नई दिल्ली तिहाड़ जेल सुरक्षा : गृह मंत्रालय, दिल्ली सरकार की जवाबदेही से बचने की समस्या से निपटना होगा - न्यायालय

तिहाड़ जेल सुरक्षा : गृह मंत्रालय, दिल्ली सरकार की जवाबदेही से बचने की समस्या से निपटना होगा - न्यायालय

तिहाड़ जेल सुरक्षा : गृह मंत्रालय, दिल्ली सरकार की जवाबदेही से बचने की समस्या से निपटना होगा - न्यायालय

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि केन्द्र सरकार, कारागार महानिदेशक और दिल्ली सरकार के बीच जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालने पर समस्या से प्रभावी समन्वय के साथ फैसला लेकर निपटने की जरुरत है. न्यायालय ने निर्देश दिया कि तिहाड़ जेल सुधार पर दिल्ली पुलिस आयुक्त की रिपोर्ट लागू करने पर ठोस फैसला लिया जाना चाहिए. शीर्ष अदालत ने केन्द्र से कहा कि सिर्फ कागजी कार्रवाई कोई हल नहीं है और सुधारात्मक कार्रवाई जमीनी स्तर पर की जानी चाहिए, ताकि यूनिटेक के पूर्व प्रमोटर्स संजय चन्द्रा और अजय चन्द्रा के साथ तिहाड़ जेल के अधिकारियों की मिली-भगत जैसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं हो.

प्रवर्तन निदेशक ने पिछले साल नवंबर में एक आश्चर्यजनक खुलासा किया था कि उसने वहां गोपनीय भूमिगत कार्यालय का पता लगाया है, जिसे यूनिटेक के संस्थापक रमेश चन्द्रा चला रहा है और पैरोल तथा जमानत पर जेल से बार निकले उनके बेटे संतय और अजय वहां आते-जाते रहते हैं. मकान खरीददारों के धन के गबन के मामले में संजय और अजय दोनों अगस्म 2017 से जेल में बंद हैं. न्यायमूर्ति धनंजय वाई. चन्द्रचूड़ और न्यायमूर्ति एम. आर. शाह की पीठ ने कहा कि दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना की रिपोर्ट को लागू करने के लिए अगर प्रभावी कदम नहीं उठाया गया तो वह धूल खाती रहेगी. 

 

पीठ ने कहा कि इस पृष्ठभूमि में, हमारा मानना है कि गृह मंत्रालय के नाम पर केन्द्र, कारागार महानिदेशक और दिल्ली सरकार के बीच जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालने की समस्या का समाधान प्रभावी समन्वय और तेजी से फैसले लेकर निकालना होगा. पीठ ने कहा कि इसलिए हम निर्देश देते हैं कि आज से एक सप्ताह के भीतर, केन्द्रीय गृह मंत्रालय के सचिव स्तर के अधिकारी, तिहाड़ जेल में कारागार महानिदेशक और एनसीटी दिल्ली के मुख्य सचिव के बीच बैठक होनी चाहिए. शीर्ष अदालत ने कहा कि बैठक में दिल्ली पुलिस आयुक्त की रिपोर्ट लागू करने के संबंध में ठोस फैसला लिया जाना चाहिए. (भाषा) 

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