Live News »

भरतपुर: कई दिनों तीन युवकों ने नाबालिग से किया गैंगरेप, तीन माह की गर्भवती होने पर हुआ खुलासा

भरतपुर: कई दिनों तीन युवकों ने नाबालिग से किया गैंगरेप, तीन माह की गर्भवती होने पर हुआ खुलासा

भरतपुर: जिले के कामां थाना इलाके के एक गांव में सामूहिक दुष्कर्म के बाद 13 वर्षीय दलित नाबालिग बालिका तीन माह से ज्यादा की गर्भवती हो गयी. इस बात का पता उस समय चला जब पेट में दर्द की शिकायत पर बालिका को उसके परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे. अस्पताल में पता चला कि बालिका तो तीन माह की गर्भवती है. उसके बाद पीड़िता ने पूरा घटनाक्रम अपने परिजनों को बताया. पीड़िता ने बताया कि चार महीने पूर्व गांव के ही तीन युवकों ने उसको रास्ते में पकड़ लिया और सरसों के खेत में तीनों ने दुष्कर्म किया. उसके बाद जान से मारने की धमकी देते हुए वे लोग उसके साथ मौका मिलने पर बार बार दुष्कर्म करते रहे जिसे वह गर्भवती हो गयी.  

पांच मिनट का वीडियो संदेश रिकॉर्ड करने संत ने लगाई फांसी, महिला ने लगाया था दुष्कर्म का आरोप 

खेत में ले जाकर तीनों ने बारी बारी से किया दुष्कर्म:
13 वर्षीय नाबालिग दलित बच्ची को करीब 4 महीने पहले गांव के ही तीन युवक सद्दाम,तौफीक,मम्मन ने उस समय अपनी हवस का शिकार बनाया जब वह खेत पर पर जा रही थी. तब गांव के तीनों बदमाशों ने बालिका को रास्ते में धर दबोचा और वहां सरसों के खेत में ले जाकर तीनों ने बारी बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी. 

परिजनों को जान से मारने की धमकी दी:
गांव के तीनों दुष्कर्मी अब पीड़िता के परिजनों को जान से मारने की धमकी दे रहे है की उनके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज नहीं किया जाए. पीड़िता के पिता ने बताया की उसकी नाबालिग पुत्री के साथ गांव के ही तीन लोग दुष्कर्म करते रहे जिससे वह गर्भवती हो गयी और अब हम उनके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करा रहे हैं. 

कोरोना संक्रमण को लेकर नया खुलासा, इतने दिन के बाद संक्रमित से नहीं फैलता वायरस 

दुष्कर्म का मामला दर्ज:
कामां थानाधिकारी धर्मेश दायमा ने बताया कि कामां थाना इलाके की एक विवाहिता ने कामां थाने पर पहुंचकर लिखित तहरीर दी है जिसमें उसने अवगत कराया है कि उसकी नाबालिग पुत्री के साथ गांव के ही लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया है इसके बाद दुष्कर्म का मामला दर्ज किया जा रहा है और पीड़िता का मेडिकल मुआयना कराया जा रहा है व इसकी जांच कामां के पुलिस वृत्ताधिकारी देवेंद्र सिंह राजावत करेंगे. 

और पढ़ें

Most Related Stories

सारलोरलक्स ओपन से बाहर हुए अजय जयराम और शुभंकर डे

सारलोरलक्स ओपन से बाहर हुए अजय जयराम और शुभंकर डे

सारब्रकेन, जर्मनी:  हाल ही में बैडमिंटन मैच के ठीक पहले भारत के अजय जयराम और शुभंकर डे कोरोना पॉजिटिव पाये गए है जिसके चलते उन्हें क्वारेंटाइन कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि गत चैम्पियन लक्ष्य सेन के पिता और कोच के संपर्क में आने के कारण उन्हें सारलोरलक्स ओपन बैडमिंटन से बाहर का रास्ता देखना पड़ा है और कोरोना के चलते प्रथकवास में भी रहना होगा. 

उन्नीस वर्ष के लक्ष्य पहले ही नाम वापिस ले चुके हैं जिनके पिता डी के सेन पॉजिटिव पाये गए थे.उनमें फिलहाल कोई लक्षण नहीं पाये गए हैं. विश्व बैडमिंटन महासंघ ने एक बयान में कहा  कि बीडब्ल्यूएफ इसकी पुष्टि करता है कि सरलोरलक्स ओपन 2020 से तीन खिलाड़ियों ने एहतियात के तौर पर नाम वापिस ले लिया है चूंकि वे कोरोना पॉजिटिव पाये गए उनकी टीम के एक सदस्य के संपर्क में थे. 

