मामले में लालू यादव ने जमानत की मांग की है. करीब साढ़े नौ सौ करोड़ रुपये के चारा घोटाले के चार मामलों में सजायाफ्ता राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने मंगलवार को दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ रुपये गबन के मामले में भी झारखंड उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दाखिल कर दी है.  चारा घोटाले के दुमका मामले में चौदह वर्ष की सजा काट रहे लालू प्रसाद यादव की ओर से झारखंड उच्च न्यायालय में आज जमानत याचिका दाखिल की गई है. 

इस मामले में लालू को विशेष सीबीआई अदालत ने 14 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनायी है और उक्त मामले में ही वह इस समय न्यायिक हिरासत में बंद हैं. दुमका मामले में उच्च न्यायालय से उनकी जमानत याचिका पहले खारिज भी हो चुकी है. दूसरी ओर लालू को हाल में ही नौ अक्तूबर को चारा घोटाले के चाईबासा कोषागार से गबन के एक मामले में उच्च न्यायालय ने आधी सजा पूरी कर लेने के आधार पर जमानत दी थी. लालू के अधिवक्ता देवर्षि मंडल ने बताया कि उन्होंने उच्च न्यायालय में जमानत याचिका आज दाखिल की है.

मंडल ने दावा किया कि लालू यादव ने दुमका मामले में 42 माह जेल में पूरे कर लिये हैं जिसे देखते हुए आधी सजा पूरी कर लेने और लालू की बीमारियों के आधार पर न्यायालय से जमानत मांगी गयी है. चाईबासा के अलावा लालू को पूर्व में देवघर कोषागार से गबन और चाईबासा के एक अन्य मामले में पहले ही जमानत मिल चुकी है लेकिन दुमका कोषागार से गबन के मामले में उन्हें अब तक जमानत नहीं मिली थी जिसके चलते अभी वह न्यायिक हिरासत में ही हैं. (सोर्स-भाषा)

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नगर निगम चुनाव: भाजपा प्रत्याशियों को दो टूक मैसेज, मौका मिला है, तो जीतकर ही आना होगा

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जयपुर: भारतीय जनता पार्टी ने जयपुर ग्रेटर और हेरिटेज नगर निगम के भाजपा प्रत्याशियों को आज बैठक में बुलाकर दो टूक मैसेज दिया है कि अब पार्टी ने जब मौका दिया है तो आपको जीत कर भी आना होगा. तमाम प्रत्याशियों को कहा है कि आप सभी भाग्यशाली हैं कि संगठन स्तर पर राय मशवरा और आपसी चर्चाओं के बाद आप सभी का चयन हुआ है पार्टी में और भी योग्य कार्य करता है ऐसा नही है कि आप ही योग्य हो. लेकिन संगठन जिसे जो जिम्मेदारी देता है आपसी राय मशवरा और चर्चा के बाद दी जाती है. तो दूसरी तरफ प्रत्याशियों को अपने स्तर पर बागियों को मनाने काफी टास्क दे दिया है. भाजपा ने कहा है कि यदि पार्टी के कोई कार्यकर्ता निर्दलीय खड़े हुए हैं तो आप उनके घर पर जाएं और सौहार्द पूर्ण वातावरण में पार्टी की एकजुटता के लिए उनसे बात करें.

संगठन में सभी कार्यकर्ता है कोई खुद को बड़ा ना समझें:
दूसरी तरफ हिदायत भी दी है कि संगठन में सभी कार्यकर्ता है कोई खुद को बड़ा ना समझें. टिकट मिल गया है तो तमाम नाराजगी और आपसी प्रतिद्वंद्विताओं को छोड़कर भाजपा कार्यकर्ता एकजुटता के साथ जीत दर्ज करें. जयपुर नगर निगम चुनाव-2020 को लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने सुबह से लेकर देर रात तक मैराथन बैठकें की. भाजपा प्रदेश कार्यालय में डाॅ. सतीश पूनियां  प्रदेश संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर ने जयपुर हैरिटेज एवं जयपुर ग्रेटर के भाजपा प्रत्याशियों के साथ बैठकें कर चुनाव प्रबन्धन, चुनाव प्रचार, पार्टी की रीति नीति, स्थानीय मुद्दों इत्यादि विषयों पर संवाद किया. इस दौरान प्रदेश महामंत्री मदन दिलावर, विधायक एवं पूर्व मंत्री वासुदेव देवनानी, प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच, प्रदेश मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा, प्रदेश मंत्री जितेन्द्र गोठवाल, श्रवण सिंह बगडी, जयपुर शहर जिलाध्यक्ष राघव शर्मा उपस्थित रहे.

