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रूप चतुर्दशी पर आज महिलाएं सजने संवरने के बाद करेंगी पूजा-अर्चना

रूप चतुर्दशी पर आज महिलाएं सजने संवरने के बाद करेंगी पूजा-अर्चना

जोधपुर: पांच दिवसीय दीपोत्सव के तहत आज दूसरा दिन है जब रूप चतुर्दशी पर महिलाएं दिन भर सजने संवरने के बाद शाम के वक्त पूजा-अर्चना अर्चना करेंगी. निर्धारित मुहूर्त के अनुसार आज दिन में 3:45 के बाद रूप चतुर्दशी का योग शुरू हो जाएगा तो वहीं कल शाम 7:00 बजे से शुरू हुआ धनतेरस का योग आज 3:45 तक जारी रहेगा लिहाजा आज भी खरीदारी के लिए बेहतर योग माना गया है. 

महिलाएं आज विशेष श्रृंगार कर घर आंगन को दीपमालाओं से रोशन करेंगी: 
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी आज रूप चतुर्दशी के रूप में पारम्परिक व हर्षोल्लास से मनाई जाएगी. पांच दिवसीय दीपोत्सव महापर्व के दूसरे दिन गृहणियां विशेष शृंगार कर घर आंगन को दीपमालाओं से रोशन करेंगी. घर आंगन के साथ शारीरिक सौन्दर्य के महत्व से जुड़े रूप चौदस पर्व की प्रदोष वेला में दरिद्रता एवं संकटनाश के लिए सौंदर्यरूप भगवान कृष्ण व महालक्ष्मी का पूजन किया जाएगा. नरक चतुर्दशी पर घर-परिवार की खुशहाली व समृद्धि के लिए घर की देहरी पर यम दीपदान किया जाएगा शांति-समृद्धि व आरोग्य के पंच पर्व का आगाज कल धन तेरस के साथ हुआ. पंच पर्व के उपलक्ष्य में बाजारों में त्योहारी खरीदारी को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा गया.

भीड़ को देखते हुए यातायात पुलिस के विशेष इंतजाम: 
धनतेरस पर सूर्य नगरी जोधपुर में बाजार गुलजार रहे थे तो वहीं आज भी खरीदारी का योग होने के कारण जोधपुर के नई सड़क,सरदारपुरा,त्रिपोलिया और घंटाघर क्षेत्र में  खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ रहेगी जिसको देखते हुए यातायात पुलिस ने विशेष इंतजाम किए हैं. अमावस्या के दिन रविवार को महालक्ष्मी पूजन होगा. गोवर्धन पूजन दीपावली के दूसरे दिन सोमवार को होगा. पंच महापर्व का समापन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को भाई दूज पर्व से किया जाएगा. इस दिन विवाहित बहनें अपने भाइयों को घर आमंत्रित कर हाथों से भोजन खिलाने की परम्परा का निर्वहन करेगी. दीपावली के दूसरे दिन से सूर्यनगरी के सभी प्रमुख कृष्ण मंदिरों में छप्पन भोग पूजन के साथ ही अन्नकूट महोत्सव आरंभ हो जाएंगे. 

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वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना का होगा विस्तार, सभी धर्मों के प्रमुख तीर्थस्थल जोड़े जाएंगे

वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना का होगा विस्तार, सभी धर्मों के प्रमुख तीर्थस्थल जोड़े जाएंगे

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना का विस्तार करने के निर्देश दिए है. यह योजना 2013 में गहलोत सरकार ने ही शुरू की थी और उस समय एक ही साल में 41 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के तीर्थयात्रा के सपने को पूरा किया गया था.

सभी धर्मों के अन्य प्रमुख तीर्थस्थल जोड़े जाएं:  
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वीसी के माध्यम से देवस्थान विभाग की समीक्षा बैठक करते हुए कहा कि कोविड के बाद की परिस्थितियों के अनुरूप देवस्थान विभाग अधिक से अधिक वरिष्ठजनों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से इस योजना का विस्तार करे. इसमें सभी धर्मों के अन्य प्रमुख तीर्थस्थल जोड़े जाएं तथा इस बात का पूरा ध्यान रखा जाए कि यात्रा के दौरान वरिष्ठ नागरिकों को कोई तकलीफ न हो एवं उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं मिलें. 