इसमें कहा गया कि ये तीन खिलाड़ी लक्ष्य सेन, अजय जयराम और शुभंकर डे टूर्नामेंट में आगे भाग नहीं लेंगे. तीनों खिलाड़ियों और टीम को पृथकवास में रखा गया है. टूर्नामेंट से पहले लक्ष्य, जयराम और डे नेगेटिव पाये गए थे. मगर मैच के ठीक पहले कोरोना ने अपना शिकार बना लिया है. फिलहाल सभी को उनके ठीक होने का इंतजार है. (सोर्स-भाषा)

{related}

मुख्य सचिव प्रकरण में लेटेस्ट अपडेट! गहलोत सरकार ने केन्द्र को भेजा था प्रस्ताव

जयपुर: राजस्थान के मुख्य सचिव प्रकरण में लेटेस्ट अपडेट सामने आई है. गहलोत सरकार ने केंद्र को राजीव स्वरूप के 6 माह के एक्सटेंशन का प्रस्ताव भेजा था लेकिन संभवत: कल दिल्ली से 6 माह के बजाय 3 माह का एक्सटेंशन प्रस्ताव भेजने का फोन आया है. ऐसे में इस 'डवलपमेंट' से एक बार फिर आस जगी है. अपनी लड़ाई लगभग हार चुके राजीव के लिए यह एक नई आस है. 

अभी भी ऊषा शर्मा-वीनू गुप्ता-निरंजन आर्य के नामों की चर्चा:  
दूसरी ओर अभी भी ऊषा शर्मा, वीनू गुप्ता और निरंजन आर्य के नामों की चर्चा चल रही है. ऐसे में यदि ऊषा शर्मा को मौका मिलता है तो ये वरिष्ठता का सम्मान होगा और वरिष्ठता के साथ-साथ "सीपी फैक्टर" भी खुश होगा. यदि डीबी गुप्ता के बाद वीनू को ये पद मिला तो ये उनकी "लॉ प्रोफाइल एंड साइलेंट परफॉर्मेंस" की "विक्ट्री" होगी. वहीं यदि निरंजन आर्य सीएस बने तो वे राज्य के पहले "नरेगा" सीएस होंगे. इसके साथ ही पिछड़ी जाति का कोई अफसर पहली बार सीएस बनेगा. 

{related}

नीलकमल दरबारी की भी आई थी सिफारिश: 
ऐसे में अब हर किसी की निगाहें PMO और सीएम गहलोत के फैसले पर टिकी हुई है. इसी बीच नीलकमल दरबारी की भी गांधी परिवार से निकट रिश्तों के कारण सिफारिश आई थी. लेकिन अंतत: गहलोत सरकार में बात नहीं बनी. क्योंकि नीलकमल के पति एक मामले में सुरेश कलमाड़ी के साथ जेल जा चुके हैं. वैसे नीलकमल की शादी में खुद राजीव गांधी भी शामिल हुए थे.  

निरंजन बने सीएस तो इसका जाएगा जबरदस्त राजनीतिक मैसेज:
वहीं यदि सचमुच निरंजन सीएस बने तो इसका जबरदस्त राजनीतिक मैसेज जाएगा. इसके साथ ही SC-ST, पिछड़ा वर्ग को गहलोत द्वारा आगे लाने का मैसेज भी जाएगा. इसके साथ ही DGP के पद पर पहले ही एक जाट अफसर की नियुक्ति हो रही है. इस प्रकार जाट और पिछड़े वर्ग की सोशल इंजीनियरिंग बनेगी. 
 

पूर्व सांसद अनु टंडन ने दिया कांग्रेस से इस्तीफा, ट्विट कर दी जानकारी

पूर्व सांसद अनु टंडन ने दिया कांग्रेस से इस्तीफा, ट्विट कर दी जानकारी

नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी की पूर्व सासंद अनु टंडन ने हाल ही में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है.अनु ने ट्विटर पर जारी एक बयान में अपना त्यागपत्र कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजने की जानकारी दी है. उन्नाव से पूर्व लोकसभा सदस्य ने यह दावा भी किया कि प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व से उन्हें कोई सहयोग नहीं मिल रहा था और कुछ लोगों द्वारा झूठा प्रचार चलाया जा रहा था तथा केंद्रीय नेतृत्व ने इस पर अंकुश लगाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है.

उन्होंने कहा कि इन बिंदुओं पर मेरी बात कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से भी हुई था, लेकिन ऐसा कोई विकल्प या रास्ता नहीं निकल पाया, जो सबके हित में हो.  पिछले कुछ महीनों में कांग्रेस के उत्तर प्रदेश के कुछ वरिष्ठ नेताओं से भी मेरी बातचीत हुई है, लेकिन वो भी इन हालात में असहाय एवं विकल्पहीन लगे है, जिसके चलते उन्होनें ये बड़ा फैसला ले लिया है. 

