नई दिल्ली आज करतारपुर-अयोध्या पर बना इतिहास, आज ही के दिन टूटी थी बर्लिन की दीवार

आज करतारपुर-अयोध्या पर बना इतिहास, आज ही के दिन टूटी थी बर्लिन की दीवार

आज करतारपुर-अयोध्या पर बना इतिहास, आज ही के दिन टूटी थी बर्लिन की दीवार

नई दिल्ली: 9 नवंबर, ये महज तारीख नहीं है. बल्कि इस दिन हुई घटनाएं इतिहास का रूप ले चुकी हैं. पांच सदियों से चल रहा अयोध्या बाबरी मस्जिद और राम मंदिर भूमि विवाद मामले पर आज ऐतिहासिक फैसला आया. वहीं आज ही के दिन बर्लिन की दीवार को गिरा दिया गया था. इसके अलावा आज ही करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन किया गया. आइए जानते हैं इस तारीख को इतिहास में क्या- क्या घटनाएं हुई.  

बर्लिन की दीवार:
बर्लिन की दीवार 9 नवंबर 1989 के दिन रोज बर्लिन की दीवार को गिरा दिया गया था. बर्लिन की दीवार पश्चिमी बर्लिन और जर्मन लोकतांत्रिक गणराज्य के बीच एक अवरोध थी. जिसने 28 साल तक बर्लिन शहर को पूर्वी और पश्चिमी टुकड़ों में बांट रखा था. इस दीवार को 13 अगस्त 1961 में बनाया गया था और 9 नवंबर 1989 के बाद के सप्ताहों में इसे तोड़ दिया गया. बर्लिन की दीवार अंदरूनी जर्मन सीमा का सबसे प्रमुख भाग थी और शीत युद्ध का प्रमुख प्रतीक थी. 

अयोध्या मामला:
देश की सबसे बड़ी अदालत ने सबसे बड़े फैसले में अयोध्या की विवादित जमीन पर रामलला विराजमान का हक माना है. जबकि मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में ही 5 एकड़ जमीन देने का आदेश दिया गया है. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 जजों की विशेष बेंच ने सर्वसम्मति से यह फैसला सुनाया है.

करतारपुर साहिब कॉरिडोर:
आज भारत के नागरिकों के लिए करतारपुर साहिब कॉरिडोर का उद्घाटन किया गया. आजादी के बाद ऐसा पहली बार होगा जब बिना किसी रोक टोक के भारतीय करतारपुर साहिब गुरुद्वारे के दर्शन कर सकेंगे. 550वां प्रकाश पर्व मनाने के लिए भारत- पाकिस्तान की दोनों सरकारों ने मंजूरी दे दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत में तो वहीं इमरान खान पाकिस्तान में इसका उद्घाटन किया. उद्घाटन होने के साथ ही ये तारीख इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई. 


 

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