पर्यटन क्षेत्र को मिलेगी संजीवनी,1 जून से खुलेंगे पर्यटन स्थल, शुरू में स्मारकों में प्रवेश रहेगा फ्री

जयपुर: राजस्थान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले पर्यटन उद्योग के लिए लंबे इंतजार के बाद आज अच्छी खबर आई है. 1 जून से पर्यटन शुरू किया जा रहा है. जिसके तहत प्रदेश के सभी स्मारक, संग्रहालय, नेशनल पार्क, टाइगर प्रोजेक्ट और सफारी तथा बायो लॉजिकल पार्क पर्यटकों के लिए खोल दिए जाएंगे. हालांकि इस समय पर्यटन के लिहाज से ऑफ सीजन चल रहा है लेकिन सरकार के प्रयास है कि हैं कि ऑफ सीजन के दौरान इस तरह की गतिविधियां शुरू की जाएं कि पर्यटन आने वाले दिनों में दोबारा मुख्यधारा में लौट सके. ध्यान रहे पर्यटन उद्योग को हो रहे नुकसान को लेकर फर्स्ट इंडिया न्यूज़ लगातार खबर प्रसारित करता रहा है. फर्स्ट इंडिया न्यूज़ में ही सबसे पहले जून में पर्यटन शुरू होने के संकेत भी दे दिए थे.

पर्यटन उद्योग को प्रतिदिन 10 करोड़ से ज्यादा का हुआ नुकसान:
दरअसल कोरोना संक्रमण के चलते प्रदेश में पर्यटन उद्योग को 18 मार्च को लॉक डाउन कर दिया गया था. 31 मई को प्रदेश में पर्यटन को बंद हुए ढाई महीने हो जाएंगे. इस दौरान पर्यटन उद्योग को प्रतिदिन 10 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है. 75 दिन के नुकसान का आकलन करें तो यह राशि 3500 करोड रुपए से ज्यादा की होती है. पर्यटन व्यवसाय से जुड़े तमाम स्टेक होल्डर जिनमें होटल, क्लब, बार, गाइड, ट्रांसपोर्ट, हस्तशिल्प, ज्वेलरी, इवेंट मैनेजमेंट के अलावा छोटे-छोटे वेंडर हॉकर सभी हाशिए पर आ गए हैं. विदेशी पर्यटकों की बात करें तो वर्ष 2021 तक की तमाम बुकिंग रद्द हो चुकी हैं. ट्रैवल ट्रेड से जुड़ी 10 हजार से ज्यादा छोटी बड़ी एजेंसी बंद हो चुकी हैं.

70 फ़ीसदी लोग प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से हुए बेरोजगार:
टूरिज्म ट्रेड से जुड़े 70 फ़ीसदी लोग प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से बेरोजगार हुए हैं. प्रदेश के पांच सितारा होटल से लेकर तमाम बजट होटल तक भारी घाटे में चले गए हैं. स्टाफ को या तो लंबी छुट्टी पर भेज दिया गया है या उनके वेतन में भारी कटौती की गई है. अब उम्मीद है तो सरकार से कि वह इस इंडस्ट्री को दोबारा से खड़ा करने के लिए न केवल रियायतें दे वरन आर्थिक पैकेज भी प्रदान करें. इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य के पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह, पर्यटन विभाग की प्रमुख सचिव श्रेया गुहा, निदेशक डॉ भंवरलाल सहित तमाम अफसरों के साथ बैठकर एक रिवाइवल प्लान तैयार किया है. रिवाइवल प्लान केेे तहत ही शुरुआत में स्मारकों में पर्यटकों का प्रवेश निशुल्क रहेगा. इस मामले में स्टेट वाइल्डलाइफ बोर्ड के सदस्य और ट्री हाउस रिसॉर्ट के मालिक सुनील मेहता साफ कहते हैं कि लॉक डाउन के इंडस्ट्री पर दो तरह के प्रभाव पड़ेंगे. इंडस्ट्री को अरबों खरबों का नुकसान हुआ है लेकिन लॉक डाउन हटने के बाद भारत से बाहर जाने वाले पर्यटक नए पर्यटन स्थलों की ओर मुड़ेंगे, इससे राजस्थान सहित पूरे देश को फायदा भी होगा.

