Tokyo Olympics: बिंगजियाओ को हराकर सिंधु ने कांस्य पदक जीता, दो ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

Tokyo Olympics: बिंगजियाओ को हराकर सिंधु ने कांस्य पदक जीता, दो ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

Tokyo Olympics: बिंगजियाओ को हराकर सिंधु ने कांस्य पदक जीता, दो ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

तोक्यो: रियो ओलंपिक की रजत पदक विजेता और विश्व चैंपियन छठी वरीय पीवी सिंधू ने रविवार को यहां चीन की आठवीं वरीय ही बिंग जियाओ को सीधे गेम में हराकर तोक्यो खेलों की महिला एकल स्पर्धा का कांस्य पदक जीता और ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी.

दिग्गज पहलवान सुशील कुमार बीजिंग 2008 खेलों में कांस्य और लंदन 2012 खेलों में रजत पदक जीतकर ओलंपिक में दो व्यक्तिगत पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने थे. दुनिया की सातवें नंबर की खिलाड़ी सिंधू ने मुसाहिनो फॉरेस्ट स्पोर्ट्स प्लाजा में 53 मिनट चले कांस्य पदक के मुकाबले में चीन की दुनिया की नौवें नंबर की बायें हाथ की खिलाड़ी बिंग जियाओ को 21-13, 21-15 से शिकस्त दी.

सिंधू ने कांस्य पदक जीतने के बाद कहा कि मैं काफी खुश हूं क्योंकि मैंने इतने वर्षों तक कड़ी मेहनत की है. मेरे अंदर भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा था- मुझे खुश होना चाहिए कि मैंने कांस्य पदक जीता या दुखी होना चाहिए कि मैंने फाइनल में खेलने का मौका गंवा दिया. उन्होंने कहा कि लेकिन अंत में मुझे इस मुकाबले के लिए अपनी भावनाओं से पार पाना था और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना था. मैं बेहद खुश हूं और मुझे लगता है कि मैंने काफी अच्छा किया. देश के लिए पदक जीतना गौरवपूर्ण लम्हा है. सिंधू ने कहा कि मैं सातवें आसमान पर हूं. मैं इस लम्हें का पूरा लुत्फ उठाऊंगी. मेरे परिवार ने मेरे लिए कड़ी मेहनत की है और काफी प्रयास किए जिसके लिए मैं उनकी आभारी हूं. 

बिंग जियाओ के खिलाफ 16 मैचों में यह सिंधू की सातवीं जीत है जबकि उन्हें नौ मुकाबले में शिकस्त झेलनी पड़ी. इस मुकाबले से पहले सिंधू ने बिंग जियाओ के खिलाफ पिछले पांच में से चार मुकाबले गंवाए थे. सिंधू को सेमीफाइनल में चीनी ताइपे की ताइ जू यिंग के खिलाफ 18-21, 12-21 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी. तोक्यो खेलों का यह भारत का दूसरा पदक है. इससे पहले भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने रजत पदक जीता था. मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन भी सेमीफाइनल में जगह बनाकर भारत के लिए पदक पक्का कर चुकी हैं.

भारत ने इसके साथ ही ओलंपिक में पदक की हैट्रिक पूरी की. साइना नेहवाल लंदन 2012 खेलों में कांस्य पदक के साथ ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बनी थी जबकि इसके चार साल बाद सिंधू ने रियो में रजत पदक जीता. सिंधू ने एकतरफा मुकाबले में अधिकांश समय दबदबा बनाए रखा और उन्हें बिंग जियाओ के खिलाफ अधिक पसीना नहीं बहाना पड़ा. दुनिया की सातवें नंबर की खिलाड़ी को एक बार फिर नेट पर आकर खेलने में परेशानी हुई लेकिन वह रैली में दबदबा बनाने में सफल रही.

इसके अलावा भारतीय खिलाड़ी के क्रॉस कोर्ट स्मैश और ड्रॉप शॉट एक बार फिर दमदार रहे जिनका चीन की खिलाड़ी के पास कोई जवाब नहीं था. बिंग जियाओ को मूवमेंट में परेशानी हो रही थी जिसका सिंधू ने पूरा फायदा उठाया. युवा ओलंपिक खेलों की पूर्व स्वर्ण पदक विजेता बिंग जियाओ ने कई शॉट नेट पर उलझाए जबकि कई शॉट बाहर मारे. सिंधू ने मुकाबले की अच्छी शुरुआत की. उन्होंने बिंग जियाओ की धीमी शुरुआत का फायदा उठाकर 4-0 की बढ़त बनाई. भारतीय खिलाड़ी ने इसके बाद तीन शॉट नेट पर उलझाए और बिंग जियाओ ने शानदार रिटर्न शॉट की बदौलत अगले सात में से छह अंक जीतकर 6-5 से बढ़त बना ली.

दोनों खिलाड़ियों के बीच अच्छा संघर्ष देखने को मिल रहा था. सिंधू ने लंबी रैली के बाद क्रॉस कोर्ट स्मैश से अंक जुटाया और फिर चीन की खिलाड़ी के रिटर्न लौटाने में नाकाम रहने पर ब्रेक तक 11-8 की बढ़त बना ली. सिंधू ने ब्रेक के बाद अपनी बढ़त को 14-8 और फिर 18-11 तक पहुंचाया. भारतीय खिलाड़ी ने नेट के पास रिटर्न से अंक जुटाकर 20-12 के स्कोर पर आठ गेम प्वाइंट हासिल किए. बिंग जियाओ ने एक गेम प्वाइंट बचाया लेकिन इसके बाद क्रॉस कोर्ट रिटर्न बाहर मार गईं जिससे सिंधू ने पहला गेम 23 मिनट में 21-13 से अपने नाम किया.

दूसरे गेम में भी सिंधू ने अच्छी शुरुआत करते हुए 4-1 की बढ़त बनाई लेकिन इसके बाद चीन की खिलाड़ी को वापसी का मौका दे दिया. बिंग जियाओ ने स्कोर 7-8 किया. सिंधू हालांकि क्रॉस कोर्ट स्मैश के साथ ब्रेक तक तीन अंक की बढ़त बनाने में सफल रही. ब्रेक के बाद सिंधू ने कुछ सहज गलतियां की. वह बिंगजियाओ के रिटर्न को लंबा समझकर छोड़ बैठी जबकि खुद लंबा रिटर्न किया जिससे बिंग जियाओ वापसी करते हुए स्कोर 11-11 से बराबर करने में सफल रही. भारतीय खिलाड़ी ने इसके बाद लगातार चार अंक के साथ 15-11 की बढ़त बना ली.

सिंधू ने इसके बाद बिंग जियाओ को वापसी का मौका नहीं दिया. सिंधू ने क्रॉस कोर्ट स्मैश के साथ 20-15 के स्कोर पर पांच मैच प्वाइंट हासिल किए और फिर एक और क्रॉस कोर्ट स्मैश के साथ मैच जीतकर कांस्य पदक अपने नाम कर लिया.(भाषा) 

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