Tokyo Olympics: मनिका बत्रा शानदार वापसी करके अगले दौर में

Tokyo Olympics: मनिका बत्रा शानदार वापसी करके अगले दौर में

Tokyo Olympics: मनिका बत्रा शानदार वापसी करके अगले दौर में

तोक्यो:  भारतीय स्टार मनिका बत्रा ने पहले दो गेम में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करके रविवार को यहां यूक्रेन की मारग्रेट पेसोत्सका को संघर्षपूर्ण मुकाबले में 4-3 से हराकर तोक्यो ओलंपिक की टेबल टेनिस प्रतियोगिता के महिला एकल के तीसरे दौर में प्रवेश किया.

लंबी रैलियां खेलते हुए अपने शॉट पर बनाए रखा नियंत्रण:
मनिका को लय हासिल करने में थोड़ी परेशानी हुई लेकिन वह आखिर में 57 मिनट तक चले इस मैच में 20वीं रैकिंग की यूक्रेनी खिलाड़ी को 4-11, 4-11, 11-7, 12-10, 8-11, 11-5, 11-7 से हराने में सफल रही. जब भी मनिका पिछड़ रही थी तब दबाव होने के बावजूद उन्होंने लंबी रैलियां खेली तथा अपने शॉट पर शानदार नियंत्रण बनाये रखा.

दोनों खिलाड़ी बराबरी पर बढ़ती रही आगे: 
मनिका को शुरू में लय हासिल करने में परेशानी हुई और यूक्रेनी खिलाड़ी आसानी से पहले दो गेम अपने नाम कर दिये. मनिका के पास उनके फोरहैंड और स्मैश का कोई जवाब नहीं था. मनिका तीसरे गेम में भी शुरू में पीछे चल रही थी लेकिन उन्होंने 6-6 से स्कोर बराबर किया और फिर लगातार बढ़त बनाये रखकर फोरहैंड हिट से यह गेम अपने नाम किया. चौथे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिला. मनिका ने इस गेम में 6-4 की बढ़त गंवायी. दोनों खिलाड़ी इसके बाद बराबरी पर आगे बढ़ती रही लेकिन मनिका ने दूसरे गेम प्वाइंट पर मैच को 2-2 से बराबरी पर ला दिया.

निर्णायक गेम में तो मनिका ने अपने खेल पर अच्छी तरह से नियंत्रण बना दिया था:
उक्रेनी खिलाड़ी ने पांचवें गेम में शुरू में बढ़त हासिल की लेकिन मनिका ने वापसी करने में देर नहीं लगायी और स्कोर 8-8 से बराबर कर दिया. इस बीच उनके स्मैश देखने लायक थे. पेसोत्सका हालांकि लगातार तीन अंक बनाकर मैच में फिर से बढ़त हासिल कर दी. मनिका छठे गेम में भी एक समय 2-5 से पीछे चल रही थी लेकिन उन्होंने इसके बाद लगातार नौ अंक बनाकर स्कोर 3-3 से बराबर कर दिया. निर्णायक गेम में तो मनिका ने अपने खेल पर अच्छी तरह से नियंत्रण बना दिया था. उक्रेनी खिलाड़ी के पास उनके स्मैश का कोई जवाब नहीं था. मनिका ने फोरहैंड स्मैश पर यह मैच अपने नाम किया.

मनिका इस मैच में भी अपने कोच के बिना उतरी थी. उनके निजी कोच को स्टेडियम में आने की अनुमति नहीं मिली और इस भारतीय खिलाड़ी ने विरोध में राष्ट्रीय कोच सौम्यदीप रॉय की सेवाएं लेने से इन्कार कर दिया था.

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