लोकसभा में तीन तलाक बिल पेश, रविशंकर बोले- यह नारी न्याय और गरिमा का सवाल

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/06/21 01:05

नई दिल्ली: लोकसभा में आज एक बार में तीन तलाक को गैर कानूनी ठहराने वाला मुस्लिम महिला विधेयक बिल पेश किया गया है. कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने लोकसभा में तीन तलाक बिल पेश किया. इस दौरान विपक्षी दलों ने इसकी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए विरोध किया. तीन तलाक बिल पर विपक्षी दलों के विरोध पर कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सवाल नारी गरिमा और इंसाफ का है. लोकसभा को अदालत नहीं बनाएं.

कानून की व्याख्या अदालत का काम 
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पिछली लोकसभा का कार्यकाल खत्म होने के कारण यह विधेयक फिर से पेश करने की ज़रूर पड़ी है. हम संसद हैं. कानून बनाना हमारा काम है. यह हमारा संवैधानिक कर्तव्य है. कानून की व्याख्या अदालत का काम है. हम अपना काम करें और संसद को अदालत न बनाएं. यह नारी न्याय और गरिमा का सवाल है. यह कैसे संभव है कि कोई सिर्फ तलाक तलाक तलाक कह कर किसी महिला को घर से बाहर कर सकता है. उन्होंने कहा कि भारत के संविधान में कहा गया है कि किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता, इसलिए यह संविधान के खिलाफ कतई नहीं है बल्कि उनके अधिकारों से जुड़ा हैं. 

रविशंकर प्रसाद ने किया बिल पेश
इस बिल के पेश होते ही सदन में हंगामा शुरू हो गया. स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा कि मंत्री सिर्फ बिल पेश करने की अनुमति मांग रहे है और किसी सदस्य की आपत्ति है तो फिर मैं जवाब देने के लिए तैयार हूं. इसके बाद हंगामे के बीच रविशंकर प्रसाद ने तीन तलाक बिल लोकसभा में पेश कर दिया है. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बिल का ड्राफ्ट का विरोध किया है. 

इस बिल से मुस्लिम महिलाओं के हितों की रक्षा नहीं होगी 
उन्होंने कहा कि इस बिल से मुस्लिम महिलाओं के हितों की रक्षा नहीं होगी बल्कि उनकी दिक्कतों और बढ़ जाएंगी. थरूर के बाद ओवैसी ने भी तीन तलाक बिल का विरोध किया है. स्पीकर ने कहा कि आप बिल पर चर्चा हो तब इसके खिलाफ बोलना अभी तो सिर्फ बिल सदन में रखा गया है.

सरकार को सिर्फ मुस्लिम महिलाओं से हमदर्दी क्यों
एआईएमआईएम सांसद असद्दुदीन ओवैसी ने लोकसभा में कहा कि मैं इस विधयेक को पेश किए जाने का विरोध करना हूं. इस पर मैं मत विभाजन का विरोध करूंगा. ओवैसी ने तीन तलाक बिल पर सवाल उठाते हुए कहा कि आपको मुस्लिम महिलाओं से इतनी मोहब्बत है तो केरल की महिलाओं के प्रति मोहब्बत क्यों नहीं है? आखिर सबरीमाला पर आपका रूख क्या है? उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को असंवैधानिक ठहराया है. इस बिल के बाद जो पति जेल जाएंगे उनकी पत्नियों का खर्चा क्या सरकार देने के लिए तैयार है. 


 

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