राजस्थान विधानसभा में तीन संशोधन विधेयक ध्वनिमत से पारित

राजस्थान विधानसभा में तीन संशोधन विधेयक ध्वनिमत से पारित

राजस्थान विधानसभा में तीन संशोधन विधेयक ध्वनिमत से पारित

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को तीन संशोधन विधेयक राजस्थान माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2021, स्वामी केशवानंद राजस्थान विश्वविद्यालय बीकानेर (संशोधन) विधेयक, 2020 और राजस्थान पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2020 को ध्वनिमत से पारित किया गया.

माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2021 पर हुई बहस का जवाब देते हुए राज्य के संसदीय मामलों के मंत्री शांती कुमार धारीवाल ने कहा कि जीएसटी काउंसिल में हुए निर्णयों के अनुसार इस विधेयक को लोकसभा ने पारित किया है, जिसे राज्य विधानसभाओं द्वारा हूबहू पारित करना होता है. उसी के अनुसार यह संशोधन विधेयक लाया गया है.

बीते वर्षों में जीडीपी में गिरावट और कर्ज में बहुत अधिक वृद्धि हुई: 
धारीवाल ने कहा कि केन्द्र सरकार की गलत नीतियों की वजह से बीते वर्षों में जीडीपी में गिरावट और कर्ज में बहुत अधिक वृद्धि हुई है. उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार पर वर्ष 2014 में 53 लाख करोड़ रुपए का कर्ज था, जो बढ़कर 136 लाख करोड़ रुपए हो चुका है. उन्होंने कहा कि देश में पिछले 70 साल के इतिहास में जीडीपी में सबसे ज्यादा 23.50 प्रतिशत ऋणात्मक वृद्धि दर्ज की गई है.

राजस्थान का केन्द्र सरकार के पास 5603 करोड़ रुपए जीएसटी का बकाया:
धारीवाल ने सदन को बताया कि केन्द्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर बेसिक एक्साइज ड्यूटी एवं विभिन्न सेस लगाकर प्रति लीटर 31.50 रुपए अतिरिक्त की बढ़ोत्तरी की है, जिसमें राज्यों का कोई हिस्सा नहीं है. धारीवाल ने बताया कि राजस्थान का केन्द्र सरकार के पास 5603 करोड़ रुपए जीएसटी का बकाया है.

कुलपति को उन परिस्थितियों में हटाये जाने का कोई प्रावधान नहीं:
स्वामी केशवानंद राजस्थान विश्वविद्यालय बीकानेर (संशोधन) विधेयक, 2020 विधेयक पर सदन में हुई चर्चा के जवाब में राज्य के कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने कहा कि विधेयक के उद्देश्यों और कारणों के कथन में स्पष्ट अंकित किया गया है कि राजस्थान के पांचों राजकीय कृषि विश्वविद्यालयों के अधिनियमों में कुलपति को उन परिस्थितियों में हटाये जाने का कोई प्रावधान नहीं है.

यह विधेयक अनावश्यक रूप से कुलपति को नहीं हटा रहा:
कटारिया ने सदन को बताया कि जहां कुलाधिपति को यह प्रतीत होता है कि उसका पद पर बना रहना विश्वविद्यालय के हित के लिए हानिकारक है, ऐसी परिस्थितियों में कुलाधिपति को राज्य सरकार के परामर्श से कुलपति हटाये जाने के लिए सशक्त किया जाना प्रस्तावित है. कटारिया ने बताया कि यह विधेयक अनावश्यक रूप से कुलपति को नहीं हटा रहा. इसके लिए नियमानुसार जांच होगी, इसकी प्रक्रिया तय होगी, कोई अनियमितता सामने आती है तो निलम्बित किये जाने का प्रावधान है. कटारिया ने बताया कि हरियाणा, पंजाब एवं केरल तक के पशुपालक राजस्थान से लाखों रुपए कीमत की गिर एवं थारपारकर जैसी नस्ल की गायें खरीदकर ले जाते हैं. 

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