अनु ने अपने अगले राजनीतिक कदम का खुलासा नहीं करते हुए कहा कि वह अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से परामर्श के बाद कोई कदम उठाएंगी. उल्लेखनीय है कि अनु 2009 में उन्नाव से कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीती थीं, हालांकि, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. फिलहाल कोई घोषणा नहीं की गई है कि वे भविष्य में कौनसी पार्टी ज्वाइन करेंगी. (सोर्स-भाषा)

{related}

 

बीच मैच में भिड़े मौरिस और पंड्या, दोनों को पड़ी जोरदार फटकार

बीच मैच में भिड़े मौरिस और पंड्या, दोनों को पड़ी जोरदार फटकार

अबुधाबी:  हाल ही में आईपीएल मैच के दौरान रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के हरफनमौला क्रिस मौरिस और मुंबई इंडियंस के हार्दिक पंड्या भीड़ गए जिसके बाद दोनों को ही जोरदार फटकार पड़ी है. आपको बता दे की मामला आईपीएल मैच के दौरान तीखी बहस के लिये फटकार का है. जिसमें हार्दिक छक्का लगाकर मौरिस की ओर इशारा कर रहे थे तो, कुछ ही देर में हार्दिक की विकेट लेकर मौरिस उनकी ओर इशारा करते नजर आए जिसके बाद मामला बढ़ गया और दोनों को ही इस सिलसिले में डांट खानी पड़ी. 

यह घटना मुंबई की पारी के 19वें ओवर की है जब पंड्या ने मौरिस की गेंद पर छक्का लगाकर उनकी ओर इशारा किया तो मौरिस ने पांचवीं गेंद पर उन्हें आउट करके इशारा वापिस इशारा किया जिसके बाद मुंबई ने वह मैच पांच विकेट से जीता लिया था. आईपीएल की रिलीज के अनुसार दोनों ने आचार संहिता के उल्लंघन की बात स्वीकार की है और आचार संहिता के उल्लंघन के लेवल एक के अपराध में मैच रैफरी का फैसला अंतिम और सर्वमान्य है. (सोर्स-भाषा)

{related}

बीच मैच में भिड़े मौरिस और पंड्या, दोनों को पड़ी जोरदार फटकार

बीच मैच में भिड़े मौरिस और पंड्या, दोनों को पड़ी जोरदार फटकार

अबुधाबी:  हाल ही में आईपीएल मैच के दौरान रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के हरफनमौला क्रिस मौरिस और मुंबई इंडियंस के हार्दिक पंड्या भीड़ गए जिसके बाद दोनों को ही जोरदार फटकार पड़ी है. आपको बता दे की मामला आईपीएल मैच के दौरान तीखी बहस के लिये फटकार का है. जिसमें हार्दिक छक्का लगाकर मौरिस की ओर इशारा कर रहे थे तो, कुछ ही देर में हार्दिक की विकेट लेकर मौरिस उनकी ओर इशारा करते नजर आए जिसके बाद मामला बढ़ गया और दोनों को ही इस सिलसिले में डांट खानी पड़ी. 

यह घटना मुंबई की पारी के 19वें ओवर की है जब पंड्या ने मौरिस की गेंद पर छक्का लगाकर उनकी ओर इशारा किया तो मौरिस ने पांचवीं गेंद पर उन्हें आउट करके इशारा वापिस इशारा किया जिसके बाद मुंबई ने वह मैच पांच विकेट से जीता लिया था. आईपीएल की रिलीज के अनुसार दोनों ने आचार संहिता के उल्लंघन की बात स्वीकार की है और आचार संहिता के उल्लंघन के लेवल एक के अपराध में मैच रैफरी का फैसला अंतिम और सर्वमान्य है. (सोर्स-भाषा)

{related}

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल का निधन, 92 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल का निधन, 92 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

अहमदाबाद: गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के दिग्गज नेता केशुभाई पटेल का आज निधन हो गया है. गुरुवार सुबह सांस लेने में तकलीफ होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली. केशुभाई पटेल की उम्र 92 साल थी. केशुभाई पटेल ने साल 2014 में राजनीति से सन्यास की घोषणा की थी. बीते महीने केशुभाई कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे. केशुभाई हाल ही में सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष बनाए गए थे.

दो बार गुजरात का सीएम पद संभाला था: 
केशु भाई पटेल ने दो बार गुजरात का सीएम पद संभाला था. उन्होंने पहली बार साल 1995 में गुजरात का सीएम पद संभाला था. इसके बाद वह 1998 से साल 2001 तक दूसरी बार मुख्यमंत्री पद पर काबिज हुए. वह छह बार राज्य में विधानसभा चुनाव जीते. केशु भाई पटेल ने साल 2012 में बीजेपी छोड़ दी थी और अपनी नई पार्टी 'गुजरात परिवर्तन पार्टी' बनाई थी.