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विदेशी पर्यटकों का अगले डेढ़ दो साल तक भारत आना संभव नहीं:
दरअसल भारत से करीब सवा करोड़ लोग हर साल विदेश भ्रमण के लिए जाते हैं. इसी तरह करीब 65 लाख विदेशी हर साल भारत घूमने आते हैं. कोविड-19 के चलते विदेशी पर्यटकों का अगले डेढ़ दो साल भारत आना संभव नहीं लगता. ऐसे में हालात सामान्य होने पर अगले एक-दो महीने में भारत से बाहर जाने वाले पर्यटकों को देश में ही सुरक्षित और प्राकृतिक नजारों से लबरेज नए पर्यटन स्थलों की तलाश रहेगी. पर्यटन उद्योग को इस स्थिति का ही लाभ उठाना है. घरेलू पर्यटकों को बेहतर और सुरक्षित सुविधाओं के साथ ऐसे पर्यटन स्थलों पर स्टे कराना चाहिए जो अभी मुख्यधारा में नहीं रहे. इसके लिए प्रदेश का पर्यटन महकमा पिछले 2 वर्ष से काफी मेहनत भी कर रहा है विभाग की प्रमुख सचिव श्रेया गुहा और उनकी टीम ने प्रदेश में नए पर्यटन स्थलों की तलाश की है और वहां आधारभूत सुविधाओं के विकास के भी प्रयास किए जा रहे हैं.

लॉकडाउन के बाद दोबारा से मुख्यधारा में लाना बड़ी चुनौती:
पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने भी साफ तौर पर कहा है कि पर्यटन को लॉक डाउन के बाद दोबारा से मुख्यधारा में लाना बड़ी चुनौती तो है लेकिन इसे एक अवसर के तौर पर देखना चाहिए। विश्वेंद्र सिंह ने सरकार से भी मांग की है कि इंडस्ट्री को दोबारा मजबूती से खड़ा करने के लिए सरकार जितने पैकेज, रियायत व अन्य तरह से मदद कर सकती है वह जल्दी से जल्दी करनी चाहिए. सूत्रों की मानें तो राज्य सरकार ने जो टूरिज्म इंडस्ट्री के लिए रिवाइवल प्लान तैयार किया है उसके तहत होटल इंडस्ट्री को टैक्स में छूट दी जा सकती है. पर्यटन स्थलों पर सोशल डिस्टेंसिंग ध्यान रखते हुए उन्हें शुरू किया जा रहा है. पर्यटन स्थलों पर प्रवेश शुल्क में कमी की गई है. विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए प्रदेश के पर्यटन उत्पादों का प्रचार-प्रसार भी तेजी से शुरू किया जाएगा. बहरहाल लॉक डाउन से नुकसान को लेकर टूर ऑपरेटर हो या फिर फॉरेन एक्सचेंजर सभी में भारी निराशा के भाव हैं.

प्रदेश की अर्थव्यवस्था के सबसे मजबूत स्तंभ:
कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था के सबसे मजबूत स्तंभ समझे जाने वाले पर्यटन उद्योग को जिस सरकारी संजीवनी की जरूरत कि वह मिल गई है. हालांकि अभी पैकेज की घोषणा नहीं हुई है लेकिन जिस तरह से 1 जून से प्रदेश में पर्यटन शुरू होने जा रहा है उससे उम्मीद की जा सकती है कि कोरोना से संघर्ष में टूरिज्म इंडस्ट्री ने जो दमखम दिखाया है निश्चित तौर पर राजस्थान उसमें सबसे आगे खड़ा दिखाई देगा.  

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