महात्मा गांधी के भरोसे जो लोग भारत में नहीं आ पाए, केंद्र उन्हें दे रही नागरिकता: अनिल विज

महात्मा गांधी के भरोसे जो लोग भारत में नहीं आ पाए, केंद्र उन्हें दे रही नागरिकता: अनिल विज

महात्मा गांधी के भरोसे जो लोग भारत में नहीं आ पाए, केंद्र उन्हें दे रही नागरिकता: अनिल विज

चंडीगढ़: नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देशभर में बवाल जारी है. कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं. विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर है. इसी बीच नागरिक कानून को लेकर हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा है कि बंटवारे वक्त जो लोग राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के भरोसे पर भारत में नहीं आए थे, केंद्र की बीजेपी सरकार उन्हें  नागरिकता दे रही है, तो कांग्रेस को दिक्कत क्यों हो रही है.  

केंद्र सरकार ने समझा दर्द:
चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अनिल विज ने कहा कि बंटवारे के वक्त महात्मा गांधी ने कहा था कि बटवारा उनकी लाश पर होगा. इस पर भरोसा करते हुए उस वक्त देश के कुछ हिंदू और सिखों ने भारत में आने का इरादा छोड़ दिया था, लेकिन जैसे-जैसे वक्त बदला, इन लोगों के साथ पाकिस्तान और बांग्लादेश में खूब जुल्म हुए. यदि आज केंद्र सरकार इन भारतीय मूल के लोगों का दर्द समझते हुए फिर से मुख्यधारा में जोड़ना चाहती है तो कांग्रेस महात्मा गांधी के समाधि स्थल पर धरने पर बैठ कर दिखावा क्यों कर रही है. 

सोनिया गांधी पर निशाना:
कांग्रेस की कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि सोनिया गांधी ने इटली से आकर भारत की नागरिकता तो ले ली. जबकि उनकी पार्टी आज पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए हिंदू और सिखों को नागरिका देने का विरोध जता रही है. नागरिक संशोधन कानून को लेकर कांग्रेस देश में वैमनस्य फैला रही है, जबकि देश का बंटवारा कांग्रेस के ही कारण ठीक हुआ था. अनिल विज ने कहा कि कांग्रेस देश की सबसे बड़ी सांप्रदायिक पार्टी है, जिसके कारण 1947 में देश का विभाजन हुआ, जिसमें लाखों लोग मारे गए. इसके बाद 1984 में हुए सिख दंगों में भी तीन हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे. 

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