टोंक Tonk: डिग्गी कल्याणजी का पांच दिवसीय 57वां लक्खी मेला शुरू, हजारों की संख्या में पहुंच रहे पदयात्री

Tonk: डिग्गी कल्याणजी का पांच दिवसीय 57वां लक्खी मेला शुरू, हजारों की संख्या में पहुंच रहे पदयात्री

Tonk: डिग्गी कल्याणजी का पांच दिवसीय 57वां लक्खी मेला शुरू, हजारों की संख्या में पहुंच रहे पदयात्री

टोंक: जन-जन की आस्था के केन्द्र और चमत्कारी माने जाने वाले डिग्गी कल्याणजी (Diggi Kalyanji) के पांच दिवसीय 57वें लक्खी मेले की शुरूआत हो चुकी  है. इस मेंले में देश-प्रदेश से यात्रियों का पहुंचने का सिलसिला प्रारम्भ हो गया है. कहा जाता है कि श्वेत संगमरमर की आदमकद प्रतीमा को असुरों से हुए युद्ध के बाद यहां स्थापित किया गया था. डिग्गी कस्बें के कल्याणजी मन्दिर में वर्षों से पदयात्रियों के दर्शन की परम्परा चली आ रही है. जिसके चलते प्रतिवर्ष सावन के महीने में लक्खी मेले का आयोजन होता है. 

इस मेले में देश-प्रदेश के कोने-कोने से श्रद्धालु पैदलयात्रा, कनक दण्डवत करते, नाचते गाते झुमते हुए यहां पहुंचते हैं. हर वर्ष यहां सावन के महीने में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है. बच्चें, महिलाएं, पुरूष, जवान या बुर्जुग हर यहां कोई पैदल चलकर आता है. कल्याणजी महाराज के दरबार में शीश झुकाकर मनौतियां मांगते है. इस मन्दिर की आस्था को लेकर लोगों की मान्यता रही है कि कल्याणजी गरीब हो या अमीर सभी का कल्याण करने वाले हैं.

लाखों की तादात में श्रद्धालु यहां आते:

पौराणिक मान्यतानुसार कल्याणजी महाराज के यहां मनौती मांगने से अंधे को आंखे और निसन्तान महिलाओं को पुत्र रत्न की प्राप्ती होती है. जिसके चलते लाखों की तादात में श्रद्धालु यहां आते है. डिग्गी कल्याणजी का 57वां लक्खी मेला शुरू हो चुका है. इस मेले में लाखों की तादात में श्रद्धालुओं की भीड़ कल्याणधणी की चौखट चूमेगी. इस दौरान श्रद्धालुओं को ना अपने पैरों में छालों की चिन्ता होगी ना ही शरीर पर घावों की. उनकी जुबा पर बस कल्याणधणी का नाम होगा.

और पढ़ें