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गर्मी के मौसम में पीएंगे हर रोज ये जूस, नहीं होगी शरीर में इम्यूनिटी पावर की कमी

गर्मी के मौसम में पीएंगे हर रोज ये जूस, नहीं होगी शरीर में इम्यूनिटी पावर की कमी

जयपुर: गर्मी के मौसम में शरीर में इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए ज्यूस पीना चाहिए. फलों का जूस हमारी सेहत के साथ-साथ इम्यूनिटी बढ़ाने का काम भी करता है. वैसे भी अभी कोरोना बीमारी का खौफ है, ऐसे में आप फलों का जूस पीकर शरीर में इम्यूनिटी पावर बढा सकते है.

लाभकारी है चुकंदर और गाजर का जूस:
सेहत के लिए चुकंदर और गाजर बेह फायदेमंद है. अगर इसका जूस बनाकर पीया जाये तो ओर भी लाभकारी होगा. इन दोनों का जूस बुजुर्गों को भी दिया जा सकता है. अगर आंवला मिल रहा हो, तो इसमें एक आंवला भी मिला दीजिए. इसके अतिरिक्त नारियल पानी पीना भी सेहत के लिए लाभकारी है. 

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पीजिए तरबूज का जूस:
अगर आप गर्मी के मौसम में तरबूज का जूस पीएंगे तो इससे शरीर में इम्यूनिटी पावर कम नहीं होगा. तरबूज में कई तरह के तत्व पाये जाते है. जिससे आपकी सेहत के साथ-साथ इम्यूनिटी पावर भी बढेगा.
 
संतरे का जूस:
हमारी सेहत के लिए संतरे बेहद फायदेमंद होते है. क्योंकि इसमें 3-विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते है, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत करते है. 

गाजर का जूस फायदेमंद:
गाजर, सेब और संतरे को मिलाकर भी जूस बना लीजिए. या आप अकेले गाजर का जूस भी बना सकते है. इसमें आप थोड़ा अदरक भी मिला लीजिए. इसमें विटामिन ए, सी, ई के साथ आयरन और कैल्शियम भी पाए जाते हैं, जो शरीर को पोषक तत्व देने के साथ, इम्यूनिटी को बढ़ाने का काम करते हैं.

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जयपुर: खाने में जब तक प्याज का इस्तेमाल हो तब तक मजा नहीं आता. अधिकतर घरों में प्याज का इस्तेमाल किया जाता है. अक्सर प्याज के मंहगे दाम खबरों में भी छाए रहते हैं. प्याज ने सरकारें गिराई और बनाई भी हैं. ऐसे में आज सोच सकते हैं कि प्याज कितना महत्वपूर्ण है. प्याज में पाए जाने वाले औषधीय गुण की वजह से इसका सेवन कई सालों से किया जा रहा है. कई डॉक्टर्स गर्मियों के मौसम में लू से बचने के लिए  प्याज खाने की भी सलाह देते हैं. तो आइए जानते हैं कि वाकई प्याद कितनी फायदेमंद है...

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- प्याज का सेवन करने से इम्यून सिस्टम मजबूत होती है. इससे शरीर को जल्दी बीमार होने नहीं देते हैं और सर्दी-जुकाम की समस्या से भी निजात दिलाने में मददगार होता है.

- प्याज गर्मियों में चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों से बचाती है. कच्चा प्याज खाने से लू नहीं लगती. अगर लू लग जाए तो प्याज का रस पैर के तलवे में लगाने और प्याज का जूस पीने से आराम मिलता है.

-  प्याज में एंटी-कैंसर गुण पाए जाते हैं, इसलिए इसके इस्तेमाल से विभिन्न प्रकार के कैंसर से बचा जा सकता है.

- गर्मियों में अक्सर नाक से खून आने की समस्या होती है. अगर नाक से खून आए तो प्याज के रस की कुछ बूंदें डालने से खून आना बंद हो जाता है.

- अगर चेहरे पर मुहासे हैं तो जैतून के तेल में प्याज का रस मिलाकर लगाने से मुहासे कम हो जाते हैं.

- सर्दी, खांसी और बुखार में प्याज का रस और शहद मिलाकर पीना चाहिए.

-  पीरियड शुरु होने से पहले खाने में रोज कच्चा प्याज खाने से पीरियड के वक्त होनी वाली परेशानियों से राहत मिल सकती है.

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फेफड़े मजबूत करने के लिए खाएंगे ये चीजें तो रोगों से रहेंगे दूर

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जयपुर: शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने वाले फेफड़ों का सही तरीके से काम करना अतिआवश्यक है. यदि फेफड़ों में कोई बीमारी है तो शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है, ऐसे में फेफड़ों का हमेशा ख्याल रखना आवश्यक है. दुनियाभर में कोरोना वायरस से मरने वालों की रिपोर्ट बताती है कि ये वायरस उनके फेफड़ों को कितनी तेजी से खराब करता है. उन्हें सांस लेने में भी तकलीफ इसी वजह से होती है. ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसी चीजें बता रहे हैं जो फेफड़ों को मजबूत करने में सहायता करेगी...