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देवस्थान विभाग जीर्णोद्धार का काम निर्धारित समयावधि में पूरा करे:
गहलोत ने कैलाश मानसरोवर-सिंधु दर्शन योजना सहित विभाग की अन्य योजनाओं को पुनर्गठित करने के भी निर्देश दिए. साथ ही कहा कि प्रदेश के जिन भी मंदिरों के जीर्णोद्धार तथा विकास के काम चल रहे हैं, उन्हें देवस्थान विभाग निर्धारित समयावधि में पूरा करे. गहलोत ने विभिन्न न्यायालयों में लम्बित विभाग से सम्बन्धित प्रकरणों को जल्द निस्तारित करवाने के निर्देश दिए है. 

धर्मशालाओं में बीपीएल कार्डधारकों के लिए निशुल्क ठहरने की सुविधा:
बैठक में देवस्थान विभाग के प्रमुख सचिव आलोक गुप्ता ने बताया कि विभाग की राज्य के बाहर बनी धर्मशालाओं में बीपीएल कार्डधारकों के लिए निशुल्क ठहरने की सुविधा प्रारंभ कर दी गई है. प्रदेश के करीब 80 मंदिरों में 86 करोड़ रूपए के विकास एवं जीर्णोद्धार कार्य प्रगति पर हैं, जिन्हें दिसम्बर 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा. बैठक में  देवस्थान राज्यमंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा, मुख्य सचिव राजीव स्वरूप सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे.

दीपावली पर घर-घर झिलमिलाएंगे गोबर से बने दीपक, जैसलमेर में वातावरण शुद्ध रखने के लिए अभियान हुआ शुरू

दीपावली पर घर-घर झिलमिलाएंगे गोबर से बने दीपक, जैसलमेर में वातावरण शुद्ध रखने के लिए अभियान हुआ शुरू

जैसलमेर: प्रदेश के जैसलमेर जिले में आगामी दीपावली को लेकर वातावरण की शुद्धता को बरकरार रखने के लिए गाय के गोबर से बने दीपक वितरित किए जाने के लिए तैयारी की जा रही है. राष्ट्रीय कामधेनु आयोग द्वारा इस साल पूरे देश में 11 करोड़ परिवारों को गोबर से बने दीयों के अभियान से जोड़ा जाएगा. जिसके लिए जैसलमेर में भी लोगों ने तैयारी कर ली है. गौरतलब है कि जैसलमेर हर त्योहार पर गोबर से उत्पादों का उपयोग कर वातावरण शुद्धि के लिए प्रयास किए जा जाते है. इस बार भी दीपावली पर गोबर से बने दीये जलाएं जाएंगे.

राष्ट्रीय कामधेनु आयोग ने शुरू किया अभियान:
जैसलमेर शहर में विभिन्न जगहों पर मिलेंगे गोबर से बने दीपक राष्ट्रीय कामधेनु आयोग द्वारा गोबर से बने दीपकों के विक्रय के लिए जैसलमेर में विभिन्न जगहों पर काउंटर लगाएं जाएंगे. जिसमें लागत मूल्य पर दीपक विक्रय किए जाएंगे. इससे पहले जैसलमेर में होली में गोबर से बने कण्डों का उपयोग किया गया था. इसके साथ ही विभिन्न समाजों ने भी पहल करते हुए गोबर के कण्डों का उपयोग दाह संस्कार में शुरू किया गया है. दीपकों से वातावरण होगा शुद्धइस बार दीपावली पर गाय के गोबर से बने दीपकों को प्रज्ज्वलित किया जाएगा. शहर में अधिक से अधिक घरों में इन दीयों की रोशनी होगी. वहीं दूसरी तरफ गोबर से बने दीपक में घी मिलने से इससे निकलने वाला धुंआ भी वातावरण के लिए बेहद फायदेमंद रहेगा. गोबर से बने दीपक से वातावरण में शुद्धता होगी.