{related}

जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक थे:
1960 के करीब अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जनसंघ से करने वाले पटेल इसके संस्थापक सदस्यों में से एक थे. साल 1975 में जनसंघ-कांग्रेस ओ की गठबंधन वाली सरकार चुनी गई थी. इमरजेंसी के बाद लोकसभा पहुंचे पटेल ने इस्तीफा देकर साल 1978 से 1980 तक बाबूभाई पटेल की सरकार में कृषि मंत्री थे.

सांस लेने में तकलीफ के बाद जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया:
केशुभाई पटेल के बेटे के मुताबिक, कोरोना को मात देने के बाद भी उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी. लेकिन गुरुवार सुबह सांस लेने में तकलीफ के बाद जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया, तब इलाज में उन्होंने कोई रिस्पॉन्ड नहीं किया था.

खाने बनाते वक्त सिलेंडर फटा, एक की मौत 7 गंभीर रूप से झुलसे

खाने बनाते वक्त सिलेंडर फटा, एक की मौत 7 गंभीर रूप से झुलसे

शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में गैस सिलेंडर में आग लगने से एक महिला की मौत हो गई है जबकि सात अन्य लोग झुलस गए है. पुलिस अधीक्षक (नगर) संजय कुमार ने बताया कि निगोही थाना अंतर्गत गुर्गवा गांव में रामवीर की पत्नी विमला (32) बुधवार शाम खाना बना रही थी, तभी गैस सिलेंडर में लगे पाइप से गैस लीक होने लगी और फिर सिलेंडर में आग लग गई, जिससे विमला आग की लपटों में घिर गई जिससे उसकी मौत हो गई है.

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि परिजन उसे बचाने के लिए रसोई में घुसे और वे भी आग की चपेट में आए गए है. उन्होंने बताया कि घटना में मेवाराम ,पुत्तू लाल ,राम वीर , वीरावती, सरस्वती गंभीर रूप से झुलस गए जिन्हें उपचार हेतु लखनऊ रेफर किया गया है. कुमार ने बताया कि सत्येंद्र तथा राजरानी का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है जबकि विमला के शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा चुका है और मामले की सिरे से जांच की जा रही है. (सोर्स-भाषा)

{related}

Nagar Nigam Polls : सुबह 10 बजे तक जोधपुर में सर्वाधिक 20.43 फीसदी तो सबसे कम जयपुर में 16.91 प्रतिशत हुआ मतदान

Nagar Nigam Polls : सुबह 10 बजे तक जोधपुर में सर्वाधिक 20.43 फीसदी तो सबसे कम जयपुर में 16.91 प्रतिशत हुआ मतदान

जयपुर: राजस्थान में जयपुर हेरिटेज, जोधपुर उत्तर और कोटा उत्तर नगर निगमों में आज प्रथम चरण के चुनाव के लिए मतदान हो रहा है. इसके लिए सुबह 7:30 बजे मतदान प्रक्रिया शुरू हुई. वोट देने के लिए लोग सुबह से ही बूथ पर अपना आईडी कार्ड लेकर पहुंच रहे हैं. प्रदेश की 3 नगर निगमों में हो रहे चुनाव में सुबह 10 बजे तक 18.30% मतदान हुआ. इसमें जोधपुर में सर्वाधिक 20.43% और सबसे कम 16.91 प्रतिशत मतदान जयपुर में हुआ. 

16 लाख 54 हजार 547 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे:
बता दें कि पहले चरण में 250 वार्डों के 2761 मतदान केंद्रों पर 16 लाख 54 हजार 547 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे. इसमें जयपुर हैरिटेज के 100 वार्डों के 9 लाख 32 हजार 908 मतदाताओं में 4 लाख 91 हजार 633 पुरुष, 4 लाख 41 हजार 260 महिला व 15 अन्य, जोधपुर उत्तर के 80 वार्डों के 3 लाख 88 हजार 847 मतदाताओं में से 1 लाख 99 हजार 505 पुरुष, 1 लाख 89 हजार 339 महिला व 3 अन्य और कोटा उत्तर के 70 वार्डों के 3 लाख 32 हजार 792 मतदाताओं में से 1 लाख 70 हजार 959 पुरुष, 1 लाख 61 हजार 831 महिला व 2 अन्य मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे.

{related}

3393 ईवीएम से होगा मतदान:
पहले चरण में 3 हजार 393 ईवीएम मशीनों के द्वारा चुनाव करवाए जाएंगे. सभी निकायों में लगभग 30 प्रतिशत मशीनें रिजर्व में रखी गई हैं. चुनाव कार्य से जुड़ी सूचनाओं और लोगों की शिकायतों पर कार्यवाही के लिए आयोग ने मुख्यालय और जिलास्तर पर चुनाव नियंत्रण कक्ष स्थापित किये हैं.