अहमदाबाद Gujarat: ई-कॉमर्स मंच के जरिये मादक द्रव्य गिरोह चला रहे तीन व्यक्ति गिरफ्तार

Gujarat: ई-कॉमर्स मंच के जरिये मादक द्रव्य गिरोह चला रहे तीन व्यक्ति गिरफ्तार

Gujarat: ई-कॉमर्स मंच के जरिये मादक द्रव्य गिरोह चला रहे तीन व्यक्ति गिरफ्तार

अहमदाबाद: गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने सोमवार को अहमदाबाद से दो लोगों और अमरेली जिले से एक व्यक्ति को अपने ई-कॉमर्स मंच (ऑनलाइन सामान बेचने वाले) का इस्तेमाल कर कथित तौर पर चरस और एम्फेटामाइन जैसे मादक द्रव्य बेचने का गिरोह चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया है. एटीएस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी.

उन्होंने कहा कि गिरोह एक प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनी द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले डिब्बों में मादक द्रव्य भेजता था और खुद को पकड़े जाने से बचाने के लिए ‘वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल’ (VOIP) कॉल और कूट संदेश का इस्तेमाल करता था अधिकारी ने कहा कि आरोपी ने गुजरात के बाहर से नशीले पदार्थ खरीदे और अब तक सूरत और वडोदरा सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में उनकी आपूर्ति की है. एटीएस को हाल ही में पता चला कि अमरेली जिले के रहने वाले कुछ व्यक्ति अहमदाबाद के वस्त्रपुर इलाके में किराए के फ्लैट से मादक द्रव्य गिरोह चला रहे थे. एटीएस के पुलिस उपाधीक्षक हर्ष उपाध्याय ने संवाददाताओं को बताया कि उस जानकारी के आधार पर, एटीएस की एक टीम ने सोमवार तड़के वस्त्रपुर इलाके में एक फ्लैट पर छापा मारा और दो लोगों को 3.63 किलोग्राम मादक द्रव्य के साथ पकड़ा. जब्त मादक द्रव्य की कीमत 8.28 लाख रुपये है. गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान सोहिल शिरमन और बासित सामा के तौर पर हुई है. दोनों अमरेली के मोटा लिलिया गांव के रहने वाले हैं. 

अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि पूरे गिरोह को आकाश विंझावा चला रहा था. इसके बाद एटीएस की एक टीम अमरेली के राजुला कस्बे पहुंची और सोमवार की सुबह उसे उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया. उपाध्याय ने कहा कि आकाश और अन्य ने नशा करने वालों से ऑर्डर लेने के लिए एक ई-कॉमर्स वेबसाइट बनाई थी और एक कूरियर सेवा के माध्यम से या निजी बसों के चालकों और सहायकों के जरिये नशीले पदार्थों की आपूर्ति करता था. गिरफ्तार आरोपियों से गुजरात के बाहर से मादक द्रव्य की आपूर्ति करने वालों की जानकारी भी पता चल चुकी है. अधिकारी ने बताया कि जांचकर्ताओं को चकमा देने और अपने ई-कॉमर्स उद्यम को वैध दिखाने के लिए, गिरोह मादक द्रव्यों को उन बक्सों में भेजता था, जिसका उपयोग ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन द्वारा किया जाता है. अधिकारी ने कहा कि अमरेली के कोवाया गांव के रहने वाले करण वाघ की भी एटीएस तलाश कर रही है जो अभी फरार है. सोर्स- भाषा

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