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25 रुपए के मिलेंगे 11 दीपक, राशि गौशाला में होगी खर्च: 
25 के मिलेंगे 11 दीपक राशि का गौशाला में खर्च होगी. इस अभियान के तहत विभिन्न गौशालाओं में यह दीपक तैयार करवाएं जा रहे है. इस 11 दीपकों की कीमत 25 रुपए तक की गई है. 11 दीपक का पूरा सेट ही मिलेगा. इसके साथ ही इसके साथ रूई से बनी फूल बाती भी साथ में दी जाएगी. इन गोबर से बने दीपकों से होने वाली आय को गौशाला में ही दिया जाएगा. वातावरण को शुद्ध करने के लिए इस बाद दीपावली पर गोबर से बने दीपक जलाने की तैयारी की जा रही है. इसके लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों तक यह सुलभ उपलब्ध हो उसके लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाई जा रही है.

...फर्स्ट इंडिया के लिए सूर्यवीरसिंह तंवर की रिपोर्ट

Horoscope Today, 27 October 2020: आज इन राशि वालों की बदलेगी किस्मत, मिलेंगे अच्छे मौके, पढ़ें दैनिक राशिफल

Horoscope Today, 27 October 2020:  आज इन राशि वालों की बदलेगी किस्मत, मिलेंगे अच्छे मौके, पढ़ें दैनिक राशिफल

जयपुर: दैनिक राशिफल चंद्र ग्रह की गणना पर आधारित होता है. राशिफल की जानकारी करते समय पंचांग की गणना और सटीक खगोलीय विश्लेषण किया जाता है. दैनिक राशिफल में सभी 12 राशियों के भविष्य के बारे में बताया जाता है. ऐसे में आप इस राशिफल को पढ़कर अपनी दैनिक योजनाओं को सफल बना सकते हैं. आइये अब जानते है की हमारे पढ़ने वाले बच्चे जो अब स्कूल एक्साम्स या बोर्ड एक्साम्स या किसी कॉम्पिटशन के तैयारी कर रहे है उनके लिए माता रानी क्या सन्देश लायी है..

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मेष (Aries) :- आज का दिन आपके लिए कुछ विपरीत और खिन्नता से भरा हुआ रहेगा. किसी काम में लगातार असफलता मिलने से मन में उदासी रहेगी.  

वृष(Taurus):-  यदि आप अपने समय का सही उपयोग करेंगे तो निर्धारित लक्ष्य के नजदीक पहुंचने में देर नहीं लगेगी. लेकिन दूसरों की तरफ ध्यान आकर्षित होने से आपका काम रूक सकताहै.

मिथुन(Gemini):- अचानक ही कुछ विपरीत परिस्थितियां पैदा होने से आपका आत्मविश्वास विचलित हो सकता है. 

कर्क(Cancer):- आपको आज मन में उदासी और आशान्ति का समावेश रहेगा. बार - बार किसी न किसी कारण आपको अपने परिजनों और मित्रों से उपेक्षा और विरोध कासामना करना होता है.  

सिंह(Leo):- आज आपके स्वाभाविक उत्साह और पराक्रम में वृद्धि हो रही है.  सामाजिक और राजनितिक मंच पर भी आपका नाम सम्मान और आदर से लिया जाएगा.  

कन्या(Virgo):- फिलहाल आपके आगे पीछे विरोधियों और आलोचकों का दबदबा चल रहा है.  यदि आप दृढ़ निश्चय से मुकाबला करेंगे तोआपकी विजय होनी निश्चित है .

तुला(Libra):- आज आपके मन में काफी चिन्ता और उत्सुकता रहेगी. हो सकता है कुछ बाधाओं की वजह से आपकी इच्छापूर्ति  को पूरा करने में कुछ समय और लग जाए.  

वृश्चिक(Scorpio):-  आपके जीवन उतार-चढ़ाव बहुत जल्दी -जल्दी आते हैं.विचलित होने की जरूरत नहीं लेकिन थोड़ा इन्तजार जरूर करना होगा.

धनु(Sagittarius):- आज आपको अपनी शारीरिक और मानसिक इच्छापूर्ति का सुख मिलेगा.  

मकर(Capricorn):- बहुत समय से चल रहा कोई विवाद या मामला आज अचानक ही समाप्त होने जा रहाहै.  

कुंभ(Aquarius):-  आज के दिन आपके पास  कोई ऐसी खबर आ रही है जो आपके लिए आगे चलकर लम्बी दौड़ का घोड़ा साबित हो.  

