आज है गुनाहों से छुटकारे की रात... 'शब-ए-बारात'

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/04/20 09:54

जयपुर। इस्लामी कैलेंडर के आठवें महीने शाबान की आज 15 वीं तारीख है। इस्लाम में इस रात को शब ए बारात यानी सबसे अहम रात मानी गई है। शब ए बारात दो शब्दों से मिलकर बना है। जिसमें शब का मतलब रात और बारात का मतलब बरी होता है। यानी इस रात में इबादत कर इंसान अपने हर गुनाह का सच्चे दिल से माफी मांगकर बरी हो सकता है। 

दरअसल शाम को चांद दिखने के साथ ही तारीख शुरू होती है, ऐसे में आज शाम को इस रात को माना गया है। इस रात में इबादत के साथ ही दिन में रोजा रखने की नियत की जाती है। इस दिन रोजा रखकर इंसान इबादत और कुरआन की तिलावत में गुजार दें और जाने-अंजाने में किए गए गुनाहों का पश्चाताप करते हुए साफ दिल से तौबा करे तो उसके सब गुनाह माफ हो जाते हैं। इस रात में इंसान अपने एक साल के किए गए कार्यों का भी जायजा लेता है। इस रात को बुजुर्गी, रहमत और बरकत वाला भी बताया गया है। इस रात में कब्रिस्तानों में जाकर दफन लोगों के लिए मुक्ति की दुआ भी की जाती है। 

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