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सभी बूथों पर पार्टी को मजबूत करने पर देना है विशेष ध्यान:
डाॅ. पूनियां ने जयपुर हैरिटेज एवं जयपुर ग्रेटर के भाजपा पार्षद प्रत्याशियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 से और अब 2019 तक देश के बुनियादी विकास से लेकर वैचारिक मुद्दों का समाधान किया है और सभी वर्गाें के  विकास के लिए योजनाएं संचालित कर रहे है. उन्होंने कहा कि हमें केन्द्र सरकार की योजनाएं, हमारी पार्टी की पिछली सरकारों द्वारा किये गये कार्यों और पार्टी के विकास के एजेण्डे, रीति नीति को जन-जन तक पहुंचाना है. डाॅ. पूनियां ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 20 महीनों में जयपुर की खूबसूरती को बिगाड़ने का काम किया है, पिछले डेढ़ साल में एक भी वर्कआर्डर नहीं हुआ है. इसलिए हमें कांग्रेस सरकार की विफलताओं को पुरजोर तरीके से उठाने के साथ-साथ स्थानीय मुद्दों को भी गंभीरता के साथ आमजन के बीच रखना है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की हकीकत यह है कि ना तो यह किसी कौम का भला कर सकती और ना देश का भला कर सकती है. इसलिए दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा से हर वर्ग जुड़ रहा है और अल्पसंख्यक भी कांग्रेस की झूठ एवं लूट की राजनीति को समझकर भाजपा से जुड़ रहा है. चन्द्रशेखर ने सम्बोधित करते हुए कहा कि समाज के प्रबुद्धजनों से संवाद कर सभी बूथों पर पार्टी को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देना है. उन्होंने कहा कि पार्टी की रीति नीति, स्थानीय मुद्दे सहित विभिन्न विषयों पर गंभीरता से काम करते हुए भाजपा को निगम चुनावों में बहुत अच्छी जीत दिलाने की पुरजोर कोशिश के लिए कार्य करें. पार्टी के पार्षद प्रत्याशियों को चुनाव प्रचार, प्रबन्धन से सम्बन्धित नियमों की जानकारी दी गई.

...फर्स्ट इंडिया के लिए ऐश्वर्य प्रधान की रिपोर्ट

Local Body Election 2020: अब बागियों को मनाने का दौर, महेश जोशी ने जयपुर में शुरू कर दी कवायद

Local Body Election 2020: अब बागियों को मनाने का दौर, महेश जोशी ने जयपुर में शुरू कर दी कवायद

जयपुर: टिकट वितरण और नामांकन का दौर सोमवार को समाप्त होने के बाद अब कांग्रेस के बड़े नेताओं ने बागियों को मनाने की कवायद शुरू कर दी है. बागियों को हर हाल में चुनाव लड़ने से रोकने और मनाने की कोशिश की जाएगी. पीसीसी में आज मुख्य सचेतक और हवामहल विधायक डॉ. महेश जोशी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान इस बात के संकेत भी दिये. 

उनकी हर तरह से मान मुनव्वल करने का प्रयास करेंगे:
डॉ. जोशी ने कहा कि जिन कार्यकर्ताओं ने टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर नामांकन भर दिया है उन्हें नाम वापसी के लिए मनाया जाएगा. हम उनसे नाम वापस लेने का अनुरोध करेंगे. उनकी हर तरह से मान मुनव्वल करने का प्रयास करेंगे. भविष्य में पार्टी में उनका मान-सम्मान बरकरार रहे इस बात का खास ध्यान रखा जाएगा. बागियों को राजनीतिक नियुक्तियों में स्थान दिलाने की बात से भी डॉ.जोशी ने इनकार नहीं किया.

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मास्क नहीं लगाएं वालों को मीडिया कवरेज नहीं दें:
इसके साथ ही डॉ.जोशी ने मीडिया के माध्यम से अपील की है कि किसी भी राजनीतिक दल या निर्दलीय प्रत्याशी जो फील्ड में प्रचार के दौरान मास्क नहीं लगाएं उन्हें कवरेज नहीं दें. डॉ.जोशी ने अपील की है कि कोरोना से बचने के लिए चुनाव प्रचार के दौरान खुद की अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए डब्ल्यूएचओ और सरकार की गाइड लाइन्स का सभी प्रत्याशी विशेष ध्यान रखें. 
 