मीन(Pisces):- आज  प्रात: काल से ही कुछ अच्छी खबरें और सन्देश आपको मिलते जा रहे हैं  . मन की चिन्ताएं भी कम होंगी  

सौजन्य - राज ज्योतिषी पंडित मुकेश शास्त्री

एक ऐसा गांव, जहां पर होती हैं रावण की पूजा, नहीं जलाते हैं पुतला, जानिए वजह...

एक ऐसा गांव, जहां पर होती हैं रावण की पूजा, नहीं जलाते हैं पुतला, जानिए वजह...

अकोला: देश के अलग-अलग हिस्सों में दशहरा के अवसर पर रावण के पुतलों का दहन किया जात है लेकिन महाराष्ट्र के अकोला जिले में एक गांव ऐसा भी है जहां राक्षसों के राजा रावण की पूजा की जाती है. स्थानीय लोगों का दावा है कि पिछले 200 वर्षों से संगोला गांव में रावण की पूजा उसकी विद्वता और तपस्वी गुणों के लिए की जाती है.

गांव के मध्य में काले पत्थर की रावण की लंबी प्रतिमा बनी हुई है जिसके 10 सिर और 20 हाथ हैं. स्थानीय लोग यहीं राक्षसों के राजा की पूजा करते हैं. स्थानीय मंदिर के पुजारी हरिभाउ लखाड़े ने रविवार को पीटीआई-भाषा से बातचीत में बताया कि दशहरा के अवसर पर देश के बाकी हिस्सों में बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में रावण के पुतलों का दहन किया जाता है, वहीं संगोला के निवासी रावण की पूजा उसकी विद्वता और तपस्वी गुणों के लिए करते हैं.

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लखाड़े ने कहा कि उनका परिवार लंबे समय से रावण की पूजा करता आया है. उन्होंने दावा किया कि लंका के राजा की वजह से ही गांव में समृद्धि और शांति बनी हुई है. स्थानीय निवासी मुकुंद पोहरे ने कहा कि गांव के कुछ बुजुर्ग लोग रावण को विद्वान बताते हैं और उनका विश्वास है कि रावण ने सीता का अपहरण राजनीतिक कारणों से किया था और उनकी पवित्रता को बनाए रखा.

उन्होंने कहा कि गांव के लोगों का विश्वास राम में भी है और रावण में भी है. वे रावण के पुतले नहीं जलाते हैं. देश के कई हिस्सों से लोग दशहरा के मौके पर रावण की प्रतिमा को देखने यहां आते हैं और कुछ पूजा भी करते हैं. हालांकि, कोविड-19 महामारी की वजह से यहां भी सादे तरीके से उत्सव मनाया जा रहा है. (भाषा)

विजयादशमी पर कोरोना का कहर, रावण के ससुराल जोधपुर में इस बार नहीं होगा रावण दहन

विजयादशमी पर कोरोना का कहर, रावण के ससुराल जोधपुर में इस बार नहीं होगा रावण दहन

जोधपुर: कोरोना ने इस बार सदियों से चली आ रही रावण दहन की परम्परा पर विराम लगा दिया है. रावण के ससुराल जोधपुर में इस बार विजयादशमी के अवसर पर रावण का दहन नहीं किया जाएगा. आज विजयादशमी का पर्व है और ऐसे में आज के दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतिक रावण दहन का कार्यक्रम कोरोना के चलते आयोजित नही होगा. ऐसे में जोधपुर वासियों ने जहां कोरोना को कोसा तो वही सरकार के इस निर्णय का भी स्वागत किया. विजयादशमी पर रावण का चबूतरा मैदान में हर वर्ष रावण दहन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है.

जोधपुर में 102 वर्षों बाद टूटेगी यह परपंरा: 
रावण दहन की परपंरा सदियों से चली आ रही है और यह पहला मौका होगा जब जोधपुर में 102 वर्षो बाद यह परपंरा टूटेगी और आज रावण दहन नही किया जाएगा. महोत्सव को लेकर नगर निगम ने कलेक्टर के जरिए राज्य सरकार को पत्र लिख मार्गदर्शन मांगा था. राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि कोरोना की रोकथाम के लिए पहले से जोधपुर में धारा 144 लागू है. ऐसे में रावण दहन के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए इसका आयोजन इस साल नहीं किया जाए. वही इस बार करे रावण के पुतले बनाने वाले उन मजदूरों की तो उनके लिए भी इस बार रोजगार का संकट रहा है. मजदूर परिवारों के लिए रावण दहन कार्यक्रम नही होने से रोजी रोजी का संकट सामने आ रहा है. जब जोधपुर के राजघराने से जुडे हुए राज व्यास परिवार के सदस्यों से जब रावण दहन की परपंरा कब से चली आ रही है इस संबंध मे पूछा गया तो उन्होने बताया कि परपंरागत दशहरा जोधपुर महाराजा द्वारा विधिपूर्वक सदियों से मनाया जा रहा है. लेकिन यह पहली मर्तबा है कि इस बार रावण का दहन नही हो पा रहा है.

