जयपुर ब्रेन इंजरी की वजह से हुई बाघ T-25 की मौत, वन मंत्री सुखराम बिश्नोई ने जताया दुख 

ब्रेन इंजरी की वजह से हुई बाघ T-25 की मौत, वन मंत्री सुखराम बिश्नोई ने जताया दुख 

ब्रेन इंजरी की वजह से हुई बाघ T-25 की मौत, वन मंत्री सुखराम बिश्नोई ने जताया दुख 

जयपुर: वन मंत्री सुखराम बिश्नोई ने रणथंभौर नेशनल पार्क में बाघ T-25 की मौत की खबर पर दुख जताया है. विश्नोई ने बताया कि मृत टाइगर का NTCA प्रोटोकॉल के मुताबिक पोस्टमार्टम किया गया है. जिसमें ब्रेन इंजरी से मौत की वजह सामने आई है. मृत टाइगर के सिर पर दांतों के निशान पाये गये हैं. बाघ T-25 के शरीर के बाकी हिस्से पूर्णतया ठीक हैं. इस बाघ की उम्र 15 से 16 साल के बीच बताई जा रही है. 

T-25 ने निभाई मां की भूमिका:
मंत्री बिश्नोई ने कहा कि T-25 का जाना हमारे लिए बड़ा नुकसान है. T-25 ने नेचर से बिलकुल अलग हटकर काम किया और अपनी दो नन्हे बच्चों को खुद पाल-पोसकर बड़ा किया. ये नन्ही बाघिनें उस वक्त करीब चार महीने की थी, जब उनकी मां T-5 की इन्फेक्शन के कारण मौत हो गई थी. बाद में T-25 ने मां की भूमिका निभाते हुए बच्चों को पाला, जबकि बाघ के मामले में ऐसा कम ही होता है. हालांकि T-25 अपने आक्रामक रवैये के लिए जाना जाता था. T-25 का जाना रणथंभौर नेशनल पार्क और हमारे लिए बड़ा नुकसान है, आपको हमेशा याद किया जाएगा. 

और पढ़ें