चुनाव आयोग ने बढ़ाई चुनावों में व्यय की राशि, प्रचार में नहीं आएगी परेशानी

 चुनाव आयोग ने बढ़ाई चुनावों में व्यय की राशि, प्रचार में नहीं आएगी परेशानी

नई दिल्ली:  चुनाव आयोग के सुझाव पर सरकार ने लोकसभा और विधानसभा उम्मीदवारों की अधिकतम व्यय सीमा 10 प्रतिशत बढ़ा दी है, क्योंकि कोविड-19 के कारण जारी दिशा-निर्देशों के चलते उन्हें प्रचार करने में परेशानी का सामना कर पड़ सकता है. इससे बिहार विधानसभा चुनाव और लोकसभा की एक तथा विधानसभा की 59 सीटों पर होने वाले उप चुनाव में उम्मीदवारों को मदद मिलेगी.

चुनाव आयोग ने एक महीने पहले कोविड-19 के मद्देनजर उम्मीदवारों के धन व्यय की सीमा 10 प्रतिशत बढ़ाने का सुझाव दिया था. कानून मंत्रालय द्वारा सोमवार रात जारी की गई एक अधिसूचना के अनुसार लोकसभा चुनाव लड़ रहा उम्मीदवार अब अधिकतम 77 लाख रुपये खर्च कर सकता है. पहले यह सीमा 70 लाख रुपये थी. वहीं विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार अब 28 लाख रुपये की जगह 30.8 लाख रुपये खर्च कर सकता है.

आपको बता दे कि उम्मीदवारों की प्रचार के लिए खर्च करने की अधिकतम सीमा हर राज्य में अलग है. चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अधिकतम व्यय सीमा किसी कारण से बढ़ाई गई है. लेकिन अधिसूचना में कारण का उल्लेख करने की आवश्यकता नहीं है. लोकसभा चुनाव से पहले 2014 में आखिरी बार अधिकतम व्यय सीमा बढ़ाई गई थी. 

बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 28 अक्टूबर, तीन नवम्बर और सात नवम्बर को होना है. अधिकतर उपचुनाव तीन नवम्बर को होंगे. बिहार में वाल्मीकि नगर लोकसभा सीट और मणिपुर की कुछ विधानसभा सीटों पर उपचुनव सात नवम्बर को है. (सोर्स-भाषा)

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केंद्रीय कृषि कानून के खिलाफ पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पेश, कैप्टन जमकर साधा निशाना

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चंडीगढ़: देश के अलग-अलग हिस्सों में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है. इस बीच आज पंजाब विधानसभा में इन कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पेश कर दिया है. इसके साथ ही तीन एक्ट भी पेश किए गए. ऐसे में पंजाब ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है. 

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया:
मंगलवार को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया. बिल पेश करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि वे केंद्रीय कृषि कानून की आलोचना करते हैं. केंद्र सरकार इस एक्ट को वापस ले, इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा है. इस कानून से किसानों का भला नहीं होगा, बल्कि उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ेगा.

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इलेक्ट्रिसिटी बिल में भी जो बदलाव किए गए: 
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रस्ताव पेश करने के बाद कहा कि तीन कृषि कानूनों के अलावा इलेक्ट्रिसिटी बिल में भी जो बदलाव किए गए हैं, वो भी किसान और मजदूरों के खिलाफ हैं. इससे पंजाब के साथ हरियाणा और वेस्ट यूपी पर भी असर पड़ेगा. 

अब धरना खत्म कर दें और काम पर लौटें:
विधानसभा में केंद्र के कानूनों के खिलाफ तीन नए बिल पेश किए गए, जो केंद्र द्वारा लाए कानूनों के बिल्कुल अलग हैं और एमएसपी को जरूरी करते हैं. पंजाब सीएम ने रेलवे ट्रैक पर बैठे किसानों से अपील की है कि अब धरना खत्म कर दें और काम पर लौटें, इन कानूनों के खिलाफ हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. 

CM शिवराज सिंह चौहान के चुनावी रोड शो में शर्तों का उल्लंघन, मामला दर्ज

 CM  शिवराज सिंह चौहान के चुनावी रोड शो में शर्तों का उल्लंघन, मामला दर्ज

इंदौर: मध्य प्रदेश में कोरोना के नियमों की धज्जियां उड़ाने का मामला सामने आया है. प्रदेश के  सांवेर विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सोमवार शाम आयोजित चुनावी रोड शो में अनुमति की शर्तों और कोविड-19 से बचाव के दिशा-निर्देशों के कथित उल्लंघन पर प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि यह मामला भाजपा के एक स्थानीय नेता के खिलाफ दर्ज किया गया है जिसके आवेदन पर सांवेर कस्बे में मुख्यमंत्री के रोड शो की अनुमति दी गई थी.