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सन 1918 से चली आ रही है ये परंपरा:
पूर्व महाराजा उम्मेद सिंह के समय 1918 से यह परंपरा चली आ रही है,तब से लेकर आज यह पहला मौका है जब रावण का दहन नही होगा. वहीं राहन दहन नही किए जाने के निर्णय की जहां जोधपुर के लोगो ने सराहना करते हुए कहा कि रावण दहन जब होता है तो रावण चबूतरा मैदान में काफी भीड लगती है ऐसे में वहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नही हो पाएगा. जोधपुर में कोरोना के कहर को देखते हुए सरकार का यह सही निर्णय है कि इस बार रावण दहन नही होगा क्योकि त्यौहार तो हम अगले वर्ष भी मना लेंगे मगर अभी कोरोना को भगाना हमारे लिए जरूरी.

इस बार नहीं निकलेगी भगवान रामचन्द्र जी की सवारी:
बुराई पर अच्छाई की जीत के पर्व विजयदशमी के दिन मेहरानगढ़ में सदियों पुरानी परम्परा दशहरा दरबार नहीं सजेगा. कोविड-19 और जिला प्रशासन की गाइडलाइन के कारण दशहरे के दिन किए जाने वाला अश्व, पारम्परिक शस्त्रों एवं शमीपूजन भी प्रतिकात्मक ही होगा. किले के ही मुरली मनोहरजी मन्दिर से दशानन दहन स्थल रावण चबूतरा मैदान तक भगवान रामचन्द्र की सवारी भी इस बार नहीं निकलेंगी. शस्त्र व शमी पूजन की परम्परा इस बार कोविड के कारण उम्मेद भवन में प्रतिकात्मक रूप से की जाएगी. मान्यता है कि रावण की पत्नी मंदोदरी मारवाड़ की प्राचीन राजधानी मंडोर की रहने वाली थी. उसका विवाह मंडोर में ही रावण के साथ हुआ था. मंडोर में दोनों के विवाह के दौरान फेरे लिए जाने का स्थान भी है. वहीं, जोधपुर में रावण व मंदोदरी का एक मंदिर भी बना हुआ है.

...फर्स्ट इंडिया के लिए राजीव गौड़ की रिपोर्ट

दशहरा का पर्व आज, लेकिन आज नहीं होगा रावण, कुम्भकरण और मेघनाथ का दहन 

 दशहरा का पर्व आज, लेकिन आज नहीं होगा रावण, कुम्भकरण और मेघनाथ का दहन 

जयपुर: देश के जाति एवं गौरव को बढ़ाने वाले उसकी महान संस्कृति की परम्पराओं और भीत्तरी ऊर्जा के प्रतीक विभिन्न त्यौहार मनाए जाते हैं. शरद ऋतु के एक ऐसे ही विशिष्ट त्यौहारों में से एक है दशहरा. यह आश्विन मास की शुक्ला दशमी को बड़े उत्साह ,उल्लास और उमंग के साथ मनाया जाता है, लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के चलते जिला प्रशासन और नगर परिषद के संयुक्त तत्वाधान में हर साल आयोजित होने वाला दशहरे मेले का इस बार आयोजन नहीं होगा.

आमजन के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मेले पर लगाई रोक:
जिला प्रशासन ने इस बार कोरोना संक्रमण के हालात को काबू में रखने और आमजन के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस मेले पर रोक लगाई है. ऐसे में इस बार दशहरे पर हर साल की भांति स्थानीय शहीद पूनम सिंह स्टेडियम में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन और आतिशबाजी नहीं होगी. कलेक्टर आशीष मोदी ने बताया कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सबसे अधिक आवश्यक है सतर्कता. कोरोना वायरस की चेन को तोड़ने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग बेहद जरूरी है. 

