भीनमाल विधानसभा क्षेत्र में बढ़ा सियासत का तूफान

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/09/25 12:01

भीनमाल(जालोर)। जालोर के भीनमाल में आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत पूरी चरम पर हैं। अब भाजपा में अनुशासन को पीछे छोड़ उप जिला प्रमुख गिरधर कंवर ने भी प्रेस वार्ता कर टिकट की दावेदारी जताई। वही भाजपा से विधायक पूराराम चौधरी इस बार भी टिकट की दौड़ में हैं। नगर पालिका अध्यक्ष सांवलाराम देवासी भी युवाओं का चेहरा पार्टी में जातीय समीकरण के आधार पर है। वही कांग्रेस से भी पूर्व प्रत्याशी रहे ऊमसिंह राठौड़ विधानसभा क्षेत्र में जमकर तैयारी कर रहे हैं वहीं कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पूर्व विधायक समरजीतसिंह भी टिकट की दौड़ में शामिल है। 

जालोर का भीनमाल चुनावी समीकरणों को लेकर पूरे प्रदेश में महत्वपूर्ण स्थान रखता हैं पूरे जिले में भीनमाल के सियासत के मायने सबसे अलग है। यहां पर कांग्रेस आपसी विवाद के चलते हार का सामना कर चुकी है। ऐसे में कांग्रेस के आपसी विवाद का फायदा लगातार भाजपा को मिलता रहा है। तो ऐसे में इस बार भी भाजपा से विधायक पूराराम चौधरी कांग्रेस के विवाद में मिलने वाले उसी फायदे के भरोसे अपनी सियासत चमकाने के भरोसे बैठे हैं। 

विधायक पूराराम लगातार यहां से चुनाव जीतते रहे है और इस बार भी यहां से भाजपा के टिकट की दौड़ में शामिल है।  विधानसभा में कम उपस्थिति और क्षेत्र में कम दौरे के बावजूद विधायक पूराराम के सियासी मायने अन्य उम्मीदवारों की तुलना में बहुत तेज निकले जिसके चलते जनता ने लगातार पूराराम चौधरी को चुनकर विधानसभा भेजा।

जातीय समीकरण महत्वपूर्ण
वहीं भीनमाल में जातीय समीकरण भी काफी महत्वपूर्ण रोल निभाते हैं। जातीय समीकरण के आधार पर दोनों पार्टियां उम्मीदवारों को मैदान में उतारती है। जातीय समीकरण के आधार पर ही उम्मीदवार जीत हासिल करता है। भाजपा चौधरी समाज के वोट बैंक को लेकर विधायक पूराराम चौधरी को टिकट देती रही वही भोमिया समाज के वोट बैंक को लेकर पीछली बार नया युवा चेहरा ऊमसिंह राठौड़ को कांग्रेस ने टिकट दिया। लेकिन ऊमसिंह राठौड़ पिछली बार आहोर विधानसभा से कांग्रेस के टिकट की दौड़ में थे लेकिन अचानक कांग्रेस पार्टी ने भीनमाल विधानसभा क्षेत्र से उनको टिकट दी जिसके चलते भीनमाल में कांग्रेस में आपसी विवाद के चलते ऊमसिंह को हार देखने को मिली।

राजपूत समाज का वोट बैंक
लेकिन इस बार ऊमसिंह लगातार 5 सालों से भीनमाल विधानसभा क्षेत्र में अपनी पकड़ बना कर अब वापस कांग्रेस से टिकट की दौड़ में लगे हुए है। राजपूत समाज के वोट बैंक से आने वाले कांग्रेस के जिलाध्यक्ष समरजीतसिंह जिनके परिवार का शुरू से ही राजनीतिक से जुड़ाव रहा है इन्होने भी यहां से टिकट के लिए दौड़ लगानी शुरू कर दी है। समरजीतसिंह भीनमाल से पूर्व विधायक रह चुके हैं।  समरजीतसिंह की माताजी जालोर में जिला प्रमुख कांग्रेस सरकार के दौर में रही। इस बार भी कांग्रेस जिलाध्यक्ष समरजीतसिंह पूरे दमखम के साथ भीनमाल से टिकट की दावेदारी कर रहे हैं।

भाजपा में टिकट की मारामारी
अगर हम भाजपा की भीनमाल विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो स्थानीय विधायक पूराराम चौधरी इस बार भी टिकट की दौड़ में है लेकिन इस बार का भीनमाल विधायक पूराराम चौधरी का परफॉर्मेंस रिपोर्ट इतना बेहतरीन नहीं है। ऐसे में भीनमाल से नगर पालिका अध्यक्ष सांवलाराम देवासी एक युवा नया चेहरा इन दिनों अधिक चर्चा में हैं। सांवलाराम देवासी भाजपा से भीनमाल विधानसभा क्षेत्र से टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। देवासी वोट बैंक विधानसभा क्षेत्र में होने के चलते सांवलाराम देवासी भाजपा से टिकट की दौड़ में शामिल है। वहीं पार्टी के अनुशासन को पीछे छोड़ 2 दिन पूर्व ही भाजपा से महिला नेता भी चर्चा में आई। वर्तमान जालोर से उप जिला प्रमुख गिरधर कंवर भी भाजपा से टिकट की दावेदारी जताई। उप जिला प्रमुख गिरधर कंवर ने भी प्रेस वार्ता कर भाजपा से टिकट की दावेदारी जताई है।  

भीनमाल विधानसभा क्षेत्र में इस बार रोचक मुकाबला होने की संभावना लगाई जा रही है। विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं सियासी तूफान भी बढ़ता जा रहा है। ऐसे में इस बार भाजपा के लिए भी चुनाव जीतना कठिन सा लग रहा है वहीं कांग्रेस के लिए भी चुनाव जीतना भाजपा के बराबर ही कठिन है। दोनों पार्टियों को उम्मीदवार चुनने के साथ साथ चुनाव जीतने की भी एक बड़ी चुनौती है। 
फर्स्ट इंडिया न्यूज़ के लिए लूणाराम दर्जी की खास रिपोर्ट
 

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