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पानी- पानी पीना फेफड़ों के लिए बहुत आवश्यक होता है. हर दिन 6 से 8 गिलास पानी पीना ही चाहिए. ये फेफड़ों को प्योरीफाई कर उन्हें रोगों से दूर रखता है.

लहसुन- भोजन करने के बाद एक कली लहसुन खाने से फेफड़े साफ होते हैं. लहसुन के सेवन से इम्यून सिस्टम भी मजबूत होता है. 

बीन्स- बीन्स का सेवन भी फेफड़ों के लिए बहुत जरूरी है. बीन्स में शरीर के लिए जरूरी हर तरह के न्यूट्रीशन पाए जाते हैं.

विटामिन ‘सी’-  सभी खट्टे फलों जैसे नींबू, संतरा, कीवी, अंगूर, टमाटर अनानास और स्ट्रॉबेरी आदि में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है. विटामिन ‘सी’  के सेवन से फेफड़े मजबूत होते हैं. 

तुलसी-  तुलसी के पत्तों को सुखाकर उसमें कत्था, मैन्थाल और इलायची बराबर मात्रा में पीस लें और इसमे एक चम्मच पिसी हुई चीनी मिलाकर दिन में दो बार आधा चम्मच खाने से फेफड़ों में जमा हुआ कफ कम होता है.

ब्रोकोली- एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर ब्रोकोली फेफड़ों को स्वस्थ बनाए रखने में कारगर है. 

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- सोने से पहले शहद का सेवन करने से उसका सकारात्मक असर पूरे शरीर पर रहता है. शहद एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल और एंटी ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है. 

- रात में सोने से पहले गुनगने दूध में चुटकी भर दालचीनी पाउडर और उतना ही इलायची पाउडर डालकर पीने से न सिर्फ दूध का स्वाद अच्छा होगा, नींद भी अच्छी आएगी.

- अगर आपको नींद नहीं आ रही तो बादाम अच्छा विकल्प साबित हो सकते हैं. इससे तेज नींद आने में मदद मिलती है और साथ ही नींद गहरी भी आती है.

- केले में भरपूर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं. कार्बोहाइड्रेट्स ट्रिप्टोफेन बनाने में मदद करता है जो दिमाग को अच्छी नींद दिलाता है. 

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जयपुर: गर्मी बढ़ने के साथ ही लोगों के पसीन छूटने लगे हैं. इस भयंकर गर्मी में लोगों के लिए खुद को हेल्दी बनाए रखना पहले से ज़्यादा जरूरी हो गया है. ऐसे में लोगों को लू के प्रति जागरूक होने की जरूरत है. लू का अगर समय रहते उपचार नहीं किया गया तो यह जानलेवा हो सकता है. लू लगने से सिरदर्द, थकान, चक्कर, शरीर में पानी की कमी और बुखार होने लगता है. व्यक्ति को भूख कम लगती है. इनके लक्षणों में उल्टी और बहुत अधिक पसीना भी शामिल हैं. ऐसे में आज हम आपको लू से बचने के कुछ उपाय बता रहे हैं...

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-  शरीर को पूरी तरह से ढंक कर ही घर से बाहर निकलें और अपनी आंखों को भी धूप से बचाएं. 

- ठंडी जगह से निकलकर अचानक धूप में ना जाएं.

- अधिक से अधिक पानी पिएं और पानी से भरपूर फलों का सेवन करें.

- रोज़ाना खाने में कच्चे प्याज़ का इस्तेमाल करें अगर सफ़ेद प्याज़ का इस्तेमाल करें तो और बढ़िया होगा. 

- अधिक मात्रा में तरल पदार्थ पिएं.

- इसके अलावा सौंफ के बीज भी बड़े काम के साबित हो सकते हैं क्योंकि इसमें ठंडक देने वाले गुण होते हैं.

- नींबू नमक पानी, नारियल पानी आदि के जरिए पानी की पूर्ति करें.

- कटे हुए फल व सब्जियों के सेवन से बचे.

- कच्चे आम को उबालने की अपेक्षा उसे आग में भुनें और ठंडा होने पर उसका गूदा निकालकर उसमें जीरा, धनिया, चीनी, नमक, कालीमिर्च और पानी मिलाकर घोल बना लें. लू लगे व्यक्ति को पना का सेवन उसके ठीक होने तक करवाते रहें. 