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जिले में दशहरे मेले का आयोजन स्थगित:
एक दूसरे से दूरी बनाकर ही कोरोना वायरस के संक्रमण पर रोक लगाई जा सकती है. ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन करने के लिए जिले में दशहरे मेले का आयोजन स्थगित किया गया है. साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की है कि, कोरोना महामारी को देखते हुए दशहरा और दीपावली का त्यौहार अपने परिवार के साथ सुरक्षित तरीके से घर में ही मनाएं. गौरतलब है कि हर बार जैसलमेर में बुराई पर अच्छाई की जीत के पर्व दशहरे के अवसर पर शहीद पूनम सिंह स्टेडियम में मेले का आयोजन होता था. जिसमें अन्य जिलों से आए कारीगरों द्वारा निर्मित रावण, कुम्भकर्ण और मेघनाद के आदमकद के पुतलों का दहन किया जाता था. साथ ही इस मेले में भारी संख्या में लोगों पहुंचते थे.

...फर्स्ट इंडिया के लिए सूर्य​वीर सिंह तंवर की रिपोर्ट

Horoscope Today, 25 October 2020: आज का दिन इन राशियों के लिए रहेगा शानदार, पढ़ें दैनिक राशिफल

Horoscope Today, 25 October 2020: आज का दिन इन राशियों के लिए रहेगा शानदार, पढ़ें दैनिक राशिफल

जयपुर: दैनिक राशिफल चंद्र ग्रह की गणना पर आधारित होता है. राशिफल की जानकारी करते समय पंचांग की गणना और सटीक खगोलीय विश्लेषण किया जाता है. दैनिक राशिफल में सभी 12 राशियों के भविष्य के बारे में बताया जाता है. ऐसे में आप इस राशिफल को पढ़कर अपनी दैनिक योजनाओं को सफल बना सकते हैं. आइये अब जानते है की हमारे पढ़ने वाले बच्चे जो अब स्कूल एक्साम्स या बोर्ड एक्साम्स या किसी कॉम्पिटशन के तैयारी कर रहे है उनके लिए माता रानी क्या सन्देश लायी है..

मेष( Aries): - किसी बड़े काम की चिन्ता में आप अपने छोटे मोटे कामों की उपेक्षा नहीं करें. यह भी जरूरी है कि अपने सभी अधूरे काम जिसमें छोटा मोटा वक्त खर्च होता है उसे भी पूरा कर लें.

वृष( Taurus): -  आज  अपने दिल की आवाज को ही इंपॉर्टेंस दें. दोस्ती और दुनियादारी एक ही गाड़ी के दो पहिए हैं.इनके बिना जिंदगी की गाड़ी नहीं चलती है.

मिथुन( Gemini): -  आप हमेशा ही आलस्य को छोड़ कर अपने काम पर लगे रहते हैं. इसी विशेष गुण की आपके अन्दर जो क्षमता विद्यमान है उसका फायदा भी आपको समय समय पर मिल ही जाता है. ऐसा ही कोई फायदा आज भी हो सकता है.

कर्क( Cancer): - घर में शांति बनाए रखना आपका पहला काम है. जीवनसाथी की सलाह भी ध्यान देने योग्य हो सकती है जिससे काम में आसानी होगी.

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सिंह( Leo): - कुछ ऐसे सन्देश आपको मिल रहे हैं कि अब आपके अटके हुए काम जल्दी पूरे हो जायेंगे. इससे जहां आपकी चिन्तायें कम होंगी वहां कुछ आगे के लिए भी काम करने के अवसर मिलेंगे.

कन्या( Virgo): -छुट्टी के दिन भी आपको कभी-कभी छुट्टी नहीं मिल पाती है. इसका मुख्य कारण है कि आपको अपने काम और जॉब से बहुत लगाव है. कुछ ऐसे काम भी आपको देखने हैं जिनका संबंध घर के बुजुर्ग या अभिभावकों की जरूरत से है.

तुला( Libra): -कुछ ऐसे प्रसंग आज के दिन  आएंगे जिनको व्यवस्थित करने में आपको काफी माथापच्ची करनी होगी. यदि आप किसी वाहन की सवारी कर रहे हैं तो बेहतर होगा कि इसके कल-पुर्जों को जांच लें.

