VIDEO: अधर में पर्यटन निगम के कर्मचारियों का 'भविष्य' !

Nirmal Tiwari Published Date 2019/04/03 04:58

जयपुर। कल आपने देखा था किस तरह चार दशक से भी ज्यादा पुराने पर्यटन निगम की माली हालत खराब होती चली गई। बाजार की देनदारी 110 करोड़ के पार पहुंच गई। आज आपको बताते हैं कि पर्यटन निगम के कर्मचारियों के भविष्य पर भी किस तरह से तलवार लटक रही है। 1 वर्ष होने को आया, लेकिन ईपीएफ की राशि जमा नहीं हुई। एक रिपोर्ट:

VIDEO: 'घाटे के दलदल' में पर्यटन निगम, बाजार की देनदारी बढ़कर हुई 110 करोड़ 

4 वर्ष पहले पर्यटन निगम में करीब बारह सौ कर्मचारी थे। इन 4 वर्षों में 200 से ज्यादा कर्मचारी सेवानिवृत्त हो गए। करीब 500 कर्मचारियों को विपरीत प्रतिनियुक्ति पर दूसरे विभागों में भेज दिया गया। बावजूद इसके न तो पर्यटन निगम का घाटा कम हुआ और ना ही संस्थापन दर। वित्तीय कुप्रबंधन का शिकार हुए पर्यटन निगम के हालात बद से बदतर होते चले गए। ताजा घटनाक्रम में कर्मचारियों में आक्रोश है और वह अपने भविष्य को सुरक्षित देखना चाहते हैं। 

दरअसल पर्यटन निगम प्रबंधन ने मार्च 2018 के बाद से पर्यटन निगम के कर्मचारियों के भविष्य निधि का पैसा जमा ही नहीं करवाया। पर्यटन निगम के 500 कर्मचारियों के हर महीने करीब 50 लाख  रुपए ईपीएफ में जमा करवाने होते हैं, लेकिन माली हालत खराब होने के चलते पर्यटन निगम में यह राशि पिछले 1 साल से जमा नहीं करवाई है। ऐसे में पर्यटन निगम कर्मचारियों के 6 करोड रुपए ईपीएफ में जमा होना शेष हैं। इस मामले में ईपीएफ की ओर से बार-बार पर्यटन निगम प्रबंधन को पत्र लिखकर चेतावनी जारी की गई, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। 

कर्मचारियों ने भी कई बार विरोध प्रदर्शन कर और ज्ञापन देकर प्रबंधन को इस मामले में चेताया, लेकिन प्रबंधन ने यह राशि जमा नहीं करवाई। सूत्रों का कहना है कि 1 वर्ष पहले भी राज्य सरकार 12 करोड़ पर कर्मचारियों के इपीएफ के बेटे एकमुश्त जारी किए थे। इस बार भी हालत कुछ ऐसे ही बन रहे हैं। पर्यटन निगम जल्द ही वित्त विभाग को एक पत्र लिखकर कर्मचारियों की ईपीएफ राशि के पेटे 10 करोड़ रुपए की मांग करेगा। इसके बाद ही कर्मचारियों के भविष्य निधि का पैसा जमा कराया जा सकेगा। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि सरकारी उपेक्षा का शिकार हुए पर्यटन निगम में अर्थ व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो चुकी है और अब तो कर्मचारियों के हितों की रक्षा भी नहीं की जा पा रही है।

... संवाददाता निर्मल तिवारी की रिपोर्ट 

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