सांवेर पुलिस थाने के प्रभारी संतोष कुमार दूधी ने बताया कि सोमवार शाम निकाले गए रोड शो को इन शर्तों पर मंजूरी दी गई थी इसमें केवल पांच वाहन शामिल होंगे और शारीरिक दूरी व कोविड-19 से बचाव के अन्य दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा मगर राजनेता के समर्थकों ने नियमों को ताक पर उठाकर रख दिया, जिसके बाद एक्शन लेना पड़ा. 

उन्होंने सांवेर के रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय से पुलिस थाने को भेजे गए पत्र के हवाले से बताया कि अनुमति की शर्तों का उल्लंघन करते हुए मुख्यमंत्री के रोड शो में 20 से 25 गाड़ियां शामिल हुईं है. इस चुनावी आयोजन में शारीरिक दूरी के नियम का पालन नहीं किया और इसमें शामिल कई लोगों ने महामारी से बचाव के लिए मास्क भी नहीं पहना था. 

थाना प्रभारी ने बताया कि मुख्यमंत्री के रोड शो में नियम-शर्तों के कथित उल्लंघन पर स्थानीय भाजपा नेता दिनेश भावसार के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 188 (किसी सरकारी अधिकारी का आदेश नहीं मानना) के तहत सोमवार देर रात मामला दर्ज किया गया है. इस नेता के आवेदन पर ही मुख्यमंत्री के चुनावी रोड शो की अनुमति दी गई थी.

सांवेर सूबे के उन 28 विधानसभा क्षेत्रों में शामिल है जहां तीन नवंबर को उप चुनाव होने हैं. अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित इस सीट पर मुख्य चुनावी भिड़ंत प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और पूर्व लोकसभा सांसद प्रेमचंद गुड्डू के बीच है. वे क्रमशः भाजपा और कांग्रेस की ओर से चुनावी मैदान में उतरे हैं. नतीजे क्या कमाल दिखाएंगे ये तो वोटिंग के बाद पता चल पाएगा. (सोर्स-भाषा)

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कमलनाथ के बाद अब शिवराज के मंत्री के बिगड़े बोल, कांग्रेस नेता की पत्नी पर की अश्लील टिप्पणी

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भोपाल: मध्य प्रदेश में उपचुनाव से पहले आपत्तिजनक टिप्पणियों पर विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. अभी कांग्रेस के पूर्व सीएम कमलनाथ की टिप्पणी पर विवाद थमा भी नहीं है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह कैबनिट में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बिसाहूलाल द्वारा एक अभद्र टिप्पणी कर देने का मामला सामने आया है. बिसाहू लाल साहू ने कांग्रेस नेता विश्वनाथ सिंह की पत्नी पर अश्लील टिप्पणी की है. 

बीजेपी उम्मीदवार बिसाहू लाल साहू का एक वीडियो वायरल हुआ: 
उपचुनाव से पहले अनूपपुर से बीजेपी उम्मीदवार बिसाहू लाल साहू का एक वीडियो वायरल हुआ है. इस वीडियो में बिसाहू लाल साहू कहते हैं कि विश्वनाथ सिंह ने चुनावी फॉर्म में अपनी पहली पत्नी का ब्योरा नहीं दिया है और दूसरी औरत का ब्योरा दिया है. इस दौरान बिसाहू लाल साहू अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर देते हैं.

बयान पर कांग्रेस ने बीजेपी पर पलटवार किया: 
बिसाहूलाल के इस बयान पर कांग्रेस ने बीजेपी पर पलटवार किया है. कांग्रेस ने कहा है कि कल कलनाथ के एक शब्द को पकड़कर सीएम शिवराज ने मौन रखा, अब वह क्या करेंगे? अब सीएम शिवराज को मंत्री बिसाहूलाल पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए.

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कांग्रेस नेता विश्वनाथ सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी: 
वहीं इस मामले पर कांग्रेस नेता विश्वनाथ सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि वह (बिसाहू लाल साहू) अप्रासंगिक बातें बोल रहे हैं क्योंकि वह चुनाव हार रहे हैं. मैंने अपनी पत्नी से 15 साल पहले शादी की थी और हमारे दो बच्चे हैं. मैं उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करूंगा.

कमलनाथ के बयान पर अभी भी विवाद जारी:
उपचुनाव से पहले वहीं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बयान पर अभी भी विवाद जारी है. कमलनाथ ने एक रैली में बीजेपी नेता इमरती देवी को आइटम कहा था, जिस पर राजनीतिक बवाल तेज हो गया है. इसके विरोध में शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को दो घंटे का मौन रखा और कांग्रेस से माफी मांगने की अपील की.