दुष्कर्म से गर्भवती हुई पीड़िताओं का समय पर हो सुरक्षित गर्भपात, हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर

दुष्कर्म से गर्भवती हुई पीड़िताओं का समय पर हो सुरक्षित गर्भपात, हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर

दुष्कर्म से गर्भवती हुई पीड़िताओं का समय पर हो सुरक्षित गर्भपात, हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर

जयपुर: राज्य में दुष्कर्म से गर्भवती हुई पीड़िताओं का सुरक्षित गर्भपात कराने को लेकर कोई गाइडलाइन नही हैं. इन पीड़िताओं के लिए गाइडलाइन बनाने को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कि गयी है. एडवोकेट शालिनी शेरॉन की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी, प्रमुख सचिव चिकित्सा, गृह सचिव और प्रमुख सचिव सामाजिक विभाग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया कि है. जस्टिस सबीना और जस्टिस एन एस ढड्डा की खण्डपीठ ने ये आदेश दिये है. 

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सुरक्षित गर्भपात की गाइडलाइन जारी करने के लिए दायर की याचिका:
राज्य में गर्भपात को लेकर कोई गाइडलाइन नही होने के चलते अधिकांश मामलो में दुष्कर्म पीड़िता को कई सप्ताह का गर्भ ठहर जाता है. कई बार अदालतों से गर्भपात की अनुमति समय पर नहीं मिलने पर स्थिती ओर भी भयावह हो जाती है. ऐसी स्थितियों से इन पीड़िताओं को बचाने के लिए राज्य में सुरक्षित गर्भपात की गाइडलाइन जारी करने को लेकर एडवोकेट शालिनी शेरॉन ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है. याचिका में कहा गया है कि सुरक्षित गर्भपात के लिए केस की जांच कर रहे जांच अधिकारी को जिम्मेदारी दी जाये. साथ ही समय पर गर्भपात करने और भ्रूण को सुरक्षित रखने को लेकर गाईडलाईन तय कि जाये. जस्टिस सबीना और जस्टिस एन एस ढड्डा की खण्डपीठ ने याचिका पर मुख्य सचिव सहित 5 को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. मामले की अगली सुनवाई 18 मई को होगी. 

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