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इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए करे तांबे के बर्तनों का इस्तेमाल, कई गुणों के कारण फायदेमंद

 इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए करे तांबे के बर्तनों का इस्तेमाल, कई गुणों के कारण फायदेमंद

जयपुर: पहले के समय में खाना पकाने से लेकर खाने तक के लिए तांबे के बर्तन ही देखने को मिलते थे और उसकी वजह से लोगों को बीमारियां भी कम होती थीं. बर्तनों में खाना पकाना भी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है. आयुर्वेद में कहा गया है कि कॉपर यानी तांबे के बर्तन का पानी पीना सेहत के लिए फायदेमंद है. इसके पानी के सेवन से शरीर के विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं. ऐसे में कई बीमारियां आसानी से खत्म हो जाती है. 

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तांबा इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में होता है मददगार:
तांबा तापमान में बदलाव की जल्दी से प्रतिक्रिया देता है और खाना पकाने के लिए एक शानदार विकल्प है. तांबा इम्यून सिस्टम को मजबूत करने और नई कोशिकाओं के उत्पादन में मदद करने के लिए जाना जाता है. ऐसे में इस समय कोरोना माहामारी के बीच तांबे के बर्तनों का इस्तेमाल करना बेहद ही फायदेमंद हो सकता है. 

तांबे के बर्तनों का इस्तेमाल इसके कई गुणों के कारण फायदेमंद:
तांबा अपने एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुणों के लिए जाना जाता है. ऐसे में तांबे के बर्तनों का इस्तेमाल इसके कई गुणों के कारण फायदेमंद है. तांबे के बर्तनों में पका खाना खाने से शरीर के विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं जिससे किडनी और लिवर स्वस्थ रहते हैं. तांबा भोजन में वायरस और बैक्टीरिया के साथ प्रतिक्रिया कर सकता है और उन्हें मार सकता है. यानी किचन में कुछ तांबे के बर्तन एक जबर्दस्त रोगाणुरोधी के रूप में कार्य कर सकते हैं. 

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तांबा मनुष्यों के लिए आवश्यक खनिजों में से एक:
तांबा मनुष्यों के लिए आवश्यक खनिजों में से एक है. यह शरीर में प्रोटीन के एक प्रकार कोलेजन बनाने में मदद करता है और आयरन को अवशोषित करता है, जिससे ऊर्जा उत्पादन का काम आसानी से हो पाता है. तांबे के बर्तन में पका खाना खाने से जोड़ों का दर्द और सूजन की दिक्कत कम हो जाती है. 

IIT दिल्ली ने किया दावा, अश्वगंधा कोरोना वायरस के इलाज में कर सकता है मदद

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नई दिल्ली: पूरी दुनिया में इस समय लाखों लोग कोरोनावायरस से संक्रमित हैं, जिनमें से कई अपनी जान गंवा चुके हैं. अमेरिका से लेकर यूरोप तक हर देश कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन या फिर दवा के रिसर्च में लगा है. इस बीच एक रिसर्च में सामने आया है कि अश्वगंधा में पाए जाने वाले एक तत्व की मदद से इस बीमारी की दवा बनाने में मदद मिल सकती है.

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अश्वगंधा में पाया जाने वाला विथानन कोरोना की दवा बनाने में मददगार संभव:
IIT दिल्ली और जापान में नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ एडवांस्ड इंडस्ट्रियल साइंस एंड टेक्नोलॉजी की रिसर्च के मुताबिक अश्वगंधा में पाया जाने वाला विथानन कोरोना की दवा बनाने में मददगार हो सकता है. रिसर्च के अनुसार अश्वगंधा और प्रोपोलिस में ऐसे प्राकृतिक तत्व हैं जिनसे कोरोना वायरस से बचाव संभव है. प्रोपोलिस, एक हनी बी प्रोडक्ट है, जिसमें आपके शरीर को क्षति से बचाने और बीमारी से लड़ने के लिए एंटीऑक्सिडेंट्स मौजूद हैं.

फिलहाल ये स्टडी समीक्षाधीन: 
रिसर्च टीम का कहना है कि इस शोध में जो कंपाउंड हमें मिले हैं वह दोनों ही मानव शरीर में वायरस के रेप्लिकेशन के लिए जिम्मेदार सॉर्स-सीओवी-2 के मुख्य एंजाइम मैन प्रोटिएज को खत्म करने की क्षमता रखते हैं. फिलहाल ये स्टडी समीक्षाधीन है और निकट भविष्य में प्रकाशित होने की उम्मीद है.

