VIDEO: आज राज्यसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मनमोहन सिंह करेंगे नामांकन दाखिल

VIDEO:  आज राज्यसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मनमोहन सिंह करेंगे नामांकन दाखिल

जयपुर: देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह पहली बार राजस्थान से राज्यसभा का उप चुनाव चुनाव लड़ने जा रहे. कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर मनमोहन सिंह आज राजस्थान की विधानसभा में नामांकन दाखिल करेंगे. वर्तमान में राजस्थान से राज्यसभा में एक भी सदस्य राजस्थान से नहीं है. बहरहाल संख्या बल के गणित के आधार पर डॉ मनमोहन सिंह की जीत तय मानी जा रही. डॉ मनमोहन सिंह अगर बड़े अंतर या निर्विरोध तौर पर जीत दर्ज करते है इसका राष्ट्रव्यापी संदेश जाएगा.

संसद में राजस्थान का एक भी सदस्य नहीं: 
अभी देश की सबसे बड़ी पंचायत संसद में राजस्थान का एक भी सदस्य नहीं. राज्यसभा का ये उप चुनाव राजस्थान की कांग्रेस के लिये संसद में खाता खोलने वाला बन सकता है. कांग्रेस ने देश के दो बार प्रधानमंत्री रह चुके डॉ मनमोहन सिंह को राजस्थान से राज्यसभा उप चुनाव में उम्मीदवार बनाया है. अभी 198 विधायकों में से 122विधायकों का मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को साथ-समर्थन बताया जा रहा है. इन चुनावों में राजस्थान से पहला सांसद कांग्रेस पार्टी से होने के प्रबल आसार है.

वोटों की गणित में कांग्रेस आगे: 
राज्य की विधानसभा में कांग्रेस वोटों की गणित में बीजेपी से आगे है. साथ ही बीएसपी के 6 विधायकों,13 निर्दलीय, बीटीपी के 2 और 1आर एल ड़ी विधायक का समर्थन अशोक गहलोत को प्राप्त है, लिहाजा कांग्रेस के लिये चिंता की कोई वजह हो नहीं सकती है ,सीपीएम के 2विधायकों का समर्थन भी मिलने की उम्मीद है. बीएसपी के वोटों का निर्णय मायावती ने कर दिया है, अभी तक सेकुलर विचारधारा के तौर पर वो कांग्रेस के साथ है. उधर विरोधी दल के संख्याबल की बात करे तो 72 विधायक बीजेपी के है और हनुमान बेनीवाल की पार्टी आर एल पी के 2 विधायक एनडीए के साथ जाएंगे. दो सीटें खींवसर और मंडावा में विधानसभा के अभी उपचुनाव होने है. 

--मनमोहन सिंह की ताकत-- 

विधानसभा की कुल सीटें-200
विधायकों की संख्या है - 198
कांग्रेस-100 विधायक
निर्दलीय-13 विधायक
आर एल डी -1विधायक
बीटीपी - 2
बीएसपी - 6
कुल विधायकों की संख्या -122
--सीपीएम के साथ आने पर कांग्रेस के खाते में 124 विधायक आ जाएंगे

--कांग्रेस के सामने चुनौती--

- माना यही जा रहा बीजेपी उम्मीदवार नहीं उतारेगी
- क्योंकि डॉ मनमोहन सिंह की इमेज मिस्टर क्लीन की है 
- वे विराट व्यक्ति के धनी और दलगत सियासत से ऊपर रहे है 
- देश के 2बार रह चुके है प्रधानमंत्री 
- लेकिन उम्मीदवार सामने आया तो चुनाव दिलचस्प हो सकता है
- ऐसे वोटों की जोड़-तोड़ की गणित सामने आ सकती है
- धारा 370 के फैसले के बाद बीजेपी उतार सकती है उम्मीदवार 
- संख्या बल अभी कांग्रेस के पक्ष में है

देश के 10 साल प्रधानमंत्री रह चुके मनमोहन सिंह अभी किसी सदन के सदस्य नहीं है, असम से राज्यसभा में थे कुछ माह पहले उनका कार्यकाल समाप्त हो गया था, गांधी परिवार के सबसे करीबी और शीर्ष नेता के तौर पर वे जाने जाते है. दलगत सियासत से ऊपर उनकी छवि है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में मुख्य सचेतक महेश जोशी ने कहा कि बीजेपी को डॉ मनमोहन सिंह सरीखे व्यक्तित्व के सामने उम्मीदवार उतारना ही नहीं चाहिये.

बीजेपी के उम्मीदवार उतारने पर ही चुनाव की नौबत है. अन्यथा डॉ मनमोहन सिंह की जीत तय है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की रणनीति यही है कि डॉ मनमोहन सिंह एक अच्छे परिणाम के साथ राजस्थान से राज्यसभा में पहुंचे. 

...फर्स्ट इंडिया के लिये नरेश शर्मा के साथ योगेश शर्मा की रिपोर्ट

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