वृश्चिक( Scorpio): -अगर कोई लम्बा टूर या बिजनस टॉक का मौका मिले तो आप आंख बन्द कर इसे स्वीकार कर लें. हो सकता है किसी अच्छे तालमेल से अपनी माली हालत को सुधारने में सफलता मिल जाए.

धनु( Sagittarius): - सुबह-सबेरे ही घर के अन्दर बहस और किसी बवाल के चलते आज आप थोड़ा अपसेट रहेंगे. वैसे ऐसी स्थितियां घर में आती ही रहती हैं और आप अपने काम में बिजी भी रहते हैं.

मकर( Capricorn): - व्यस्तता होने के बावजूद कुछ समय आपको अपने फैमिली मेंबर्स को भी देना चाहिए और उनके करियर आदि के विषय में चिंता करनी चाहिए. तभी आपको अपने बड़े होने का संतोष प्राप्त होगा.

कुंभ( Aquarius): - अपने पुराने किस्म के कामकाज की दशा सुधारने के लिए आपको आज कुछ नया सोचना है। कुछ परफैक्शन की कमी भी नजर आएगी. हो सकता है कि आज आप इस कमी को दूर करने में सफल हो जाएं.

मीन( Pisces): - भविष्य को देखते हुए कुछ ऐसे काम करें जिससे आपको समय पर आर्थिक सहायता मिल सके. वैसे तो, ऐसा समय अभी नजदीक नहीं है फिर भी थोड़ा-थोड़ा करने से आगे चलकर सुरक्षा निश्चित होगी.

सौजन्य - राज ज्योतिषी पंडित मुकेश शास्त्री

25 अक्टूबर 2020: जानिए आज का पंचांग, ये रहेगा शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

25 अक्टूबर 2020: जानिए आज का पंचांग, ये रहेगा शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

जयपुर: पंचांग का हिंदू धर्म में शुभ व अशुभ देखने के लिए विशेष महत्व होता है. पंचाम के माध्यम से समय एवं काल की सटीक गणना की जाती है. यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, शुभ तिथि, नक्षत्र, व्रतोत्सव, राहुकाल, दिशाशूल और आज शुभ चौघड़िये आदि की जानकारी देते हैं. तो ऐसे में आइए पंचांग से जानें आज का शुभ और अशुभ मुहूर्त और जानें कैसी रहेगी आज ग्रहों की चाल... 

शुभ मास-  द्वितीय आश्विन (शुद्ध  ) मास  शुक्ल  पक्ष:
शुभ तिथि नवमी रिक्ता संज्ञक तिथि प्रातः 7  बजकर 42  मिनट तक रहेगी. नवमी तिथि को विवाह आदि मांगलिक विवाह कार्य इत्यादि कार्य शुभ माने जाते हैं. नवमी तिथि मे जन्मे जातक  धनवान भाग्यवान ,गुणवान,पराक्रमी होते है.
धनिष्ठा "चर -ऊर्ध्व मुख " संज्ञक नक्षत्र रात्रि 4 बजकर 23  मिनट तक रहेगा.धनिष्ठा नक्षत्र मे मुंडन ,जनेऊ ,देव प्रतिष्ठा ,वास्तु,वाहन क्रय करना,विवाह ,व्यापर आरम्भ,बोरिंग,शिल्प ,विद्या आरम्भ इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते है. धनिष्ठा  नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक धनी ,साहसी, प्रसिद्ध , शौकीन , धनवान, बुद्धिमान होता है.

चन्द्रमा - दोपहर 3- 26 तक मकर राशि में तत्पश्चात  कुम्भ राशि में संचार करेगा  
व्रतोत्सव -    महानवमी, अपराजिता पूजन ,शमी पूजन,आयुध पूजन,दशहरा
राहुकाल -सायंकाल 4.30 बजे से 6 बजे तक
दिशाशूल - रविवार को पश्चिम दिशा मे दिशाशूल रहता है. यात्रा को सफल बनाने लिए घर से घी-दलिया खा कर निकले.
आज के शुभ चौघड़िये - प्रातः 8.00 से दोपहर 12-11 तक चर,लाभ व् अमृत , दोपहर 1-35 से दोपहर 2-58 तक शुभ का चौघड़िया  

सौजन्य - राज ज्योतिषी पंडित मुकेश शास्त्री