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दवा बनाने में होगी देरी:
रिसर्च टीम का मानना है कि दवा बनाने के लिए इन तत्वों का लैब में प्राथमिकता के आधार पर टेस्ट और ट्रायल होना चाहिए, ताकि महामारी को रोकने के लिए वैक्सीन बनाने के लिए जारी प्रयासों में और देरी न हो. रिसर्च टीम के अनुसार दवा को बनाने में काफी वक्त लग सकता है और ऐसे में मौजूदा हालात में ये प्राकृतिक तत्व कुछ हद तक इसे रोकने या थैरेपी के तौर पर प्रयोग में लाए जा सकते हैं. 

20 लाख नागरिकों को काढ़ा अश्वगंधा-गिलोय चूर्ण वितरित, चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा की देखरेख में चल रहा कैम्पेन

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जयपुर: राजस्थान में कोरोना की रोकथाम में उपयोगी मानी जाने वाली काढ़ा अश्वगंधा-गिलोय चूर्ण का वितरण लगातार जारी है. चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा की मॉनिटरिंग में पूरे प्रदेशभर में काढ़ा-चूर्ण वितरण का कैम्पेन चलाया जा रहा है, जिसमें अब तक 20 लाख नागरिकों को दवा का वितरण किया जा चुका है.आयुर्वेद मंत्री डॉ रघु शर्मा ने बताया कि विभाग द्वारा काढ़ा वितरण के साथ ही सरल घरेलू उपायों यथा- गर्म पानी का सेवन, नित्य योगाभ्यास, हल्दी एवं हल्दी युक्त दूध, जीरा, धनिया, तुलसी, अदरक, कालीमिर्च, मुनक्का का सेवन, नासिका में सरसों/तिल/नारियल का तेल आदि के बारे में सलाह भी दी जा रही है.

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स्क्रीनिंग कार्य एवं चिकित्सा सेवाएं प्रदान:
डॉ रघु शर्मा ने बताया कि होम्योपैथी विभाग द्वारा औषधि आर्सेनिक एल्बम भी लगभग 3 लाख नागरिकों को वितरित की जा चुकी है.उन्होंने बताया कि केंद्रीय आयुष मंत्रालय के सहयोग से समस्त विभागीय चिकित्सकों एवं नर्स कम्पाउण्डर को कोविड 19 से सम्बन्धित प्रशिक्षण दिया गया है.वर्तमान में समस्त आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी चिकित्साधिकारी एवं नर्स कम्पाउण्डर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर विभिन्न क्वारांराईन सेन्सर्ट, चैक पोस्ट, स्क्रीनिंग कार्य एवं चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहे हैं.

आयुर्वेद औषधियों का किया जा रहा है परीक्षण:
क्वारांटाईन सेन्टर्स पर रह रहे लगभग 8 हजार 200 नागरिकों को 5 दिवस तक आयुर्वेदीय काढ़ा व अष्वगंध व गिलोय चूर्ण दिया जा रहा है.डॉ शर्मा ने बताया कि राजस्थान आयुर्वेद विवि जोधपुर द्वारा 1500 व्यक्तियों पर तथा राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर द्वारा 600 कोरोना वॉरियर्स एवं क्वारांटाईन व्यक्तियों पर आयुर्वेद औषधियों का परीक्षण किया जा रहा है.

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जयपुर: आयुर्वेद में तुलसी का विशेष महत्व बताया गया है. आयुर्वेद की मानें तो तुलसी का हर भाग आपके लिए कई तरह से फायदेमंद है. तुलसी की जड़, उसकी शाखाएं, पत्ती और बीज सभी का अपना-अपना महत्व है. सर्दी, जुकाम, पेट दर्द, सूजन, दिल की बीमारी और मलेरिया में यह काफी फायदेमंद होती है. इसको सूखे पाउडर, पत्तियों और घी के साथ इस्तेमाल किया जाता है. तो आइए आज हम आपको तुलसी के सेवन से होने वाले फायदों के बारें में बताते हैं...

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- अगर खांसी के साथ फेफड़ों में आवाज आए तो तुलसी को मिश्री के साथ मिलाकर सेवन करना फायदेमंद होता है. 

- तुलसी के पत्तों के साथ 4 भुनी लौंग चबाने से खांसी चली जाती है.

- तुलसी के रस को शहद के साथ सेवन करने से हिचकी, अस्थमा और सांसों की बीमारियों को ठीक किया जा सकता है.

- तुलसी के बीजों को गाय के दूध के साथ मिलाकर सेवन करने से यह एंटीऑक्सीडेंट का काम करती है.

- तुलसी का सेवन रक्त को साफ करने में भी ये मददगार है. इसके अलावा मुंह के छाले के लिए भी ये रामबाण इलाज है.

- रोजाना तुलसी की 10 पत्तियों को चबाने से ब्लड प्रेशर में तो आराम मिलता ही है साथ ही ब्लड शुगर को भी यह नॉर्मल करती है. 

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